फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Farmer protest in Bathinda detained farmer released

Punjab: रिहा होकर गांव लौटे किसानों का जोरदार स्वागत, बोले- लाठी और आंसू गैस से नहीं डरे, अब आर-पार की लड़ाई

Sat, 07 Feb 2026 03:39 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम (पंजाब) Published by: अंकेश ठाकुर Updated Sat, 07 Feb 2026 03:39 PM IST
सार

एक दिन पहले शुक्रवार को बठिंडा में किसानों और पुलिस के बीच टकराव हो गया था। पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में लिया था, जिन्हें शनिवार को छोड़ दिया गया है। पुलिस हिरासत से बाहर आए किसानों का यूनियन के सदस्यों ने जोरदार स्वागत किया। 

विज्ञापन
Farmer protest in Bathinda detained farmer released
रिहा होकर गांव पहुंचे किसानों का सिरोपा भेंट कर सम्मान करते ग्रामीण और यूनियन नेता। - फोटो : संवाद

विस्तार

बठिंडा संघर्ष के दौरान पुलिस हिरासत में लिए गए किसानों की रिहाई के बाद गांवों में लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के सदस्यों और महिलाओं के जेल से बाहर आने पर ग्रामीणों ने उन्हें 'सिरोपा' भेंट कर सम्मानित किया। किसान नेताओं ने इसे 'लोक शक्ति' की जीत बताते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा और तेज करने का ऐलान किया है।

विज्ञापन


यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि बठिंडा कूच के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल सरकार की हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जनता के भारी दबाव और सरकार के साथ हुई बैठक के बाद प्रशासन को झुकना पड़ा, जिसके चलते सभी किसानों को थानों से रिहा किया गया। किसान नेताओं ने प्रेस को बताया कि बठिंडा जिले में जमीनी संघर्ष के चलते भगवंत मान सरकार ने दो प्रमुख नेताओं सगनदीप सिंह ज्यौंद और बलदेव सिंह चाओके को बिना जमानत जेल में बंद कर रखा है। इनकी रिहाई की मांग को लेकर ही 6 फरवरी को बठिंडा सचिवालय के अनिश्चितकालीन घेराव का आह्वान किया गया था, जिसे दबाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया।
विज्ञापन


नेताओं के मुताबिक, अकेले घराचों गांव से लगभग 40 किसानों और महिलाओं को हिरासत में लिया गया था। सैंकड़ों किसानों को हिरासत में लेने का दावा किया । रिहा होकर लौटे कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि वे सरकारी लाठियों और आंसू गैस के गोले से डरकर घरों में नहीं बैठेंगे। अब किसान और भी दुगने उत्साह के साथ सड़कों पर उतरकर इस अन्याय का विरोध करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed