{"_id":"686521ce1d7d156d6107e607","slug":"father-sold-newborn-baby-nine-including-asha-worker-arrested-in-human-trafficking-in-mandi-gobindgarh-2025-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"ये कैसा बाप: नवजात का कर दिया सौदा, चार लाख में बेचा... नोट निकले नकली, मानव तस्करी में शामिल आशा वर्कर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
ये कैसा बाप: नवजात का कर दिया सौदा, चार लाख में बेचा... नोट निकले नकली, मानव तस्करी में शामिल आशा वर्कर
Wed, 02 Jul 2025 06:19 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोबिंदगढ़ मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, गोबिंदगढ़ मंडी
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Wed, 02 Jul 2025 06:19 PM IST
सार
पंजाब में बेहद हैरान कर देने वाली घटना हुई है। यहां एक पिता ने अपने नवजात बच्चे का सौद कर दिया। पिता ने बच्चे को चार लाख रुपये में बेच दिया। इस मानव तस्करी के गोरखधंधे में आशा वर्कर समेत आठ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
पुलिस हिरासत में आरोपी।
- फोटो : संवाद
विस्तार
बच्चे के पैदा होते ही उसके पिता ने नवजात का सौदा कर दिया। पिता ने बच्चे को चार लाख रुपये में बेच दिया। लेकिन उसे जो रुपये मिले वो नकली थे। आरोपी पिता को दिए गए नोट नकली होने के बाद मानव तस्करी के इस गोरखधंधे का खुलासा हुआ। घटना पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ के निजी अस्पताल की है।
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चार महिलाओं समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राहत की बात यह है कि पुलिस ने नवजात को भी बरामद कर लिया है। नवजात को कोलकाता से बरामद कर आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। हैरानी की बात यह है कि इस मानव तस्करी में शामिल एक आशा वर्कर भी है।
मंडी गोबिंदगढ़ के एक निजी अस्पताल में 23 जून को एक पिता ने अपने नवजात बच्चे (लड़के) को चार लाख रुपये में बेच दिया था। बच्चे को बेचने के बाद जो रकम उसे मिली उसमें सभी नोट नकली थे। नकली नोट मिलने के बाद इस गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ। मामला पुलिस तक पहुंचा और पुलिस की गहन जांच के बाद बच्चे को कोलकाता से बरामद किया गया। फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने मानव तस्करी धंधे की इस खरीद-फरोख्त के काले कारोबार में शामिल आठ कथित आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
एसएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में एक आशा वर्कर और 4 महिलाएं शामिल हैं। 27 जून को पुलिस को सूचना मिली थी कि मंडी गोबिंदगढ़ के दीप अस्पताल में एक महिला ने बच्चे (लड़के) को जन्म दिया है। नवजात के पिता ने आशा वर्कर कमलेश कौर, उसके पति भीम सिंह, दाई चरण कौर और जालंधर निवासी अमनदीप कौर उर्फ अमृता के साथ मिलकर बच्चे को चार लाख रुपये में बेच दिया।
एसएसपी ने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने एसपी (डी) राकेश कुमार यादव व डीएसपी अमलोह गुरदीप सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की तथा मंडी गोबिंदगढ़ एसएचओ इंस्पेक्टर मनप्रीत सिंह व उनकी टीम ने 27 जून को तलजिंदर सिंह, कमलेश कौर, भीम सिंह, दाई चरण कौर व अमनदीप कौर को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि आरोपियों से चार लाख रुपये (नकली नोट) भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में आरोपियों ने बताया कि रूपिंदर कौर व बेअंत सिंह नवजात बच्चे को कोलकाता (पश्चिम बंगाल) ले गए हैं। शुभम अग्रवाल ने बताया कि पुलिस जांच के आधार पर पुलिस टीम ने कोलकाता पहुंचकर रूपिंदर कौर व बेअंत सिंह को 29 जून को गिरफ्तार कर लिया और मामले में कोलकाता निवासी प्रशांत पराशर को गिरफ्तार किया गया। नवजात बच्चे को बाल संरक्षण समिति कोलकाता के समक्ष पेश किया गया और आरोपी रूपिंदर कौर, बेअंत सिंह और प्रशांत पराशर को कोलकाता की अदालत में पेश कर प्रोडक्शन वारंट पर मंडी गोबिंदगढ़ लाया गया, जिनसे गहन पूछताछ जारी है।
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में आरोपियों ने बच्चे के पिता को डेढ़ लाख रुपये के नकली नोट दिए थे, जिसके बाद यह मामला पुलिस के संज्ञान में आया। एसएचओ मनप्रीत सिंह दयोल ने बताया कि जिस महिला का बच्चा पिता ने चोरी करके आगे बेचा उसके पास पहले भी दो बच्चे हैं।
विज्ञापन
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चार महिलाओं समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राहत की बात यह है कि पुलिस ने नवजात को भी बरामद कर लिया है। नवजात को कोलकाता से बरामद कर आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। हैरानी की बात यह है कि इस मानव तस्करी में शामिल एक आशा वर्कर भी है।
विज्ञापन
मंडी गोबिंदगढ़ के एक निजी अस्पताल में 23 जून को एक पिता ने अपने नवजात बच्चे (लड़के) को चार लाख रुपये में बेच दिया था। बच्चे को बेचने के बाद जो रकम उसे मिली उसमें सभी नोट नकली थे। नकली नोट मिलने के बाद इस गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ। मामला पुलिस तक पहुंचा और पुलिस की गहन जांच के बाद बच्चे को कोलकाता से बरामद किया गया। फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने मानव तस्करी धंधे की इस खरीद-फरोख्त के काले कारोबार में शामिल आठ कथित आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
एसएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में एक आशा वर्कर और 4 महिलाएं शामिल हैं। 27 जून को पुलिस को सूचना मिली थी कि मंडी गोबिंदगढ़ के दीप अस्पताल में एक महिला ने बच्चे (लड़के) को जन्म दिया है। नवजात के पिता ने आशा वर्कर कमलेश कौर, उसके पति भीम सिंह, दाई चरण कौर और जालंधर निवासी अमनदीप कौर उर्फ अमृता के साथ मिलकर बच्चे को चार लाख रुपये में बेच दिया।
एसएसपी ने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने एसपी (डी) राकेश कुमार यादव व डीएसपी अमलोह गुरदीप सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की तथा मंडी गोबिंदगढ़ एसएचओ इंस्पेक्टर मनप्रीत सिंह व उनकी टीम ने 27 जून को तलजिंदर सिंह, कमलेश कौर, भीम सिंह, दाई चरण कौर व अमनदीप कौर को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि आरोपियों से चार लाख रुपये (नकली नोट) भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में आरोपियों ने बताया कि रूपिंदर कौर व बेअंत सिंह नवजात बच्चे को कोलकाता (पश्चिम बंगाल) ले गए हैं। शुभम अग्रवाल ने बताया कि पुलिस जांच के आधार पर पुलिस टीम ने कोलकाता पहुंचकर रूपिंदर कौर व बेअंत सिंह को 29 जून को गिरफ्तार कर लिया और मामले में कोलकाता निवासी प्रशांत पराशर को गिरफ्तार किया गया। नवजात बच्चे को बाल संरक्षण समिति कोलकाता के समक्ष पेश किया गया और आरोपी रूपिंदर कौर, बेअंत सिंह और प्रशांत पराशर को कोलकाता की अदालत में पेश कर प्रोडक्शन वारंट पर मंडी गोबिंदगढ़ लाया गया, जिनसे गहन पूछताछ जारी है।
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में आरोपियों ने बच्चे के पिता को डेढ़ लाख रुपये के नकली नोट दिए थे, जिसके बाद यह मामला पुलिस के संज्ञान में आया। एसएचओ मनप्रीत सिंह दयोल ने बताया कि जिस महिला का बच्चा पिता ने चोरी करके आगे बेचा उसके पास पहले भी दो बच्चे हैं।