इबारत 2025: क्रिकेटर बेटियों ने दिलाया विश्वकप... पंजाब में इन नामों की रही खूब चर्चा, टूट गए कुछ सितारे
वर्ष 2025 अपने आखिरी पड़ाव पर है। पंजाब में पूरे साल में कई घटनाएं हुई हैं। प्रदेश की क्रिकेट बेटियों ने देश को विश्व कप दिलाया। नन्हें सिपाही ने पंजाब का मान बढ़ाया। वहीं कुछ सितारे टूट भी गए। पढ़िए इस साल पंजाब में कौन से बड़े चेहरे चर्चा में रहे
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पंजाब की क्रिकेटर बेटियों ने महिला विश्व कप में ऐतिहासिक जीत दिलाकर देशवासियों अनमोल तोहफा दिया। विश्व चैंपियन बेटियां साल भर खासी चर्चा में रहीं। वहीं, पुरुष टीम में चंडीगढ़ के युवा खिलाड़ी अभिषेक ने भी खूब नाम चमकाया। पंजाब के नन्हे वीर सिपाही श्रवण ने खूब तारीफ और सम्मान बटोरा। राष्ट्रपति और पीएम तक उसकी हिम्मत के कायल हो गए। आला सैन्य अधिकारियों ने भी उन्हें सैल्यूट किया। धार्मिक सजा को लेकर कई सियासी हस्तियां भी चर्चा में रहीं। इस बीच पंजाब की मिट्टी से जुड़े कई चर्चित कलाकार दुनिया को अलविदा कह गए। उनका यूं चले जाना पंजाबियों को गमगीन कर गया।
साडियां वर्ल्ड चैंपियन धीयां
पंजाब की वर्ल्ड चैंपियन बेटियां (धीयां) भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, अमनजोत कौर और हरलीन कौर इस साल खूब चर्चा में रहीं। हरमनप्रीत के नेतृत्व में देश ने पहली बार महिला क्रिकेट विश्व कप जीता। पंजाब आने पर सीएम भगवंत मान, वित्तमंत्री हरपाल चीमा, सांसद मीत हेयर समेत अन्य लोगों ने इनका खूब स्वागत किया। सीएम ने कप्तान को सम्मान देते हुए हरमनप्रीत कौर के नाम पर न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्टेडियम में पवेलियन स्टैंड बनवा दिया। साथ ही पूर्व भारतीय ऑल राउंडर युवराज सिंह का स्टैंड भी बनवाया गया।
पंजाब का छोटा सिपाही
इस साल ऑपरेशन सिंदूर तो सुर्खियों में रहा मगर इस युद्ध का एक छोटा से सिपाही फिरोजपुर के चक तरांवाली गांव निवासी श्रवण कुमार ने भी बड़ा मुकाम हासिल किया। इस दाैरान जब पाकिस्तान सीमा पर खासा तनाव था और ऐसे में सभी को घरों में रहने या घर छोड़कर चले जाने की अपील की जा चुकी थी, ऐसी स्थिति में यह 10 साल का बच्चा युद्ध में तैनात जवानों के लिए भोजन, पानी, दूध और लस्सी लेकर उन्हें देने जाता था। देश और सेना के प्रति इस बच्चे के जज्बे को पहले सेना ने सलाम किया और अब देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उसे सम्मानित किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी उससे मुलाकात की।
वल्टोहा और बैंस की माफी
शिरोमणि अकाली दल बादल के वरिष्ठ नेता विरसा सिंह वल्टोहा को अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने आदेश देकर 10 वर्षों के लिए राजनीति से निष्कासित किया था। अब अकाल तख्त के मौजूदा कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने वल्टोहा के माफीनामे पर गौर करने के साथ उनके धार्मिक सजा सुनाई और दोबारा राजनीतिक सरगर्मियां शुरू करने के लिए वल्टोहा ने बर्तन साफ कर अपनी धार्मिक सजा पूरी की। उधर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस भी श्री अकाल तख्त के सामने पेश हुए। जहां उन्हें जम्मू-कश्मीर में एक कार्यक्रम के दौरान सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करने के लिए तनखाहिया घोषित किया गया। धार्मिक भावनाओं को ठेस की गलती पर उन्होंने माफी भी मांगी।
थप्पड़ मार चमके जुझार
चमकौर साहिब के जुझार सिंह 24 अक्तूबर को अबू धाबी में इतिहास रचते हुए भारत के पहले पावर स्लैप चैंपियन बने। पावर स्लैप किंग बने जुझार ने रशियन प्लेयर एंटली ग्लुशका को एक थप्पड़ से हिला दिया। इस जीत के बाद जुझार सिंह ने पोस्ट कर कहा था- आज मेरा सपना पूरा हुआ। अब मैं पहला पावर स्लैप इंडियन चैंपियन बन गया हूं। इस उपलब्धि पर पंजाब के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने उन्हें सम्मान से नवाजा।
अभिषेक छाए, शुभमन बाहर
अमृतसर के युवा क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने भी इस साल बुलंदियों को छुआ। उनके क्रिकेटर पिता राज शर्मा देश के लिए नहीं खेल पाए मगर अभिषेक ने अपने पिता का सपना पूरा कर दिया। इस साल टी-20 में अभिषेक ने शानदार खेल का प्रदर्शन कर कई उपलब्धियां हासिल करते हुए सुर्खियां बटोरी। दूसरी ओर जाता हुआ साल फाजिल्का के शुभमन गिल के मामले में मायूस भी कर गया। शुभमन को इसी साल टेस्ट मैच की कप्तानी मिली तो पिछले दिनों खराब फाॅर्म की वजह से उन्हें अगले साल होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप की टीम से बाहर कर दिया गया है।
छोड़ गए धर्मेंद और भल्ला जी
हिंदी फिल्म जगत दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का इसी साल नंवबर में हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार थे। धर्मेंद्र का खासा लगाव पंजाब से रहा। लुधियाना के साहनेवाल में जन्मे धर्मेंद्र की जड़ें पंजाब में बहुत गहरी रहीं। जिस स्कूल में धर्मेंद्र पढ़ते थे वहीं उनके पिता पढ़ाते भी थे। जब उनके मन में अभिनय का बीज पनपा तो उन्होंने बाॅलीवुड का रुख कर कड़े संघर्ष के बाद खुद को साबित कर दिखाया। उधर, अगस्त में पंजाबी कलाकार जसविंदर भल्ला का भी निधन हो गया। पीएयू में सहायक प्रोफेसर थे लेकिन पंजाबी फिल्मों में उनकी कला का कद बहुत बड़ा था। गजब के काॅमेडी किंग का यूं चले जाना पंजाबियों को खूब खलता है। उन्होंने टेलीविजन सीरियल छनकाटा (1988) से प्रसिद्धि हासिल की।
खामोश हो गए संगीत सम्राट
गायकी में कई बड़े कलाकार को पैदा करने वाले पंजाब के बड़े संगीत सम्राट पूरन शाह कोटी भी साल के अंत में दुनिया को अलविदा कह गए। उनका जाना ऐसा था मानो कई संगीत कलाकारों के सिर से पिता का साया ही उठ गया हो। उनके सुपुर्द-ए-खाक की रस्म पर संगीत जगत के बड़े सितारे पहुंचे। प्रख्यात गायक हंस राज हंस तो घंटों उनके पैरों के पास ही बैठे आंसू बहाते रहे। वे मशहूर बॉलीवुड सिंगर मास्टर सलीम के पिता थे। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे।
फिर नहीं लाैटे जवंदा
पंजाबी सिंगर राजवीर जवंदा 7 सितंबर को बद्दी से बाइक पर शिमला के लिए निकले थे। बताते हैं कि पत्नी अशविंदर ने रोका था, बाइक से मत जाओ मगर जवंदा बोले- कुछ नहीं होगा, जल्दी लौट आऊंगा...। उसके बाद फिर जवंदा कभी लौटकर नहीं आए। पिंजौर के पास उसकी बाइक का एक्सीडेंट हो गया। 11 दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते हुए गायकी का यह उभरता सितारा कम उम्र में ही दुनिया से रुखसत हो गया।
घुम्मन की मौत का राज
टाइगर-3 में सलमान के साथ दिखने वाले पंजाब के प्रख्यात वेजिटेरियन बॉडी बिल्डर एवं एक्टर वरिंदर घुम्मन का 43 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान 2 बार हार्ट अटैक आए जिससे उनकी मौत हो गई मगर 6.2 फीट लंबे और 140 किलो भारी घुम्मन को हार्ट अटैक कैसे आ गया, यह राज ही रह गया। उन्हें बॉडी बिल्डिंग में द हीमैन ऑफ इंडिया के नाम से जाना जाता था। उन्होंने 2009 में मिस्टर इंडिया का खिताब जीता था। मिस्टर एशिया प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रहे थे। वरिंदर ने फिल्म इंडस्ट्री में भी अपनी पहचान बनाई।