फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Chief Minister Health Scheme Cashless Treatment High-Risk Cesarean Deliveries Newborn Care Case

मुख्यमंत्री सेहत योजना: 5300 हाई-रिस्क सिजेरियन डिलीवरी, 2000 से अधिक नवजात देखभाल मामलों में कैशलेस इलाज

Tue, 26 May 2026 02:08 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Tue, 26 May 2026 02:08 PM IST
सार

शोधकर्ताओं का कहना है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की महिलाएं सबसे अधिक रिस्क का सामना करती हैं, जिससे मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता कार्यक्रमों को और मजबूत करने की आवश्यकता स्पष्ट होती है।

विज्ञापन
Chief Minister Health Scheme Cashless Treatment High-Risk Cesarean Deliveries Newborn Care Case
मुख्यमंत्री सेहत योजना - फोटो : अमर उजाला/फाइल

विस्तार

पंजाब सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के माध्यम से हाई-रिस्क गर्भावस्था एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष रूप से मजबूती मिल रही है। 
विज्ञापन

भारत के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5) पर आधारित एक महत्वपूर्ण अध्ययन के अनुसार, देश में लगभग हर दो में से एक गर्भावस्था हाई-रिस्क श्रेणी में आती है।

परिस्थितियां जैसे कि शिक्षा का अभाव, गरीबी, दो गर्भधारण के बीच कम अंतराल, पूर्व प्रसव जटिलताएं तथा पहले हुए सिजेरियन ऑपरेशन मां और शिशु दोनों के लिए रिस्क पैदा करते हैं।
विज्ञापन

 
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी  से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 25 मई तक योजना के तहत मातृत्व एवं नवजात देखभाल के कुल 7300 मामलों में इलाज प्रदान किया गया, जिन पर लगभग 7.04 करोड़ ख़र्च हुए। इनमें 5,300 हाई-रिस्क सिजेरियन डिलीवरी के मामले शामिल रहे, जिन पर 6.37 करोड़ ख़र्च किए गए। यह आंकड़े पंजाब में हाई-रिस्क गर्भावस्था और आपातकालीन प्रसूति सेवाओं में योजना की बढ़ती भूमिका को दर्शाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पटियाला की 28 वर्षीय लाभार्थी दीपिका, जिन्हें गर्भावस्था के दौरान एनीमिया सहित कई जटिलताओं का सामना करना पड़ा, ने बताया कि उनका सिजेरियन ऑपरेशन सेहत-कार्ड के तहत पूरी तरह से कैशलेस हुआ। उनके पति मनोज ने कहा कि पूरा इलाज बिना किसी आर्थिक बोझ के सुचारु रूप से सम्पन्न हुआ, जो उनके लिए राहत की बात है। 

इसी तरह 31 वर्षीय दीक्षा सोनकर ने अपने तीसरे बच्चे के जन्म के दौरान 'पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज' अस्पताल में समय पर मातृत्व एवं नवजात देखभाल प्राप्त की, जहां पूरा इलाज योजना के तहत कैशलेस हुआ। उनके पति विकास सोनकर ने कहा कि परिवार में किसी के अस्पताल जाने की नौबत आते ही आर्थिक तनाव बढ़ जाता है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी,पंजाब के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत विभिन्न पैकेजों में कुल 2,094 नवजात शिशुओं का उपचार किया गया। 

बेसिक नियोनेटल केयर, जो उन शिशुओं को सहायता प्रदान करती है जिनका उपचार उनकी माताओं के साथ-साथ किया जाता है, के अंतर्गत 881 नवजातों का इलाज हुआ, जिन पर 5.82 लाख खर्च हुए। 
इसी प्रकार,अल्प अवधि के इंटेंसिव केयर यूनिट उपचार की आवश्यकता वाले 777 नवजातों को स्पेशल नियोनेटल केयर पैकेज के तहत लाभ मिला, जिस पर 28.27 लाख ख़र्च हुए। इंटेंसिव नियोनेटल केयर पैकेज के अंतर्गत 207 नवजातों को कन्टीन्यूअस पॉज़िटिव एयरवे प्रेशर सपोर्ट, 24 घंटे से कम वेंटिलेशन तथा नवजात संक्रमण जैसी गंभीर स्थितियों के उपचार हेतु सहायता दी गई, जिस पर 15.65 लाख ख़र्च किए गए।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1,200 से 1,499 ग्राम वजन वाले अथवा लंबे समय तक वेंटिलेटर सहायता की आवश्यकता वाले 116 अत्यंत संवेदनशील नवजातों को एडवांस्ड नियोनेटल केयर प्रदान की गई, जिस पर 9.30 लाख ख़र्च हुए।

इसके अतिरिक्त, समयपूर्व जन्म, बहु-अंग जटिलताओं या गंभीर चिकित्सीय अस्थिरता से जूझ रहे 64 नवजातों को क्रिटिकल नियोनेटल केयर उपलब्ध करवाई गई, जिस पर 7.88 लाख ख़र्च हुए। इसके अलावा,18 नवजातों को दीर्घकालिक क्रॉनिक नियोनेटल केयर सहायता भी प्रदान की गई। इसके अलावा, दीर्घकालिक नवजात देखभाल के तहत 17 शिशुओं को शामिल किया गया, जिन्हें ब्रोंकोपल्मोनरी डिस्प्लेसिया और नेक्रोटाइजिंग एंटेरोकोलाइटिस जैसी गम्भीर स्थितियों के लिए लंबे समय तक इलाज की आवश्यकता पड़ी, जिसकी लागत 56 हजार रही।


 मुख्यमंत्री सेहत योजना' राज्यभर के परिवारों के लिए एक बड़े स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में उभर रही है। अब तक इस योजना के तहत लगभग 44.8 लाख रजिस्ट्रेशन की जा चुकी हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed