सीएसआईओ का स्वदेशी कमाल: लड़ाकू विमानों के लिए बनाया एचयूडी मॉड्यूल, आसमान से नहीं हटेगी पायलट की नजर
एचयूडी के लिए मॉड्यूल का विकास रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विमान की एवियोनिक्स प्रणाली में इस्तेमाल होने वाले सटीक ऑप्टिकल और मैकेनिकल उपकरण अहम भूमिका निभाते हैं।
विस्तार
लड़ाकू विमान उड़ाते समय पायलट को बार-बार कॉकपिट में लगे उपकरणों की ओर न देखना पड़े, इसके लिए सीएसआईआर-केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसआईओ) ने स्वदेशी हेड-अप डिस्प्ले (एचयूडी) के लिए विशेष ऑप्टो-मैकेनिकल मॉड्यूल विकसित किया है।
यह मॉड्यूल पायलट की सीधी नजर के सामने उड़ान से जुड़ी जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से दिखाने वाली प्रणाली का अहम हिस्सा है। इससे पायलट का ध्यान उड़ान के रास्ते से कम हटेगा और लड़ाई और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तेजी से निर्णय लेने में मदद मिल सकती है।
तकनीक की खासियत
- नजर के सामने जानकारी: हेड-अप डिस्प्ले में विमान की उड़ान से जुड़े जरूरी पैरामीटर पायलट की सीधी नजर के सामने दिखाई देते हैं।
- उपकरणों को बार-बार देखने की जरूरत नहीं: पायलट का ध्यान उड़ान के रास्ते से कम हटता है और उसे तेजी से निर्णय लेने में मदद मिल सकती है।
- सटीक ऑप्टिकल तकनीक: सीएसआईओ के मॉड्यूल में हाई-प्रिसिजन रिफ्लेक्शन और कोलिमेशन ऑप्टिक्स का इस्तेमाल किया गया है।
- स्पष्ट डिस्प्ले: मॉड्यूल प्रकाश को सही दिशा में परावर्तित करने और जरूरी जानकारी को उचित स्थिति में दिखाने में मदद करता है।
- लड़ाकू विमानों में उपयोगी: तेज गति और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पायलट को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में यह तकनीक अहम भूमिका निभा सकती है।
तीन हिस्सों से मिलकर बनता है एचयूडी
- तीन प्रमुख हिस्से: एचयूडी में ऑप्टो-मैकेनिकल असेंबली, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं डिस्प्ले असेंबली और अप-फ्रंट कंट्रोल पैनल शामिल हैं।
- सीएसआईओ का योगदान: संगठन ने एचयूडी की ऑप्टो-मैकेनिकल असेंबली विकसित की है।
- उपकरणों की सटीक फिटिंग: मॉड्यूल ऑप्टिकल उपकरणों को मजबूती और सटीकता से स्थापित करता है।
- प्रकाश का सही परावर्तन: यह प्रकाश को उचित दिशा में परावर्तित करने में मदद करता है।
- स्पष्ट जानकारी: इसका उद्देश्य उड़ान से जुड़ी जरूरी जानकारी को पायलट की नजर के सामने सही स्थान पर स्पष्ट रूप से दिखाना है।
स्वदेशी तकनीक से घटेगी बाहरी निर्भरता
एचयूडी के लिए मॉड्यूल का विकास रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विमान की एवियोनिक्स प्रणाली में इस्तेमाल होने वाले सटीक ऑप्टिकल और मैकेनिकल उपकरण अहम भूमिका निभाते हैं। देश में ऐसी तकनीक विकसित होने से भविष्य में इन प्रणालियों के निर्माण और विकास में विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
डॉ. हैरी गर्ग हैं प्रमुख अन्वेषक
सीएसआईओ के निदेशक डॉ. शांतनु भट्टाचार्य ने बताया कि इस तकनीक के प्रमुख अन्वेषक डॉ. हैरी गर्ग हैं। इसके तकनीकी साझेदार के रूप में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, पंचकूला जुड़ा है। यह पहल कॉकपिट में एक अतिरिक्त स्क्रीन लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पायलट को उड़ान पर ध्यान केंद्रित रखते हुए जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है।