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नशा मुक्त पंजाब: 9580 केस, 16000 से गिरफ्तारियां... 11000 करोड़ की ड्रग मनी, अब क्या है सरकार की प्लानिंग?
Mon, 09 Jun 2025 06:12 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 09 Jun 2025 06:12 PM IST
सार
नशा मुक्त पंजाब के तहत सरकार की तरफ से चलाई जा रही युद्ध नशे के विरुद्ध मुहिम के तहत अब तक 9580 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं 16000 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारियां और 11000 करोड़ की ड्रग मनी बरामद की जा चुकी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की तरफ से नशा मुक्त पंजाब अभियान के तहत युद्ध नशे के विरुद्ध मुहीम चलाई जा रही है। इसी मुहीम को लेकर पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा जानकारी साझा की है।
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मंत्री चीमा ने कहा कि युद्ध नशे के विरुद्ध एक बहुत बड़ी मुहीम है। पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुआई में अभियान को चलाया जा रहा है। इस मुहीम के तहत अब तक राज्य में एनडीपीएस एक्ट (नशा तस्करी) के तहत 9580 से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में लगभग 16,000 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। वहीं पकड़े गए नशा तस्करों से 11,000 करोड़ रुपये (ड्रग मनी) बरामद की जा चुकी है।
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#WATCH | चंडीगढ़ | पंजाब सरकार में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "युद्ध नशे के विरुद्ध एक बहुत बड़ी मुहीम है जो पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुआई में चल रही है। अब तक हमने राज्य में NDPS एक्ट के तहत 9580 से ज़्यादा मामले दर्ज किए हैं, जिनमें से हमने लगभग 16,000 से ज़्यादा… pic.twitter.com/QYoLSp2TYc
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 9, 2025
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मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बहुत जल्द पंजाब नशा मुक्ति बनेगा। उन्होंने बताया कि सोमवार को चंडीगढ़ में युद्ध नशे के विरुद्ध कमेटी की बैठक हुई है, जिसमें हमने इस अभियान को आगे बढ़ने और नए इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर चर्चा की है। इसके तहत अब हमने सरकारी और निजी अस्पतालों में 1000 अतिरिक्त बेड और 200 मनोचिकित्सकों सहित अतिरिक्त बुनियादी ढांचे की अनुमति दी है, जिन्हें हम सूचीबद्ध करेंगे। इसके तहत नर्सिंग होम में भी अतिरिक्त बेड की सुविधा की जा रही है। ताकि मरीजों की संख्या बढ़ने पर उन्हें वहां शिफ्ट किया जा सके। वहीं जिन 200 मनोचिकित्सकों की सेवाएं ली जाएंगी उन्हें सरकार की तरफ से हर घंटे के हिसाब से मानदेय दिया जाएगा। इन मनोचिकित्सकों की हर दिन दो घंटे के लिए सेवाएं ली जाएंगी और उन्हें 1500 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से वहन करेंगे।