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Punjab Bypolls: भाजपा ने किया उम्मीदवारों का एलान, गिद्दड़बाहा से मनप्रीत बादल, चब्बेवाल सीट पर मंथन जारी
Tue, 22 Oct 2024 06:18 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Tue, 22 Oct 2024 06:18 PM IST
सार
पंजाब में चार विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने तीन उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। गिद्दड़बाहा सीट पर मनप्रीत बादल को टिकट दिया है।
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पंजाब भाजपा नेता सुनील जाखड़ और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब में विधानसभा की चार सीटों पर उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। अभी भाजपा ने डेरा बाबा नानक, गिद्दड़बाहा और बरनाला सीट पर ही प्रत्याशियों की घोषणा की है। वहीं, चब्बेवाल सीट पर उम्मीदवार को फाइनल करने के लिए मंथन जारी है। गिद्दड़बाहा सीट से मनप्रीत बादल को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, डेरा बाबा नानक से सरदार रविकरण काहलों और बरनाला केवल सिंह ढिल्लों को टिकट दिया गया है।
पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल कांग्रेस छोड़कर करीब डेढ़ साल पहले ही भाजपा में शामिल हुए हैं। पंजाब के सीएम भगवंत मान को राजनीति में लाने का श्रेय मनप्रीत बादल को ही जाता है। मनप्रीत ने ही 2011 में अपनी पार्टी 'पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब' (पीपीपी) में भगवंत मान को शामिल कर 2012 विधानसभा चुनाव में लहरा सीट से प्रत्याशी बनाया था। भगवंत मान पीपीपी के चुनाव चिह्न पतंग के साथ चुनाव मैदान में उतरे लेकिन उनकी पतंग उड़ान नहीं भर सकी। इसके बाद मनप्रीत ने जब पीपीपी का कांग्रेस में विलय करने का एलान किया तो भगवंत मान ने न सिर्फ पीपीपी बल्कि मनप्रीत बादल से भी नाता तोड़ लिया था।
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डेरा बाबा नानक से भाजपा प्रत्याशी रविकरण काहलों निर्मल सिंह काहलों के बेटे हैं। निर्मल सिंह काहलों को पूर्व सीएम प्रकाश बादल के बेहद नजदीक माना जाता था। निर्मल सिंह काहलों अपने जीवन काल के दौरान जिला गुरदासपुर के हलका फतेहगढ़ चूड़ियां से विधायक का चुनाव लड़ते रहे। शिरोमणि अकाली दल बादल की सरकार के समय कैबिनेट मंत्री और पंजाब विधानसभा के स्पीकर के पद पर भी रहे।
बरनाला सीट से भाजपा उम्मीदवार केवल सिंह ढिल्लों भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। जब वह कांग्रेस में थे तब बरनाला विधानसभा सीट पर वर्ष 2007 से 2017 तक कांग्रेस काबिज रही है। केवल सिंह ढिल्लों यहां से जीत दर्ज करते रहे हैं, लेकिन वर्ष 2017 में गुरमीत सिंह मीत हेयर ने यहां से जीत दर्ज करके आप की झोली में यह सीट डाल दी और 2022 विधानसभा चुनाव में भी अपनी जीत जारी रखी।
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पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल कांग्रेस छोड़कर करीब डेढ़ साल पहले ही भाजपा में शामिल हुए हैं। पंजाब के सीएम भगवंत मान को राजनीति में लाने का श्रेय मनप्रीत बादल को ही जाता है। मनप्रीत ने ही 2011 में अपनी पार्टी 'पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब' (पीपीपी) में भगवंत मान को शामिल कर 2012 विधानसभा चुनाव में लहरा सीट से प्रत्याशी बनाया था। भगवंत मान पीपीपी के चुनाव चिह्न पतंग के साथ चुनाव मैदान में उतरे लेकिन उनकी पतंग उड़ान नहीं भर सकी। इसके बाद मनप्रीत ने जब पीपीपी का कांग्रेस में विलय करने का एलान किया तो भगवंत मान ने न सिर्फ पीपीपी बल्कि मनप्रीत बादल से भी नाता तोड़ लिया था।
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डेरा बाबा नानक से भाजपा प्रत्याशी रविकरण काहलों निर्मल सिंह काहलों के बेटे हैं। निर्मल सिंह काहलों को पूर्व सीएम प्रकाश बादल के बेहद नजदीक माना जाता था। निर्मल सिंह काहलों अपने जीवन काल के दौरान जिला गुरदासपुर के हलका फतेहगढ़ चूड़ियां से विधायक का चुनाव लड़ते रहे। शिरोमणि अकाली दल बादल की सरकार के समय कैबिनेट मंत्री और पंजाब विधानसभा के स्पीकर के पद पर भी रहे।
बरनाला सीट से भाजपा उम्मीदवार केवल सिंह ढिल्लों भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। जब वह कांग्रेस में थे तब बरनाला विधानसभा सीट पर वर्ष 2007 से 2017 तक कांग्रेस काबिज रही है। केवल सिंह ढिल्लों यहां से जीत दर्ज करते रहे हैं, लेकिन वर्ष 2017 में गुरमीत सिंह मीत हेयर ने यहां से जीत दर्ज करके आप की झोली में यह सीट डाल दी और 2022 विधानसभा चुनाव में भी अपनी जीत जारी रखी।