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बार्डर एरिया के किसानों को फसल के नुकसान का मुआवजा जारी
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 16 May 2014 11:21 PM IST
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पंजाब के भारत-पाक के सीमावर्ती जिलों में एलओसी के साथ लगती कृषि योग्य भूमि में पैदावार करने की असमर्थता के कारण फसल से होने वाली आय के हो रहे नुकसान के लिए पंजाब के राजस्व विभाग ने प्रति एकड़ के हिसाब से 10 हजार रुपये मुआवजा जारी कर दिया है।
विभाग के विशेष सचिव एसएस खैहरा ने हाईकोर्ट में चल रहे मामले में शपथ पत्र के माध्यम से यह जानकारी देते हुए बताया कि 6500 रुपये के हिसाब से मुआवजा पहले ही जारी किया जा चुका था और एक जनवरी से लेकर 31 मार्च तक का बकाया वित्तायुक्त को जारी कर दिया गया है।
हाईकोर्ट ने मुआवजा बढ़ाकर 10 हजार रुपये देने का निर्देश राज्य सरकार को दिया था। बार्डर एरिया किसान वेलफेयर सोसायटी ने जनहित याचिका दायर करके आरोप लगाया था कि किसान एलओसी के पास बीएसएफ के प्रतिबंधों की वजह से काफी भूमि पर फसल लगाने में असमर्थ रहते हैं।
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किसानों को ऊंचाई वाली फसलों की इजाजत नहीं है। व्यापारिक तौर पर लाभांवित फसलों के लिए राज्य सरकार ने नीति नहीं बनाई। एलओसी पर कंटीली तार पंजाब के क्षेत्र में काफी भीतर आकर लगाई गई, जिससे काफी जमीन पर खेती नहीं हो पाती।
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विभाग के विशेष सचिव एसएस खैहरा ने हाईकोर्ट में चल रहे मामले में शपथ पत्र के माध्यम से यह जानकारी देते हुए बताया कि 6500 रुपये के हिसाब से मुआवजा पहले ही जारी किया जा चुका था और एक जनवरी से लेकर 31 मार्च तक का बकाया वित्तायुक्त को जारी कर दिया गया है।
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हाईकोर्ट ने मुआवजा बढ़ाकर 10 हजार रुपये देने का निर्देश राज्य सरकार को दिया था। बार्डर एरिया किसान वेलफेयर सोसायटी ने जनहित याचिका दायर करके आरोप लगाया था कि किसान एलओसी के पास बीएसएफ के प्रतिबंधों की वजह से काफी भूमि पर फसल लगाने में असमर्थ रहते हैं।
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किसानों को ऊंचाई वाली फसलों की इजाजत नहीं है। व्यापारिक तौर पर लाभांवित फसलों के लिए राज्य सरकार ने नीति नहीं बनाई। एलओसी पर कंटीली तार पंजाब के क्षेत्र में काफी भीतर आकर लगाई गई, जिससे काफी जमीन पर खेती नहीं हो पाती।