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Punjab: बीबी जागीर कौर ने ‘शिरोमणि अकाली पंथ’ बनाने का किया एलान, संगत ने नारे के साथ दी सहमति
Sat, 03 Jun 2023 11:14 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, बेगोवाल, कपूरथला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बेगोवाल, कपूरथला (पंजाब)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 03 Jun 2023 11:14 PM IST
सार
बेगोवाल में संत प्रेम सिंह मुराले वालों के 73वें वार्षिक समारोह में घोषणा की गई। इस मौके पर मौजूद संगत ने ‘बोले सो निहाल’ के जयकारे के साथ सहमति दी।
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बीबी जागीर कौर ने ‘शिरोमणि अकाली पंथ’ बनाने का किया एलान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) प्रधान के चयन में लिफाफा कल्चर का विरोध करने वाली अकाली दल की पूर्व नेता बीबी जागीर कौर ने बेगोवाल में संत प्रेम सिंह मुराले वालों के 73वें वार्षिक समारोह के अंतिम दिन नई धार्मिक संस्था ‘शिरोमणि अकाली पंथ’ के गठन का एलान किया। इस मौके पर मौजूद संगत ने ‘बोले सो निहाल’ के जयकारे के साथ सहमति दी।
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बीबी जागीर कौर ने कहा कि सिख धर्म की संस्थाओं को एकमंच पर आने की जरूरत उस समय से महसूस की जा रही थी, जब एसजीपीसी चुनाव में लिफाफा कल्चर को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि वह संत प्रेम सिंह जी के इस पवित्र स्थान से प्रण लेती है कि जब तक उनकी सांसें चलेंगी, तब तक हर सांस के साथ सिख सिद्धांतों पर पहरा दिया जाएगा।
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उन्होंने आह्वान किया कि सभी को सिख कौम व पंथ की पुरातन शान को बहाल करवाने और खालसा पंथ की चढ़दी कला के लिए अपना योगदान डालना होगा। उन्होंने कहा कि सिख कौम के सामने पेश किए गए इस पंथक एजेंडें में सिख जगत की सबसे सिरमौर संस्था एसजीपीसी का स्वतंत्र, खुद मुख्तियार व पंथक रुतबा बहाल करना सबसे पहला लक्ष्य होगा।
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जब से एसजीपीसी अस्तित्व में आई है तब से अब तक कमेटी ही धार्मिक, सियासी व सामाजिक क्षेत्र में सिख पंथ की अगुवाई करती आई है, लेकिन पिछले कुछ दशकों से एसजीपीसी की इस आजाद, खुद मुख्तियार व पंथक हस्ती को जबरदस्त चोट लगती आ रही है। इस मौके पर एसजीपीसी सदस्य करनैल सिंह पंजोली, जगजीत सिंह गाबा, पीपी सिंह, हरभजन सिंह, एनपी सिंह, गुरिंदरजीत सिंह भुल्लर, एडवोकेट कुलवंत सिंह सहगल, मक्खन सिंह धालीवाल, बलजीत सिंह हमीरा, एसजीपीसी सदस्य परमजीत सिंह रायपुर, सुरिंदर सिंह रूबी, हरजीत सिंह बराड़, पलविंदर सिंह धालीवाल, गुरदीप सिंह तुली, बलविंदर सिंह डाेगरांवाल, प्रभजोत सिंह धालीवाल, हैप्पी जुल्का, सतनाम सिंह सरपंच, जोरावर सिंह, राजिंदर सिंह लाडी, अवतार सिंह मुल्तानी, नंबरदार भजन सिंह भदास, जसवीर सिंह गोगी, परमजीत सिंह रेरू, ज्ञानी गुरमिंदर सिंह, बाबा महिंदर सिंह मकसूदपुर वाले, जत्थेदार गुरदयाल सिंह सुल्तानपुर लोधी, जत्थेदार उड़ा सिंह, सुखदेव सिंह भटनूरां, रणजीत सिंह बिट्टू, लखविंदर सिंह समेत भारी संख्या में संगत मौजूद थी।
एसजीपीसी को आजाद करवाना पहला मकसद
उन्होंने कहा कि सिख पंथ से उनका पहला वादा है कि जत्थेबंदी को मजबूत करके एसजीपीसी जैसी इस महान संस्था को आजाद करवाया जाए। साथ ही इसकी खुद मुख्तियारी व पंथक रुतबा बहाल किया जाएगा। शिरोमणि कमेटी की प्रतिनिधित्व जत्थेबंदी है।
इसके कामकाज की भूमिका को सही मायनों में प्रतिनिधित्व जत्थेबंदी के तौर पर चलाकर पंथक एकता के लिए माहौल सिरजने के लिए प्लेटफार्म तैयार किया जाएगा। नवगठित संस्था की ओर से कुछ कौमी मुद्दे जैसे बंदी सिंहों की रिहाई का मामला, सियासी तौर पर अलग-थलग सिखों के ग्रुपों को एकजुट करना और गैर सियासी सिख हस्तियों व कार्यकर्ताओं को साथ जोड़ना के अलावा कई अहम मुद्दों को उठाया जाएगा।