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बठिंडा जेल में अंडर ट्रायल कैदी की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
Updated Sat, 12 Jul 2014 10:47 PM IST
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केंद्रीय जेल में एक अंडर ट्रायल कैदी की मौत से भड़के परिजनों ने केंद्रीय जेल के आगे धरना देकर जेल प्रबंधक और जेल डॉक्टर के खिलाफ प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप था कि अंडर ट्रायल कैदी गुरदीप की मौत जेल अधिकारियों व डॉक्टर की लापरवाही से हुई है। डीसी बठिंडा ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी किए हैं।
मृतक गुरदीप के भाई राजा सिंह और गुरदीप की पत्नी कुलदीप कौर ने बताया कि वीरवार रात करीब 11 बजे जेल में बंद गुरदीप सिंह की तबीयत अचानक खराब हो गई थी जिसके चलते रात करीब 2 बजे गुरदीप की मौत हो गई। लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें सुबह 5 बजे खबर दी। उनका कहना है कि शनिवार सुबह जब वे जेल में गुरदीप की मौत के कारणों को जानने पहुंचे तो गुरदीप के एक साथी कैदी ने बताया कि गुरदीप को सीने में मामूली दर्द की शिकायत के बाद जेल अस्पताल पहुंचा दिया गया था लेकिन वहां डॉक्टर की लापरवाही के चलते गुरदीप का समय पर इलाज नहीं हो पाया।
इससे भड़के गुरदीप के परिजनों और मोहल्ला निवासियों ने जेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर जेल के आगे ही धरना लगा दिया। सुनवाई न होती देख लोग भड़क गए। उन्होंने सिविल अस्पताल के ठीक सामने जीटी रोड पर पर जाम लगा दिया। वहीं मामला गंभीर होता देख डीएसपी सिटी गुरजीत सिंह रोमाणा प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी इंसाफ की मांग पर डटे रहे। डीएसपी रोमाणा ने मामले की जांच का आश्वासन देकर जाम हटवाया।
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बेबुनियाद हैं आरोप : जेल सुपरिंटेंडेंट
जेल सुपरिंटेंडेंट राजमहिंदर सिंह धारीवाल का कहना है कि गुरदीप की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है और जेल प्रशासन पर लापरवाही के लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। जेल प्रशासन ने सही समय पर गुरदीप को जेल में ही बने अस्पताल में भर्ती करवाकर उसका इलाज शुरू करवा दिया था। वहीं पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी बठिंडा ने एक मीटिंग कर पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी किए हैं।
छह जुलाई को किया गया था गिरफ्तार
अवैध शराब बरामद होने के आरोप में बठिंडा सेंट्रल जेल में बंद अंडर ट्रायल कैदी गुरदीप सिंह की शुक्रवार को संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। शुक्रवार को उसकी जमानत भी हो चुकी थी। मृतक के बेटे दर्शन सिंह ने नारकोटिक्स सेल पर अवैध शराब के झूठे केस में फंसाने के आरोप लगाए। वहीं एंटी नारकोटिक्स सेल के प्रभारी जसबीर सिंह ने आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। दर्शन सिंह वासी अमरपुरा बस्ती ने बताया कि उसके पिता टैक्सी चलाते थे। 6 जुलाई को पुलिस ने उसके पिता के पास से दो बोतल अवैध शराब मिलने पर गिरफ्तार कर जेल मे बंद कर दिया था।
दर्शन का आरोप है कि पुलिस वालों ने उसके पिता को थाने ले जाकर कहा था कि अगर वह उन्हें चार पेटी शराब खरीद कर देगा तो उसे छोड़ दिया जाएगा। पुलिस से पीछा छुड़ाने के लिये गुरदीप ने ऐसा ही किया। दर्शन ने कहा कि इसके बाद पुलिस वालों ने उसके पिता से और शराब की मांग की थी। लेकिन जब उसके पिता ने इसके लिए मना किया तो पुलिस उसके पिता को अपने साथ ले गए और थाना कैनाल कालोनी में मामला दर्ज करवा दिया।
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मृतक गुरदीप के भाई राजा सिंह और गुरदीप की पत्नी कुलदीप कौर ने बताया कि वीरवार रात करीब 11 बजे जेल में बंद गुरदीप सिंह की तबीयत अचानक खराब हो गई थी जिसके चलते रात करीब 2 बजे गुरदीप की मौत हो गई। लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें सुबह 5 बजे खबर दी। उनका कहना है कि शनिवार सुबह जब वे जेल में गुरदीप की मौत के कारणों को जानने पहुंचे तो गुरदीप के एक साथी कैदी ने बताया कि गुरदीप को सीने में मामूली दर्द की शिकायत के बाद जेल अस्पताल पहुंचा दिया गया था लेकिन वहां डॉक्टर की लापरवाही के चलते गुरदीप का समय पर इलाज नहीं हो पाया।
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इससे भड़के गुरदीप के परिजनों और मोहल्ला निवासियों ने जेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर जेल के आगे ही धरना लगा दिया। सुनवाई न होती देख लोग भड़क गए। उन्होंने सिविल अस्पताल के ठीक सामने जीटी रोड पर पर जाम लगा दिया। वहीं मामला गंभीर होता देख डीएसपी सिटी गुरजीत सिंह रोमाणा प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी इंसाफ की मांग पर डटे रहे। डीएसपी रोमाणा ने मामले की जांच का आश्वासन देकर जाम हटवाया।
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बेबुनियाद हैं आरोप : जेल सुपरिंटेंडेंट
जेल सुपरिंटेंडेंट राजमहिंदर सिंह धारीवाल का कहना है कि गुरदीप की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है और जेल प्रशासन पर लापरवाही के लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। जेल प्रशासन ने सही समय पर गुरदीप को जेल में ही बने अस्पताल में भर्ती करवाकर उसका इलाज शुरू करवा दिया था। वहीं पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी बठिंडा ने एक मीटिंग कर पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी किए हैं।
छह जुलाई को किया गया था गिरफ्तार
अवैध शराब बरामद होने के आरोप में बठिंडा सेंट्रल जेल में बंद अंडर ट्रायल कैदी गुरदीप सिंह की शुक्रवार को संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। शुक्रवार को उसकी जमानत भी हो चुकी थी। मृतक के बेटे दर्शन सिंह ने नारकोटिक्स सेल पर अवैध शराब के झूठे केस में फंसाने के आरोप लगाए। वहीं एंटी नारकोटिक्स सेल के प्रभारी जसबीर सिंह ने आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। दर्शन सिंह वासी अमरपुरा बस्ती ने बताया कि उसके पिता टैक्सी चलाते थे। 6 जुलाई को पुलिस ने उसके पिता के पास से दो बोतल अवैध शराब मिलने पर गिरफ्तार कर जेल मे बंद कर दिया था।
दर्शन का आरोप है कि पुलिस वालों ने उसके पिता को थाने ले जाकर कहा था कि अगर वह उन्हें चार पेटी शराब खरीद कर देगा तो उसे छोड़ दिया जाएगा। पुलिस से पीछा छुड़ाने के लिये गुरदीप ने ऐसा ही किया। दर्शन ने कहा कि इसके बाद पुलिस वालों ने उसके पिता से और शराब की मांग की थी। लेकिन जब उसके पिता ने इसके लिए मना किया तो पुलिस उसके पिता को अपने साथ ले गए और थाना कैनाल कालोनी में मामला दर्ज करवा दिया।