{"_id":"6138213829eea76165371fa5","slug":"best-price-store-of-bathinda-closed-due-to-farmers-protest","type":"story","status":"publish","title_hn":"असर: किसानों के विरोध के कारण बठिंडा का बेस्ट प्राइस स्टोर बंद, एक झटके में बेरोजगार हुए तीन सौ लोग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असर: किसानों के विरोध के कारण बठिंडा का बेस्ट प्राइस स्टोर बंद, एक झटके में बेरोजगार हुए तीन सौ लोग
Wed, 08 Sep 2021 08:13 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 08 Sep 2021 08:13 AM IST
सार
इस स्टोर में करीब तीन सौ कर्मी काम करते थे जो सीधे कंपनी से जुड़े थे। उन्होंने बताया कि कंपनी ने स्टोर बंद करने से पहले सभी कर्मियों को तीन विकल्प दिए थे। जिसमें सबसे पहला ट्रांसफर, दूसरा नौकरी से इस्तीफा और तीसरा कंपनी के ऑनलाइन आर्डर भुगताना।
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वालमार्ट का बेस्ट प्राइस स्टोर।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों की ओर से अडानी और अंबानी ग्रुप के व्यापारिक स्थलों के आगे धरने लगाने के बाद वालमार्ट के बेस्ट प्राइस को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है। इसकी वजह से बठिंडा में कंपनी को स्टोर बंद करना पड़ा।
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स्टोर के बंद होने के बाद मलोट रोड पर स्थित अडानी ग्रुप के 100 मेगावाट पावर प्लांट पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। उक्त प्लांट को बंद करने की अभी अडानी ग्रुप ने ऐसी कोई योजना नहीं बनाई लेकिन किसान इस प्लांट के समीप भी धरना लगाए हैं। इस स्टोर के बंद होने से करीब तीन सौ लोगों का रोजगार चला गया। इन लोगों में से कुछ लोगों ने कंपनी के नियमों को मानते हुए कंपनी के अन्य जगह पर स्थित स्टोर पर ट्रांसफर ले ली है। वहीं कुछ बेरोजगार हुए कर्मियों ने बेस्ट प्राइस के आगे धरना भी दिया।
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बेस्ट प्राइस से जुडे एक बड़े अधिकारी ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बेस्ट प्राइस वालमार्ट कंपनी की तरफ से खोला गया था। इस स्टोर के विरोध का मुख्य कारण है कि जिस जगह पर ये स्टोर खोला गया था वो एक राजनीतिक घराने से संबंधित जगह है और दूसरा उक्त स्टोर में अडानी ग्रुप के प्रोडक्ट बिकते थे। जिस कारण किसानों ने स्टोर के आगे धरना लगाया है।
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अधिकारी ने बताया कि इस स्टोर में करीब तीन सौ कर्मी काम करते थे जो सीधे कंपनी से जुड़े थे। उन्होंने बताया कि कंपनी ने स्टोर बंद करने से पहले सभी कर्मियों को तीन विकल्प दिए थे। जिसमें सबसे पहला ट्रांसफर, दूसरा नौकरी से इस्तीफा और तीसरा कंपनी के ऑनलाइन आर्डर भुगताना। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि वे खुद बाहर नहीं जा सकते थे तो उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। कुछ कर्मियों ने ट्रांसफर ले लिया।
वालमार्ट के साथ जुडे़ सूत्रों से जानकारी मिली कि अब कंपनी अपना उक्त स्टोर बंद करने के बाद एक ऑनलाइन डिलीवरी देने वाली बड़ी कंपनी के साथ समझौता कर रही है। जिसके तहत वह इस स्टोर से बेरोजगार हुए कर्मियों को नौकरी देगी। सूत्रों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उक्त कंपनी कब तक ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी से समझौता करेगी।
सात वर्ष जी जान से काम किया बेस्ट प्राइस में
बेस्ट प्राइस में पिछले सात वर्ष से प्रमोशन का काम करने वाले एक युवक ने बताया कि जब से स्टोर खुला था तब से वह प्रमोशन का काम देखता था। अब तीन वर्ष बाद उसकी खुद की प्रमोशन होनी थी, लेकिन कंपनी की ओर से स्टोर बंद किए जाने के बाद अब वह किसी अन्य प्राइवेट संस्था में नौकरी करने को मजबूर हो गया।