अमृतसर: पति को छुड़ाने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ीं दो पत्नियां, प्रशासन ने मनाया तो साढ़े चार घंटे बाद उतरीं
कुछ महीने पहले जीआरपी थाना प्रभारी और मुंशी को मालखाने से हेरोइन चोरी कर बेचने के आरोप में पकड़ा गया था। इसी मामले में पुलिस ने दोनों महिलाओं के पति राज कुमार टीटा को भी गिरफ्तार किया था। हालांकि अब अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है।
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तस्करों से बरामद हेरोइन बेचने के मामले में जीआरपी थाना प्रभारी और मुंशी के साथ गिरफ्तार व्यक्ति की दो पत्नियां पति को जेल से छुड़ाने के लिए गुरुवार को अपने चार बच्चों के साथ रेलवे स्टेशन पर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गईं। जीआरपी अधिकारियों ने दोनों महिलाओं को बच्चों सहित नीचे उतरने की बार-बार अपील की लेकिन दोनों अड़ी रहीं। इसके बाद जीआरपी के अधिकारियों ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट को सूचित किया और फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस को बुलाया।
अधिकारियों ने जब मामले की जांच का भरोसा दिया तो करीब चार घंटों के बाद दोनों महिलाएं अपने चारों बच्चों के साथ टंकी से नीचे उतर गईं। जानकारी के मुताबिक राज कुमार टीटा नामक व्यक्ति पिछले कई वर्षों से जीआरपी थाना में अज्ञात शवों को उठाने में पुलिस की मदद करता था।
जीआरपी अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन पर पानी की टंकी के पास ही उसकी दो पत्नियों सीमा और मुस्कान और चार बच्चों के साथ रहने के लिए कमरा दे रखा था। बता दें कि कुछ माह पहले जीआरपी थाना प्रभारी और मुंशी को मालखाने से हेरोइन चोरी कर बेचने के आरोपों में पकड़ा था। इसमें राज कुमार टीटा को भी गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया।
टीटा को जेल भेजने से नाराज दोनों पत्नियां जीआरपी अधिकारियों से अपने पति को रिहा करवाने की गुहार लगाती रहीं लेकिन सुनवाई नहीं हुई। गुरुवार दोपहर करीब दो बजे अचानक सीमा और मुस्कान अपने चार बच्चों के साथ पानी की टंकी पर चढ़ गईं और अपने पति राज कुमार टीटा की रिहाई की मांग करने लगीं।
जानकारी मिलते ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट रतनजीत खुल्लर और सिविल लाइंस के प्रभारी इंस्पेक्टर शिवदर्शन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने टीटा की एक पत्नी सीमा को नीचे उतराने में सफलता हासिल की। सीमा ने नीचे आने के बाद अधिकारियों को बताया कि मुस्कान टीटा की रिहाई की जिद्द पर अड़ी है और बच्चों को नीचे फेंकने की धमकी दे रही है।
इस दौरान अधिकारियों ने भरोसा दिया कि टीटा के मामले में जांच करवाई जाएगी और अगर टीटा बेकसूर पाया जाता है तो उसे रिहा करवाया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक सीमा दोबारा से पानी की टंकी पर चढ़ गई और मुस्कान को बच्चों के साथ नीचे उतरने के लिए मनाया। इस तरह करीब साढ़े चार घंटे के ड्रामे के बाद टीटा की दोनों पत्नियां बच्चों के साथ टंकी से नीचे उतर आई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट रतनजीत खुल्लर ने सीमा को उसकी बीमारी के इलाज में सरकारी मदद करने और राशन देने का भी भरोसा दिया।