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क्षेत्र में बाघ ने मचाया आतंक
ब्यूरो,अमर उजाला/पठानकोट
Updated Fri, 29 Jul 2016 04:08 PM IST
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पठानकोट में बाघ द्वारा पिंजरे में रखी बकरी को घायल होने के बाद उपस्थित खोज केंद्र कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के खोज केंद्र, मलिकपुर के जंगल में दो माह से बाघ ने आतंक मचाया हुआ है। इससे विभाग के कर्मचारी और अधिकारी परेशान है वहीं क्षेत्र के लोगों में आतंक फैला हुआ है।
बाघ कई जानवरों को भी अपना शिकार बना चुका है। खोज केंद्र के कर्मचारियों ने बाघ को पकड़ने के लिए उपमंडल अधिकारी सुरिंदर सिंह कलेर से कहा था। उपमंडल अधिकारी ने इस संबंधी पत्र लिखकर वाइल्ड लाइफ विभाग को सूचित किया था। उनकी ओर से पिंजरा लगाया गया है लेकिन बाघ अब तक कब्जे में नहीं आ सका है।
खोज केंद्र के कर्मचारियों प्रवीण, सुरिंदर पाल, हरचरण सिंह, फकीर चंद, तिलक राज, मदन लाल, हरजीत सिंह ने बताया कि जब वह जंगल में गश्त के लिए जाते हैं तो उन्हेें कई कंकाल मिलते हैं। उन्होंने बताया कि वाइल्ड लाइफ विभाग की ओर से यहां जो पिंजरा लगाया गया है उसमें एक बकरी को बांधा गया था लेकिन बाघ ने पिंजरे के मुंह की बजाय पिंजरे के ऊपर चढ़कर बकरी पर हमला कर दिया। इससे बकरी गंभीर रूप से घायल हो गई।
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वीरवार को बकरी का मालिक बकरी वापस ले गया। इस संबंधी बार बार वाइल्ड लाइफ विभाग को सूचित किया जा रहा है लेकिन उसकी ओर से बस पिंजरा लगाकर अपना कार्य कर दिया गया है।
वाइल्ड लाइफ विभाग के डीएफओ राजेश महाजन का कहना है कि जंगल में पिंजरा लगाया गया है। हमारा कार्य जानवरों को सुरक्षा देना है न कि इंसानों को। यदि लोगों में बाघ को लेकर भय है तो इसके लिए उन्हें पुलिस की सुरक्षा लेनी चाहिए।
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बाघ कई जानवरों को भी अपना शिकार बना चुका है। खोज केंद्र के कर्मचारियों ने बाघ को पकड़ने के लिए उपमंडल अधिकारी सुरिंदर सिंह कलेर से कहा था। उपमंडल अधिकारी ने इस संबंधी पत्र लिखकर वाइल्ड लाइफ विभाग को सूचित किया था। उनकी ओर से पिंजरा लगाया गया है लेकिन बाघ अब तक कब्जे में नहीं आ सका है।
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खोज केंद्र के कर्मचारियों प्रवीण, सुरिंदर पाल, हरचरण सिंह, फकीर चंद, तिलक राज, मदन लाल, हरजीत सिंह ने बताया कि जब वह जंगल में गश्त के लिए जाते हैं तो उन्हेें कई कंकाल मिलते हैं। उन्होंने बताया कि वाइल्ड लाइफ विभाग की ओर से यहां जो पिंजरा लगाया गया है उसमें एक बकरी को बांधा गया था लेकिन बाघ ने पिंजरे के मुंह की बजाय पिंजरे के ऊपर चढ़कर बकरी पर हमला कर दिया। इससे बकरी गंभीर रूप से घायल हो गई।
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वीरवार को बकरी का मालिक बकरी वापस ले गया। इस संबंधी बार बार वाइल्ड लाइफ विभाग को सूचित किया जा रहा है लेकिन उसकी ओर से बस पिंजरा लगाकर अपना कार्य कर दिया गया है।
वाइल्ड लाइफ विभाग के डीएफओ राजेश महाजन का कहना है कि जंगल में पिंजरा लगाया गया है। हमारा कार्य जानवरों को सुरक्षा देना है न कि इंसानों को। यदि लोगों में बाघ को लेकर भय है तो इसके लिए उन्हें पुलिस की सुरक्षा लेनी चाहिए।