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फ्रांस की संगत ने विवादित प्रचारक ढढरियांवाले व हरिंदर सिंह का किया बायकॉट

Wed, 15 Jan 2020 06:03 PM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 15 Jan 2020 06:03 PM IST
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The Sangat of France did the bycott of the disputed campaigner Dhadhariwale and Harinder Singh
फ्रांस की संगत ने विवादित प्रचारक ढढरियांवाले व हरिंदर सिंह का किया बायकॉट
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फ्रांस में किसी भी गुरुद्वारा साहिब में नहीं का सकेंगे प्रचार, दमदमी टकसाल के प्रवक्ता को भेजा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। फ्रांस की सिख संगत ने विवादित प्रचारक रंजीत सिंह ढढरियांवाले और उनके साथी हरिंदर सिंह (निरवैर खालसा जत्था यूके) पर फ्रांस के किसी भी गुरुद्वारे में प्रचार करने पर पाबंदी लगा दी है। हरिंदर सिंह श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद विवादों में आए थे। फ्रांस की सिख संस्थाओं ने इस संदर्भ में दमदमी टकसाल के प्रवक्ता प्रोफेसर सरचांद सिंह को दोनों विवादित प्रचारकों पर लगई पाबंदी का पात्र भेजा है। सरचांद सिंह ने पत्र की कॉपी मीडिया को जारी करते हुए कहा कि रंजीत सिंह ढढरियांवाले व हरिंदर सिंह के बायकॉट का फैसला गुरुद्वारा सिंह सभा बोंबिनी फ्रांस ने संगत की बैठक के बाद लिया है। इसमें संगत की उपस्थिति में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने प्रस्ताव पारित कर फैसला किया कि जब तक दोनों प्रचारक श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष नहीं रखते और श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादायों व परंपराओं के अनुसार दोषमुक्त नहीं हो जाते तब तक फ्रांस की संगत इन दोनों प्रचारकों का बायकॉट जारी रखेगी। बता दें कि इंग्लैंड की सिख संगत ने प्रस्ताव पारित कर दोनों प्रचारकों पर इंग्लैंड के सभी गुरुद्वारों पर इनके प्रचार पर पाबंदी लगाई हुई है।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने ढढरियांवाले पर आगे आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने ढढरियांवाले को 22 दिसंबर को पटियाला स्थित गुरुद्वारा दुख निवारण की मीटिंग हाल में पेश होने के लिए पत्र लिख था। लेकिन ढढरियांवाले ने कमेटी के आगे पेश होने से इंकार कर दिया और कहा कि वह शिकागो में एक कार्यक्रम में जा रहे हैं। यदि वह देश में भी होते तो इस कमेटी के समक्ष पेश न होते। ढढरियांवाले ने कहा था कि बेशक श्री अकाल तख्त उन्हें पंथ से निष्काषित कर दे।
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इस बैठक में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बोंबिनी के साथ-साथ गुरुद्वारा बाबा मक्खन शाह लुबाणा, गुरुद्वारा संत बाबा प्रेम सिंह जी, गुरुद्वारा सचखंड श्री गुरु तेग बहादुर जी व गुरुद्वारा रवि दास जी टेंपल के प्रबंधकीय सदस्य सुखदेव सिंह, रघबीर सिंह, परमजीत सिंह, प्रीतम सिंह, शमशेर सिंह, करनैल सिंह व गुरमीत सिंह मौजूद थे।
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