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Amritsar News: सरहदी शहरों में लाल लकीर संपत्तियों को मालिकाना हक देने की मांग ने पकड़ा जोर

Thu, 07 Aug 2025 07:48 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Aug 2025 07:48 PM IST
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The demand for giving ownership rights to Lal Lakir properties in border towns gained momentum
-मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा- जल्द करेंगे अधिकारियों संग बैठक
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मनन सैनी



गुरदासपुर। मेरा घर मेरे नाम योजना के तहत लाल लकीर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्तियों का कानूनी मालिकाना हक देने का काम जोरों पर है। इस योजना का लाभ अब तक मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित रहा है लेकिन अब सरहदी मध्यमवर्गीय शहरों, विशेषकर गुरदासपुर के निवासी भी इस योजना में शामिल होने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि शहरी लाल लकीर क्षेत्रों की संपत्तियों का भी ड्रोन सर्वेक्षण कर मालिकाना हक प्रदान किया जाए ताकि वे अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए बैंक ऋण आसानी से प्राप्त कर सकें।
लाल लकीर ब्रिटिश औपनिवेशिक काल से चली आ रही एक व्यवस्था है जहां गांव के आबादी वाले क्षेत्रों को कृषि भूमि से अलग करने के लिए एक लाल रेखा खींची गई थी। इस रेखा के भीतर की संपत्तियों का कोई औपचारिक पंजीकरण नहीं होता था जिससे निवासियों के पास अपने घरों का कानूनी मालिकाना हक नहीं था। इस कानूनी कमी का सबसे बड़ा नुकसान यह था कि इन संपत्तियों को बैंक ऋण के लिए गिरवी नहीं रखा जा सकता था।
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मेरा घर मेरे नाम योजना की शुरुआत अक्टूबर 2021 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से लाल लकीर क्षेत्रों की आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों का डिजिटल मानचित्रण करना और पात्र निवासियों को संपत्ति कार्ड (सनद) जारी करना है। यह कार्ड कानूनी स्वामित्व का प्रमाण है जो संपत्ति बेचने या बैंक से ऋण लेने में सहायक होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस दिशा में युद्ध स्तर पर काम चल रहा है लेकिन शहरी क्षेत्रों, खासकर सरहदी मध्यमवर्गीय शहरों को अभी तक इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।
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बैंक ऋण लेना मुश्किल
गुरदासपुर जो कभी एक गांव था और अब एक मध्यमवर्गीय शहर के रूप में विकसित हो चुका है। सुभाष चंद्र, राम सैनी, सुशील सैनी, उत्तम, गौरव, अजय कुमार और पवन कुमार ने सरकार से मांग की है कि उनकी संपत्तियों को भी इस योजना में शामिल किया जाए। उनका कहना है कि गुरदासपुर में कोई बड़ा उद्योग नहीं है और छोटे व्यवसायों का विस्तार या नए उद्यम शुरू करने के लिए पूंजी की आवश्यकता होती है। मालिकाना हक के अभाव में बैंक ऋण लेना मुश्किल हो रहा है। सरकार को हमारी सुध लेनी चाहिए और हमारे घरों व दुकानों को हमारे नाम करना चाहिए।




लकीर क्षेत्रों का सर्वेक्षण जारी
पंजाब के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने इस मुद्दे पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन सर्वेक्षण का काम तेजी से चल रहा है और वह जल्द ही अधिकारियों के साथ बैठक कर शहरी क्षेत्रों को इस योजना में शामिल करने की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने बताया कि वर्तमान में स्वामित्व स्कीम के तहत केवल ग्रामीण लाल लकीर क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों के संबंध में अभी कोई प्रगति नहीं हुई है।
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