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तीसरे फ्रंट के लिए सिद्धू की भूमिका महत्वपूर्ण, सिद्धू शिअद (ट) में आएं तो स्वागत के लिए उन्हें लेने उनके घर तक पैदल जाएंगे: ब्रह्मपुरा

Wed, 29 Jul 2020 04:39 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2020 04:39 PM IST
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Sidhu's role important for third front: Brahmapura
शिरोमणि अकाली दल (ट) के अध्यक्ष पूर्व सांसद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ सियासी मतभेद पैदा होने के बाद प्रदेश की राजनीति में अलग-थलग पड़े पूर्व नवजोत सिद्धू को अपनी पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया है। सिद्धू को अपनी पार्टी में शामिल करने के लिए टकसाली नेता ब्रह्मपुरा इतने उत्साहित हैं कि वह सिद्धू के कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करने के लिए नंगे पांव उनके घर तक उनके स्वागत को जाने को भी तैयार हैं। ब्रह्मपुरा का दावा है कि प्रदेश की सियासत बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। लोग शिअद (बादल) व कांग्रेस से तंग आ चुके हैं। प्रदेश के लोगों को तीसरे फ्रंट का इंतजार है। सिद्धू तीसरे फ्रंट की स्थापना में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। प्रदेश के अधिकारों के पक्ष में जो भी राजनीतिक दल उनके साथ आना चाहेंगे, उनका वह स्वागत करेंगे।
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जत्थेदार ब्रह्मपुरा बुधवार को अमृतसर में अपनी पार्टी के मुख्य दफ्तर के उद्घाटन के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। ब्रह्मपुरा के अनुसार सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा द्वारा गठित किए अलग अकाली दल के बाद उनका ढींढसा से संपर्क नहीं रहा है। उन्होंने ढींढसा को शिअद (ट) के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने अलग रास्ता चुना। प्रदेश में तीसरे फ्रंट की स्थापना के लिए बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी व सुखपाल सिंह खैरा की पार्टी से बातचीत के रास्ते खुले है। उनका दल कांग्रेस व शिअद (बादल) को छोड़ कर किसी भी राजनितिक दल से समझौता करने के लिए तैयार है।
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ब्रह्मपुरा ने केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए कृषि अध्यादेश का विरोध करने का वह साहस नहीं जुटा पाईं। यह अध्यादेश देश विरोधी है। शिअद (बादल) का इस बिल का विरोध मात्र दिखावा है। हरसिमरत बादल को इस अध्यादेश के विरुद्ध मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे देना चाहिए। इस अवसर पर पार्टी के सीनियर नेता करनैल सिंह पीर मोहम्मद, जत्थेदार मखन सिंह व अन्य मौजूद थे।
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