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सरकारी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर को नोटिस
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कोरोना पॉजिटिव नगर निगम के पूर्व एडिशनल कमिश्नर जसविंदर सिंह और श्री हरमंदिर साहिब के पूर्व रागी पद्मश्री निर्मल सिंह के संपर्क में आए छह लोगों का कोविड 19 टेस्ट न करने की गाज सरकारी मेडिकल कॉलेज के एक जूनियर रेजिडेंट डॉ. थियागु पर गिरी है। मेडिसिन विभाग में दूसरे वर्ष के जूनियर डॉ. थियागु को मेडिकल शिक्षा एवं खोज विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि उन्होंने इस मामले में लापरवाही क्यों बरती।
छह अप्रैल को जसविंदर सिंह के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उनके संपर्क में आए छह लोगों को ढूंढकर स्वास्थ्य विभाग ने गुरुनानक देव अस्पताल भेजा था, ताकि इनका टेस्ट करवाया जा सके। आरोप है कि मेडिसिन वॉर्ड में तैनात डॉ. थियागु ने इन लोगों के कोविड 19 टेस्ट नहीं करवाए। सेहत विभाग ने इसका कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि डॉक्टर ने आईसीएमआर की गाइडलाइन का पालन नहीं किया।
विभाग के नोटिस में साफ लिखा है कि क्यों न डॉ. थियागु को एपिडेमिक डिजीज एक्ट और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत नोटिस जारी कर उनकी पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) रद्द कर दी जाए। पीजी करने के लिए तीन साल तक प्रतिबंधित कर दिया जाए। पंजाब मेडिकल काउंसिल, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को आपकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की जाए। विभाग ने डॉ. थियागु से 48 घंटे में जवाब मांगा है। जवाब न मिलने की सूरत में मान लिया जाएगा कि वह जवाब नहीं देना चाहते। इसके बाद विभाग कार्रवाई करेगा।
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रेजिडेंट्स डॉक्टर एसोसिएशन ने किया विरोध
रेजिडेंट्स डॉक्टर एसोसिएशन मेडिकल कॉलेज अमृतसर ने विभाग के इस नोटिस का विरोध किया है। एसोसिएशन के अनुसार डॉ. थियागु पर एपिडेमिक एक्ट लागू करने की चेतावनी दी है। सभी जूनियर डॉक्टर तनाव में हैं। कोई भी जूनियर डॉक्टर किसी भी मरीज का कोविड 19 टेस्ट नहीं करवा सकता। वह सीनियर डॉक्टर को इस बाबत बताता है। डॉ. थियागु ने भी अपने सीनियर्स को यह बात बताई थी, लेकिन उन्होंने ने ही टेस्ट नहीं करवाए। हमें तो यह अनुमति भी नहीं होती कि बिना सीनियर से पूछे किसी मरीज को एडमिट कर लें। इससे पूर्व तीन जेआर को ऐसे ही नोटिस जारी किए गए हैं। यह गलत है। डॉ. थियागु ने नोटिस का जवाब तैयार कर लिया है।
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छह अप्रैल को जसविंदर सिंह के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उनके संपर्क में आए छह लोगों को ढूंढकर स्वास्थ्य विभाग ने गुरुनानक देव अस्पताल भेजा था, ताकि इनका टेस्ट करवाया जा सके। आरोप है कि मेडिसिन वॉर्ड में तैनात डॉ. थियागु ने इन लोगों के कोविड 19 टेस्ट नहीं करवाए। सेहत विभाग ने इसका कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि डॉक्टर ने आईसीएमआर की गाइडलाइन का पालन नहीं किया।
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विभाग के नोटिस में साफ लिखा है कि क्यों न डॉ. थियागु को एपिडेमिक डिजीज एक्ट और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत नोटिस जारी कर उनकी पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) रद्द कर दी जाए। पीजी करने के लिए तीन साल तक प्रतिबंधित कर दिया जाए। पंजाब मेडिकल काउंसिल, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को आपकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की जाए। विभाग ने डॉ. थियागु से 48 घंटे में जवाब मांगा है। जवाब न मिलने की सूरत में मान लिया जाएगा कि वह जवाब नहीं देना चाहते। इसके बाद विभाग कार्रवाई करेगा।
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रेजिडेंट्स डॉक्टर एसोसिएशन ने किया विरोध
रेजिडेंट्स डॉक्टर एसोसिएशन मेडिकल कॉलेज अमृतसर ने विभाग के इस नोटिस का विरोध किया है। एसोसिएशन के अनुसार डॉ. थियागु पर एपिडेमिक एक्ट लागू करने की चेतावनी दी है। सभी जूनियर डॉक्टर तनाव में हैं। कोई भी जूनियर डॉक्टर किसी भी मरीज का कोविड 19 टेस्ट नहीं करवा सकता। वह सीनियर डॉक्टर को इस बाबत बताता है। डॉ. थियागु ने भी अपने सीनियर्स को यह बात बताई थी, लेकिन उन्होंने ने ही टेस्ट नहीं करवाए। हमें तो यह अनुमति भी नहीं होती कि बिना सीनियर से पूछे किसी मरीज को एडमिट कर लें। इससे पूर्व तीन जेआर को ऐसे ही नोटिस जारी किए गए हैं। यह गलत है। डॉ. थियागु ने नोटिस का जवाब तैयार कर लिया है।