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विभाजन में मारे गए दस लाख लोगों की अंतिम अरदास करे एसजीपीसी

Thu, 06 Aug 2020 05:21 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2020 05:21 PM IST
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sgpc, last ardas for people killed in partition
एसजीपीसी के पूर्व सचिव व शिरोमणि पंथ अकाली बुड्ढा दल पांचवां तख्त के सचिव की सेवा निभा रहे बाबा दिलजीत सिंह बेदी ने कहा है कि देश विभाजन के समय मारे गए दस लाख पंजाबियों को 73 वर्ष बाद भी अंतिम अरदास नसीब नहीं हुई है। विभाजन के दौरान सीमा के इस व उस पार पलायन करने वाले अलग-अलग धर्म के लोगों की निर्मम हत्याएं हुईं। विभाजन के इस काले अध्याय में मारे गए लोगों के लिए अंतिम अरदास का प्रबंध शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को करना चाहिए।
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मीडिया से बातचीत में बाबा बेदी ने कहा कि पंजाबी अकादमी के पूर्व अध्यक्ष व विद्वान प्रोफेसर गुरभजन सिंह ने एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल को 2019 में एक पत्र लिखा था। इसमें मांग की थी कि 15 अगस्त के दिन एसजीपीसी इस सामूहिक कत्लेआम में मारे गए लोगों के नमित अरदास समागम का आयोजन करे। ताकि इन बिछड़ी आत्माओं को अंतिम अरदास से शांति प्राप्त हो सके। श्री गुरु नानक देव जी का सिद्धांत भी मानवता को सरबत के भला की प्रेरणा देता है। एसजीपीसी यदि इन आत्माओं की शांति के लिए अरदास करती है तो दुनिया में इसका अच्छा संदेश जाएगा।
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बाबा बेदी एक अनुसार एसजीपीसी देश-विदेश की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, चीफ खालसा दीवान व अन्य सभा सोसाइटियों को भी 15 अगस्त के दिन इस आयोजन के लिए प्रेरित करे। उन्होंने कहा की कोरोना काल में पंजाबियों विशेष कर सिखों ने पूरी दुनिया में लंगर छकाकर एक मिसाल कायम की है। दस लाख लोगों की अंतिम अरदास का समागम विदेशों में सिखों की पहचान के संकट को हल करने में मदद करेगा।
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