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एसजीपीसी ने प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को भेजा आठ किताबों का सेट, कहा- इन किताबों को पढ़ें, जत्थे पर मंजूरी देने के लिए हो जाएगा ह्दय परिवर्तन
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अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने बताया कि एसजीपीसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को सिख इतिहास से जुड़ीं आठ किताबों का एक सेट भेजा है। ये किताबें गुरुद्वारा सुधार लहर से संबंधित हैं। इनमें साका श्री ननकाना साहिब, जैतों का मोर्चा, गुरु का बाग मोर्चा आदि शामिल हैं। उस समय श्री ननकाना साहिब के बारे में लिखे आंखों देखे हाल की किताब भी प्रधानमंत्री को भेजी जा रही है। एसजीपीसी के एक सचिव स्तर के अधिकारी इन किताबों का सेट लेकर पीएमओ के लिए रवाना हो गए हैं। बीबी जागीर कौर एसजीपीसी मुख्यालय में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत कर रहीं थीं।
बीबी जागीर कौर ने आग्रह किया कि प्रधानमंत्री सिख इतिहास की इन किताबों को एक बार पढ़ लें, जत्था पाकिस्तान भेजने पर उनका ह्रदय परिवर्तन हो जाएगा। गृह मंत्रालय की ओर से पाकिस्तान जाने वाले जत्थे को रोकने के लिए जो दलील दी गई है, क्या वह उचित है। यह सिखों के साथ बेइंसाफी व धक्का है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सिखों की भावनाओं को कुचल रही है।
बीबी जागीर कौर ने कहा कि प्रधानमंत्री को भेजे गए आठ किताबों के सेट के साथ एक पत्र भी भेजा जा रहा है, जिसमें मांग की गई है कि करतारपुर कॉरिडोर जल्द खोला जाए। कॉरिडोर बंद करने के दिए गए तर्क आधारहीन हैं। लाखों लोग दिल्ली बॉर्डर पर बैठे हैं, वहां कोविड का खतरा नहीं दिख रहा। क्या पाकिस्तान में अधिक कोविड है। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के उस बयान का अनुमोदन किया, जिसमें उन्होंने देश के सांसदों को इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए कहा था।
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संघर्ष पर जल्द किया जाएगा फैसला
बीबी जागीर कौर ने कहा कि इस मामले में उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से विचार-विमर्श किया है। एसजीपीसी 21 फरवरी को गांव धारोवाली में एक समागम का आयोजन कर रही है, जहां इस मुद्दे पर सिख विद्वान विचार रखेंगे। मामले में कहां तक संघर्ष करना है, इस बारे में जल्द फैसला किया जाएगा।
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बीबी जागीर कौर ने आग्रह किया कि प्रधानमंत्री सिख इतिहास की इन किताबों को एक बार पढ़ लें, जत्था पाकिस्तान भेजने पर उनका ह्रदय परिवर्तन हो जाएगा। गृह मंत्रालय की ओर से पाकिस्तान जाने वाले जत्थे को रोकने के लिए जो दलील दी गई है, क्या वह उचित है। यह सिखों के साथ बेइंसाफी व धक्का है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सिखों की भावनाओं को कुचल रही है।
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बीबी जागीर कौर ने कहा कि प्रधानमंत्री को भेजे गए आठ किताबों के सेट के साथ एक पत्र भी भेजा जा रहा है, जिसमें मांग की गई है कि करतारपुर कॉरिडोर जल्द खोला जाए। कॉरिडोर बंद करने के दिए गए तर्क आधारहीन हैं। लाखों लोग दिल्ली बॉर्डर पर बैठे हैं, वहां कोविड का खतरा नहीं दिख रहा। क्या पाकिस्तान में अधिक कोविड है। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के उस बयान का अनुमोदन किया, जिसमें उन्होंने देश के सांसदों को इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए कहा था।
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संघर्ष पर जल्द किया जाएगा फैसला
बीबी जागीर कौर ने कहा कि इस मामले में उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से विचार-विमर्श किया है। एसजीपीसी 21 फरवरी को गांव धारोवाली में एक समागम का आयोजन कर रही है, जहां इस मुद्दे पर सिख विद्वान विचार रखेंगे। मामले में कहां तक संघर्ष करना है, इस बारे में जल्द फैसला किया जाएगा।