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शिअद नेत्री बीबी किरणजोत ने शिअद की हार पर व्यक्त की कड़ी प्रतिक्रिया
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अमृतसर। अकाली दल बादल की नेत्री व शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सदस्य बीबी किरणजोत कौर ने अकाली दल बादल की संगरूर चुनावों में हुई बड़ी हार पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बीबी किरणजोत कौर ने अपनी फेसबुक वाल पर कहा है कि जब सुखबीर बादल की अगुवाई में अकाली दल लगातार राजनीतिक रूप में पिछड़ रहा है तो फिर भी सुखबीर बादल का अध्यक्ष पद न छोड़ना पार्टी हित में नहीं है।
बीबी किरणजोत कौर हमेशा ही पार्टी की गलतियों पर अपनी सार्थक राय व्यक्त करती रही हैं, चाहे बात कितनी भी कड़वी क्यों न हो। बीबी किरणजोत ने कहा कि संगरूर चुनाव में मामला यह नहीं कि अकाली दल हार गया है। पहले ही अकाली दल के उम्मीदवार की जमानत चुनाव में जब्त होने का अंदाजा था। मामला यह है कि चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार को पांचवें स्थान पर लाने के बावजूद सुखबीर सिंह बाद पार्टी के अध्यक्ष पद को त्याग नहीं रहे हैं। आज अकाली दल के मौजूदा लीडरों का पंथक कार्ड फेल हो गया है। क्योंकि अकाली दल का मौजूदा नेतृत्व पंथ की नब्ज पहचानने में फेल हुआ है। संगरूर चुनाव ने बता दिया कि पंजाब को दिल्ली के तहत चलना पसंद नहीं है। पंजाबी पुरानी राजनीतिक पार्टियों की मौकापरस्ती व बेईमानी का विरोध करते हैं। अभी पंजाब की आत्मा जिंदा है। बीबी किरणजोत कौर के इस फसेबुक स्टेटस पर अकाली दल और सिख पंथक क्षेत्रों में नई चर्चा शुरू हो गई है कि क्या अब अकाली दल बादल के नेतृत्व में सच ही बदलाव की जरूरत है। क्या सुखबीर बादल को पार्टी के अध्यक्ष का पद छोड़ देना चाहिए।
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बीबी किरणजोत कौर हमेशा ही पार्टी की गलतियों पर अपनी सार्थक राय व्यक्त करती रही हैं, चाहे बात कितनी भी कड़वी क्यों न हो। बीबी किरणजोत ने कहा कि संगरूर चुनाव में मामला यह नहीं कि अकाली दल हार गया है। पहले ही अकाली दल के उम्मीदवार की जमानत चुनाव में जब्त होने का अंदाजा था। मामला यह है कि चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार को पांचवें स्थान पर लाने के बावजूद सुखबीर सिंह बाद पार्टी के अध्यक्ष पद को त्याग नहीं रहे हैं। आज अकाली दल के मौजूदा लीडरों का पंथक कार्ड फेल हो गया है। क्योंकि अकाली दल का मौजूदा नेतृत्व पंथ की नब्ज पहचानने में फेल हुआ है। संगरूर चुनाव ने बता दिया कि पंजाब को दिल्ली के तहत चलना पसंद नहीं है। पंजाबी पुरानी राजनीतिक पार्टियों की मौकापरस्ती व बेईमानी का विरोध करते हैं। अभी पंजाब की आत्मा जिंदा है। बीबी किरणजोत कौर के इस फसेबुक स्टेटस पर अकाली दल और सिख पंथक क्षेत्रों में नई चर्चा शुरू हो गई है कि क्या अब अकाली दल बादल के नेतृत्व में सच ही बदलाव की जरूरत है। क्या सुखबीर बादल को पार्टी के अध्यक्ष का पद छोड़ देना चाहिए।
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