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पंजाब: किसान संगठनों की बैठक बेनतीजा, केंद्र को बताया जरूरी वस्तुओं की सप्लाई ठप होने की वजह

Sat, 10 Oct 2020 06:36 PM IST
पंजाब ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब
अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब Published by: पंजाब ब्‍यूरो Updated Sat, 10 Oct 2020 06:36 PM IST
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Farmers organizations Protest against farm laws continues in Punjab
रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान। - फोटो : अमर उजाला

17 दिन से कृषि कानूनों के विरोध में अमृतसर के देवीदासपुर रेलवे ट्रैक पर बैठकर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना दे रहे किसानों और मजदूरों ने कहा कि रेलवे ट्रैक ब्लॉक होने से आम जनता को हो रही परेशानी को वह अच्छी तरह समझते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इन नए कानूनों के प्रति अड़ियल रवैया किसानों के साथ आम लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर रहा है।

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किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई ठप होने की वजह केंद्र सरकार है। मोदी सरकार जितना जल्दी किसानों की समस्या का हल करेगी, उतना जल्दी जरूरी वस्तुओं की सप्लाई बहाल होगी।
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पंधेर ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि वह किसानों के मसले पर बौखला गए हैं। मुख्यमंत्री मोदी सरकार पर दबाव डालने के बजाय किसानों के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं।
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कैप्टन ने जरूरी वस्तुओं की कमी का ठीकरा किसानों पर फोड़ना शुरू कर दिया है। इससेे किसानों की समस्या हल नहीं होगी। मुख्यमंत्री किसानों को बदनाम करने के लिए मीडिया व अन्य प्रचार तंत्र का इस्तेमाल कर रहे हैं।

पंधेर ने कहा कि मोदी सरकार किसानों को विभाजित करने की कोशिश कर रही है। पंजाब और हरियाणा के किसानों को अलग-अलग बातचीत का न्योता देने का संकेत है कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन को फेल करना चाहती है। केंद्र को बातचीत के लिए एक माहौल तैयार करना ही होगा।

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बरनाला में किसानों की राज्यस्तरीय बैठक रही बेनतीजा

कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार को बरनाला के तर्कशील भवन में पंजाब के 31 किसान संगठनों की राज्यस्तरीय बैठक हुई जो बेनतीजा रही। अगली बैठक 13 अक्तूबर को जालंधर में होगी। वहीं, पंजाब सरकार की ओर से कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र न बुलाने पर संघर्ष की रणनीति 15 अक्तूबर की बैठक में बनाई जाएगी। इसके अलावा चंडीगढ़ के किसान भवन में शनिवार को होने वाली बैठक भी किसानों ने स्थगित कर दी। 

बैठक में भारतीय किसान यूनियन डकौंदा, पंजाब किसान यूनियन समेत अन्य संगठन शामिल हुए। इसमें उन्होंने रेल रोको आंदोलन, बिजली संकट और अगले संघर्ष की रूपरेखा पर चर्चा की। किसान यूनियन के नेता डॉ. दर्शनपाल, भारतीय किसान यूनियन उगराहां के नेता झंडा सिंह जेठूके और भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर के नेता जगजीत सिंह ने कहा कि पंजाब में पैदा किए जा रहे बिजली संकट और कृषि कानूनों को ध्यान में रखते हुए इस बैठक का आयोजन किया गया है। हालांकि इसका कोई नतीजा नहीं निकला।

किसान जत्थेबंदियों को सोच समझकर प्रदर्शन करना चाहिए: मनप्रीत
प्रदेश में बिजली के लिए दो दिन का कोयला बचा है। कोयला समाप्त होने के बाद बिजली के कट लगेंगे और सप्लाई ठप होने की संभावना है। वित्त मंत्री मनप्रीत बादल शनिवार को बठिंडा के विभिन्न हिस्सों का दौरा करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसान जत्थेबंदियों को सोच समझकर प्रदर्शन करना चाहिए। 

बादल ने कहा कि रेलवे लाइन बाधित होने से पंजाब का पूरे देश से रेल संपर्क टूट गया है। इस कारण बिजली के लिए प्रदेश में कोयला भी नहीं आ रहा और देश के जवानों के लिए जो जरूरी सामान सरहदों तक रेल के जरिये जाना है, वह भी नहीं पहुंच पा रहा। वित्त मंत्री बादल ने कहा कि प्रदेश में आने वाले समय में गेहूं का सीजन शुरू होने वाला है। 

अगर हालात इसी तरह रहे तो किसान गेहूं की फसल के लिए लेट हो जाएंगे। इसके अलावा वित्त मंत्री ने बताया कि बीते बुधवार को पंजाब कैबिनेट की बैठक में अहम निर्णय लिया गया कि कोरोना महामारी के दौरान बेरोजगार हुए लोगों को आगामी सात माह के अंदर प्रदेश सरकार करीब एक लाख नौकरियां देगी।

लुधियाना में दिनभर  प्रदर्शन
लुधियाना में शनिवार को पूरा दिन धरने-प्रदर्शन हुए। जहां वाल्मीकि समाज ने हाथरस कांड के विरोध में नारेबाजी की, वहीं भाजपा ने भी वजीफा घपले की खिलाफत की। इससे पहले कृषि कानून के खिलाफ किसान नेताओं का धरना चौथे दिन भी लाडोवाल टोल बैरियर पर जारी रहा। कई स्थानों पर आवाजाही ठप कर दी गई। जिले में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। 

हाथरस कांड के विरोध में संत समाज ने शनिवार को पंजाब बंद का आह्वान किया था। इस आह्वान का शहर में मिला जुला असर देखने को मिला। कुछ इलाकों में दुकानें बंद रहीं। घंटाघर चौक पर भावाधस व शिरोमणि अकाली दल ने हाथरस कांड के आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। भाजपा की तरफ से पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना में हुए घपले को लेकर समराला चौक पर धरना दिया गया। 

जंतर-मंतर पर आप कल देगी धरना: भगवंत मान

आम आदमी पार्टी (आप) के नेता भगवंत मान ने ग्राम सभा बुलाओ, गांव बचाओ-पंजाब बचाओ मुहिम के तहत होशियारपुर के गांव बेहाला और ठरोली में शनिवार को ग्राम सभाओं को संबोधित किया। आप प्रदेश अध्यक्ष व सांसद भगवंत मान ने एलान किया कि आप के समूह विधायक (पंजाब और दिल्ली) और वालंटियर सोमवार को किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस करवाने के लिए दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना देंगे। 

मालगाड़ियां न चलने से कोयला व खाद की हो रही किल्लत: डीआरएम
किसानों के आंदोलन के चलते एक अक्तूबर से फिरोजपुर डिवीजन में मालगाड़ियों की आवाजाही बंद होने से बिजली प्लांट में कोयले और पंजाब में फसलों के लिए खाद की किल्लत पैदा हो गई है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में भी कई वस्तुओं की कमी आने लगी है, क्योंकि पंजाब से जम्मूतवी तक अनाज के अलावा अन्य वस्तुएं पहुंचाई जाती थी।

यह जानकारी रेल डिवीजन फिरोजपुर के डीआरएम राजेश अग्रवाल ने दी है। डीआरएम अग्रवाल ने कहा कि किसानों का आंदोलन और लंबा चला तो कोयले की कमी के कारण बिजली प्लांट बंद हो सकते हैं। अग्रवाल ने कहा कि 24 से 30 सितंबर तक कई स्थानों पर किसान धरने नहीं लगे थे, जिस कारण कई स्टेशनों से रात के समय मालगाड़ियों की आवाजाही सुचारु थी। एक अक्तूबर से पंजाब में लगभग 28 जगहों पर रेल पटरियों पर धरने चल रहे हैं, जिस कारण मालगाड़ियां बिल्कुल ही बंद हो चुकी हैं। 

‘मोदी सरकार पंजाब और हरियाणा के किसानों में डालना चाहती है फूट’
किसानों के रेल रोको आंदोलन के चलते 17 दिन तक मालगाड़ियां न चलने के कारण पंजाब और जम्मू-कश्मीर में वस्तुओं की कमी की समस्या होने लगी है। किसानों का कहना है कि ये समस्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण पैदा हुई है। 17वें दिन रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान नेताओं ने शनिवार को चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं किया तो इस आंदोलन को और बढ़ाया जाएगा। इससे होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की होगी।

दशहरे के दिन किसान फूंकेंगे केंद्र का पुतला
भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) ने शनिवार को एलान किया कि 25 अक्तूबर को दशहरे के मौके पर मोदी सरकार व उसके कारपोरेट घरानों के पुतले फूंके जाएंगे। पंजाब के शहरों व कस्बों में इस प्रोग्राम को लागू किया जाएगा। इस दौरान खेती कानून वापस लेने की मांग की जाएगी। शनिवार को भी गांव धबलान के रेलवे ट्रैक, समाना व पातड़ां के न्याल में रिलायंस पेट्रोल पंप घेर कर धरने जारी रहे और उधर गांव धरहेड़ी जट्टां के पास पटियाला-राजपुरा रोड पर टोल प्लाजा बंद करके धरना जारी रहा।

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