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क्लीन चिट देने के बदले तीन लाख मांगने वाला रीडर काबू
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अमृतसर। विजिलेंस ब्यूरो ने अपने ही विभाग में तैनात एक डीएसपी के रीडर को तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी रीडर ने यह रकम एक पुराने मामले में क्लीन चिट देने के लिए मांगी थी। ब्यूरो के एसएसपी परमपाल सिंह को शुक्रवार देर सायं इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने रीडर को काबू कर लिया।
तजिंदर बाली नामक यह कर्मचारी विजिलेंस ब्यूरो में डीएसपी के रीडर के तौर पर तैनात है। एक पुराने मामले में संलिप्त एक व्यक्ति को क्लीन चिट देने के बदले उसने तीन लाख रुपये की मांग की, जिसकी शिकायत पीड़ित ने एसएसपी को कर दी। लेकिन आरोपी को गिरफ्तारी की भनक लग गई तो वह ऑफिस से फरार हो गया। उसे इस तरह भागते देख विभागीय कर्मचारियों ने पीछा कर कचहरी चौक से उसे काबू कर लिया।
बताया जा रहा है कि यह रीडर अपने रैंक को लेकर भी चर्चाओं में रह चुका है। वह खुद को एसआई और इंस्पेक्टर कहता है और हमेशा सादे कपड़ों में ही रहकर आम जन पर रौब झाड़ता है। समाचार लिखे जाने तक ब्यूरो के अधिकारी पीड़ित के बयान दर्ज कर रहे थे। इसकी पुष्टि करते हुए एसएसपी परमपाल सिंह ने ज्यादा कुछ बताने से इनकार कर दिया।
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तजिंदर बाली नामक यह कर्मचारी विजिलेंस ब्यूरो में डीएसपी के रीडर के तौर पर तैनात है। एक पुराने मामले में संलिप्त एक व्यक्ति को क्लीन चिट देने के बदले उसने तीन लाख रुपये की मांग की, जिसकी शिकायत पीड़ित ने एसएसपी को कर दी। लेकिन आरोपी को गिरफ्तारी की भनक लग गई तो वह ऑफिस से फरार हो गया। उसे इस तरह भागते देख विभागीय कर्मचारियों ने पीछा कर कचहरी चौक से उसे काबू कर लिया।
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बताया जा रहा है कि यह रीडर अपने रैंक को लेकर भी चर्चाओं में रह चुका है। वह खुद को एसआई और इंस्पेक्टर कहता है और हमेशा सादे कपड़ों में ही रहकर आम जन पर रौब झाड़ता है। समाचार लिखे जाने तक ब्यूरो के अधिकारी पीड़ित के बयान दर्ज कर रहे थे। इसकी पुष्टि करते हुए एसएसपी परमपाल सिंह ने ज्यादा कुछ बताने से इनकार कर दिया।
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