{"_id":"6a7aaf4d1ef6e97366042f64","slug":"punjab-assembly-elections-waris-punjab-de-give-ticket-to-satwant-singh-from-bassi-pathana-2026-08-11","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पंजाब विधानसभा चुनाव: इंदिरा गांधी हत्याकांड के दोषी का बेटा बना पहला उम्मीदवार, वारिस पंजाब दे ने दिया टिकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब विधानसभा चुनाव: इंदिरा गांधी हत्याकांड के दोषी का बेटा बना पहला उम्मीदवार, वारिस पंजाब दे ने दिया टिकट
Tue, 11 Aug 2026 10:42 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Published by: Nivedita
Updated Tue, 11 Aug 2026 10:42 AM IST
सार
पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। वारिस पंजाब दे ने अपना पहला उम्मीदवार घोषित कर चुनावी गतिविधियों में तेजी ला दी है।
विज्ञापन
पंजाब विधानसभा चुनाव में पहला उम्मीदवार घोषित
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने अपना पहला उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पार्टी ने फतेहगढ़ साहिब की बस्सी पठाना विधानसभा सीट से सतवंत सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
विज्ञापन
सतवंत सिंह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की साजिश के मामले के दोषी केहर सिंह के बेटे हैं। पार्टी की ओर से मंगलवार को अमृतसर में उनके नाम की घोषणा की गई।
विज्ञापन
अमृतपाल के पिता ने किया एलान
उम्मीदवारी का एलान पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने किया। इस दौरान सांसद सरबजीत सिंह खालसा भी मौजूद रहे। पार्टी ने इसे 2027 चुनाव के लिए अपना पहला उम्मीदवार बताया है।
विज्ञापन
पार्टी नेताओं के अनुसार, सतवंत सिंह को उम्मीदवार बनाने के पीछे उन परिवारों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की नीति है, जिन्हें पार्टी पंथ और पंजाब के लिए संघर्ष करने वाले मानती है। तरसेम सिंह ने कहा कि ऐसे परिवारों के सम्मान को केवल बयानों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें संगठन और राजनीति में भी उचित स्थान मिलना चाहिए।
बस्सी पठाना में बढ़ेगी राजनीतिक हलचल
सतवंत सिंह की उम्मीदवारी के साथ बस्सी पठाना सीट पर चुनावी गतिविधियां समय से पहले तेज होने के संकेत हैं। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और 2022 में यहां से आम आदमी पार्टी के रूपिंदर सिंह विधायक चुने गए थे।
दिलचस्प बात यह है कि फरीदकोट के सांसद सरबजीत सिंह खालसा की बहन अमृत कौर मलोआ भी बस्सी पठाना से 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकी हैं। ऐसे में पंथक राजनीति से जुड़े दो प्रमुख चेहरों की सक्रियता के कारण यह सीट आने वाले समय में पंजाब की चर्चित सीटों में शामिल हो सकती है।
सतवंत सिंह की उम्मीदवारी के साथ बस्सी पठाना सीट पर चुनावी गतिविधियां समय से पहले तेज होने के संकेत हैं। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और 2022 में यहां से आम आदमी पार्टी के रूपिंदर सिंह विधायक चुने गए थे।
दिलचस्प बात यह है कि फरीदकोट के सांसद सरबजीत सिंह खालसा की बहन अमृत कौर मलोआ भी बस्सी पठाना से 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकी हैं। ऐसे में पंथक राजनीति से जुड़े दो प्रमुख चेहरों की सक्रियता के कारण यह सीट आने वाले समय में पंजाब की चर्चित सीटों में शामिल हो सकती है।