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गुरबख्श सिंह अपना अनशन खत्म करें : श्री अकाल तख्त
अमर उजाला, अमृतसर
Updated Tue, 24 Dec 2013 10:55 PM IST
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अपनी सजाएं पूरी कर चुके सिख युवकों की रिहाई के लिए अनशन पर मोहाली के गुरुद्वारा अंब साहिब में बैठे गुरबख्श सिंह को पांच सिंह साहिबान ने एक फैसला लेकर आदेश दिए हैं कि वे अपना अनशन तुरंत समाप्त कर दें।
जिस काम के लिए गुरबख्श सिंह ने आंदोलन शुरू किया था वह होना शुरू हो गया है। सजाएं पूरी कर चुके सिख युवाओं की रिहाई का काम शुरू हो गया है इसलिए गुरबख्श को भी अब अनशन वापस ले लेना चाहिए। पांच सिंह साहिबान की ओर से लिए गए फैसले की काफी फैक्स के माध्यम से गुरबख्श सिंह तक भी बाद दोपहर भेज दी गई।
गुरबख्श सिंह के आंदोलन को लेकर पांच सिंह साहिबान की बैठक मंगलवार को श्री अकाल तख्त साहिब में आयोजित की गई थी। इसमें श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह, दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह, तख्त केस गढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी माल सिंह और ज्ञानी रवेल सिंह भी शामिल हुए। पांच घंटे चली इस बैठक में एसजीपीसी के कुछ पदाधिकारी भी शामिल हुए।
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बैठक के बाद मीडिया के साथ बातचीत करते हुए ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि हम और सारी कौम गुरबख्श सिंह के साथ उनके आंदोलन में है। जिस सब्र और भरोसा का सबूत गुरबख्श सिंह ने दिया है वह काबिल-ए-तारीफ है। इस अभियान में एसजीपीसी और विदेशी सिख संगठनों का भी काफी सहयोग गुरबख्श सिंह को रहा है। उन्होंने सिख संगठन को हिदायत दी की 27 दिसंबर को माता गुजरी जी के शहीदी दिवस पर सिख संगत मूल मंत्र का जाप करे।
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जिस काम के लिए गुरबख्श सिंह ने आंदोलन शुरू किया था वह होना शुरू हो गया है। सजाएं पूरी कर चुके सिख युवाओं की रिहाई का काम शुरू हो गया है इसलिए गुरबख्श को भी अब अनशन वापस ले लेना चाहिए। पांच सिंह साहिबान की ओर से लिए गए फैसले की काफी फैक्स के माध्यम से गुरबख्श सिंह तक भी बाद दोपहर भेज दी गई।
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गुरबख्श सिंह के आंदोलन को लेकर पांच सिंह साहिबान की बैठक मंगलवार को श्री अकाल तख्त साहिब में आयोजित की गई थी। इसमें श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह, दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह, तख्त केस गढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी माल सिंह और ज्ञानी रवेल सिंह भी शामिल हुए। पांच घंटे चली इस बैठक में एसजीपीसी के कुछ पदाधिकारी भी शामिल हुए।
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बैठक के बाद मीडिया के साथ बातचीत करते हुए ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि हम और सारी कौम गुरबख्श सिंह के साथ उनके आंदोलन में है। जिस सब्र और भरोसा का सबूत गुरबख्श सिंह ने दिया है वह काबिल-ए-तारीफ है। इस अभियान में एसजीपीसी और विदेशी सिख संगठनों का भी काफी सहयोग गुरबख्श सिंह को रहा है। उन्होंने सिख संगठन को हिदायत दी की 27 दिसंबर को माता गुजरी जी के शहीदी दिवस पर सिख संगत मूल मंत्र का जाप करे।