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पठानकोट में बेघर परिवारों का डीसी दफ्तर पर प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Mon, 08 Aug 2016 10:05 PM IST
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डीसी कार्यालय के समक्ष रोष जताते पुनीत पिंटा व बेघर परिवार सदस्य।
- फोटो : amarujala
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भारत-पाक युद्ध के दौरान बेघर हुए धीरा के तीस परिवारों ने सोमवार को डीसी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पांच-पांच मरले के प्लाट दिए जाने का वादा पूरा नहीं करने पर सरकार के खिलाफ रोष जताया और मांग पूरी करने के लिए डीसी को ज्ञापन सौंपा।
बेघर हुए 30 परिवारों के लोग पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव पुनीत सैनी पिंटा के नेतृत्व में डीसी कार्यालय पहुंचे और रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान जंग बहादुर, बचन, बीरा, राज कुमार, अशोक कुमार, ब्रहम कुमार, मलकीत सिंह, रतनों देवी, हंस राज, रिंकू, सतीश कुमार, रानो देवी, जोगिन्द्र पाल, भोला राम, भजन लाल, फौजा सिंह, राकेश कुमार, प्रेम पाल आदि ने बताया कि भारत-पाक युद्ध के दौरान तीस परिवारों को धीरा गांव से उजाड़ दिया गया था। युद्ध के बाद प्रशासन की ओर से सभी परिवारों को 5-5 मरले के प्लांट देने का वायदा किया था। प्रशासन ने कई बार प्लांट के लिए सर्वे भी किया गया। इसके बाद भी अभी तक प्लांट नहंी दिये गए हैं।
वह जिस स्थान पर रह रहे हैं वह स्थान नहरी विभाग के पास पड़ता है। इसलिए जब भी बाढ़ की स्थिति होती है तो यहां पानी आ जाता है। वहीं नहरी विभाग की ओर से भी उन्हें इस स्थान को खाली करने के लिए कहा जा रहा है। डीसी ने मामला एसडीएम डॉ अमित कुमार को सौंप दिया।
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बेघर हुए 30 परिवारों के लोग पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव पुनीत सैनी पिंटा के नेतृत्व में डीसी कार्यालय पहुंचे और रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान जंग बहादुर, बचन, बीरा, राज कुमार, अशोक कुमार, ब्रहम कुमार, मलकीत सिंह, रतनों देवी, हंस राज, रिंकू, सतीश कुमार, रानो देवी, जोगिन्द्र पाल, भोला राम, भजन लाल, फौजा सिंह, राकेश कुमार, प्रेम पाल आदि ने बताया कि भारत-पाक युद्ध के दौरान तीस परिवारों को धीरा गांव से उजाड़ दिया गया था। युद्ध के बाद प्रशासन की ओर से सभी परिवारों को 5-5 मरले के प्लांट देने का वायदा किया था। प्रशासन ने कई बार प्लांट के लिए सर्वे भी किया गया। इसके बाद भी अभी तक प्लांट नहंी दिये गए हैं।
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वह जिस स्थान पर रह रहे हैं वह स्थान नहरी विभाग के पास पड़ता है। इसलिए जब भी बाढ़ की स्थिति होती है तो यहां पानी आ जाता है। वहीं नहरी विभाग की ओर से भी उन्हें इस स्थान को खाली करने के लिए कहा जा रहा है। डीसी ने मामला एसडीएम डॉ अमित कुमार को सौंप दिया।
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