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गुरदासपुर में पनसप कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Sat, 02 Apr 2016 04:00 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : dummy picture
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पनसप के मैनेजिंग डायरेक्टर के रवैये, पनसप की ओर से कर्मचारियों के किए जा रहे शोषण व अपनाई जा रही कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में समूह मुलाजिम पनसप यूनियन की ओर से गुरदासपुर, अमृतसर व होशियारपुर जोन के मुलाजिमों ने प्रदर्शन किया। डीएम मंजीत सिंह के नेतृत्व में इस संघर्ष के अंतर्गत पनसप कर्मचारियों ने गुरदासपुर स्थित कार्यालय में प्रदर्शन किया।
विपिन महाजन, कुलदीप सिंह, अमन वर्मा, रानी, अमरनाथ ने बताया कि उनकी यह लड़ाई पनसप के काम से संबंधित हैं। सही काम करने पर भी कई बार उन्हें प्रताड़ित किया जाता है, फील्ड स्टाफ को अपने काम के साथ साथ सहायकों के बिना ही पांच से 6 मंडियों का काम करने के लिए मजबूर किया जाता है।
शनिवार रविवार व अन्य सरकारी छुट्टियों में भी काम करने के लिए मजबूर किया जाता है, डाटा एंट्री आपरेटर के तौर पर 10-10 साल से काम करने वाले कर्मचारियों को भी उचित स्केल व तरक्की नहीं दी जा रही। ठेके पर काम करने वालों को भी पक्का नहीं किया जा रहा, कई कर्मचारियों को 35 साल की सेवा काल के बावजूद पूरे वित्तीय लाभ नहीं दिए जा रहे।
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कर्मचारियों का कहना है कि उच्च मैनेजमेंट हमेशा दूर के तबादले व चार्जशीटों का दबाव बनाकर उनसे ज्यादा काम लेती है और पनसप चंडीगढ़ के उच्चाधिकारी द्वारा बिना प्राथमिक जांच के पनसप कर्मचारियों को मुअत्तल किया जाता है।
अपनी इन मांगों व समस्याओं से संबंधित कर्मचारियों ने डिप्टी कमिश्नर के अतिरिक्त मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मैनेजिंग डायरेक्टर पनसप चंडीगढ़ व फूड एंड सिविल सप्लाई मंत्री को पत्र भी लिखा है।
कर्मचारियों का कहना है कि उनका यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक पनसप के उच्चाधिकारी व मैनेजमेंट दफतरी व फील्ड स्टाफ के प्रति अपने रवैये में बदलाव नहीं लाती। इस मौके पर विनोद हरभजन सिंह, कमला, प्रेम चंद, हरबंस लाल, कस्तूरी लाल, धर्मपाल उपस्थित थे।
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विपिन महाजन, कुलदीप सिंह, अमन वर्मा, रानी, अमरनाथ ने बताया कि उनकी यह लड़ाई पनसप के काम से संबंधित हैं। सही काम करने पर भी कई बार उन्हें प्रताड़ित किया जाता है, फील्ड स्टाफ को अपने काम के साथ साथ सहायकों के बिना ही पांच से 6 मंडियों का काम करने के लिए मजबूर किया जाता है।
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शनिवार रविवार व अन्य सरकारी छुट्टियों में भी काम करने के लिए मजबूर किया जाता है, डाटा एंट्री आपरेटर के तौर पर 10-10 साल से काम करने वाले कर्मचारियों को भी उचित स्केल व तरक्की नहीं दी जा रही। ठेके पर काम करने वालों को भी पक्का नहीं किया जा रहा, कई कर्मचारियों को 35 साल की सेवा काल के बावजूद पूरे वित्तीय लाभ नहीं दिए जा रहे।
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कर्मचारियों का कहना है कि उच्च मैनेजमेंट हमेशा दूर के तबादले व चार्जशीटों का दबाव बनाकर उनसे ज्यादा काम लेती है और पनसप चंडीगढ़ के उच्चाधिकारी द्वारा बिना प्राथमिक जांच के पनसप कर्मचारियों को मुअत्तल किया जाता है।
अपनी इन मांगों व समस्याओं से संबंधित कर्मचारियों ने डिप्टी कमिश्नर के अतिरिक्त मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मैनेजिंग डायरेक्टर पनसप चंडीगढ़ व फूड एंड सिविल सप्लाई मंत्री को पत्र भी लिखा है।
कर्मचारियों का कहना है कि उनका यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक पनसप के उच्चाधिकारी व मैनेजमेंट दफतरी व फील्ड स्टाफ के प्रति अपने रवैये में बदलाव नहीं लाती। इस मौके पर विनोद हरभजन सिंह, कमला, प्रेम चंद, हरबंस लाल, कस्तूरी लाल, धर्मपाल उपस्थित थे।