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किसान संगठनों ने डीसी कार्यालय के समक्ष दिया धरना
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Tue, 26 Jul 2016 09:20 PM IST
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डीसी कार्यालय के समक्ष धरना देते किसान संगठन।
- फोटो : amarujala
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किसानों की मांगों को लेकर किरती किसान यूनियन और भारतीय किसान यूनियन एकता (उग्राहां) की ओर से गुरु नानक पार्क में एकत्र होने के बाद प्रदर्शन करते हुए डीसी कार्यालय के समक्ष धरना दिया गया। धरने की अध्यक्षता किसान यूनियन एकता के जिलाध्यक्ष लखविंदर सिंह और तरलोक सिंह बहरामपुर ने की।
किरती किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सतबीर सिंह सुलतानी और जिलाध्यक्ष लखविंदर सिंह ने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार किसानों-मजदूरों के हितों की अनदेखी करते हुए बड़े उद्योगपतियों व कंपनियों के मुनाफों में बढ़ोतरी करने वाली नीतियां लागू कर रही है।
पंजाब का किसान कर्जदारी में फंसकर आत्महत्या कर रहा है। खेती घाटे का धंधा बन गई है लेकिन केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों को संकट से निकालने के लिए गंभीर नहीं है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि असमर्थ किसानों का समूह कर्ज माफ किया जाए, कर्ज करके खुदकुशियां करने वाले किसानों-मजदूरों के पीड़ित परिवारों को पांच लाख मुआवजा दिलाया जाए और परिवार के कम से कम एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
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धरने को हरदियाल सिंह, अजीत सिंह, बलविंदर सिंह, मुखविंदर सिंह, अजीत सिंह, कर्म सिंह, डा. अशोक भारती, तरलोक सिंह, दलबीर सिंह, भजन सिंह, पलविंदर सिंह, सुखदेव सिंह मौजूद थे।
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किरती किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सतबीर सिंह सुलतानी और जिलाध्यक्ष लखविंदर सिंह ने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार किसानों-मजदूरों के हितों की अनदेखी करते हुए बड़े उद्योगपतियों व कंपनियों के मुनाफों में बढ़ोतरी करने वाली नीतियां लागू कर रही है।
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पंजाब का किसान कर्जदारी में फंसकर आत्महत्या कर रहा है। खेती घाटे का धंधा बन गई है लेकिन केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों को संकट से निकालने के लिए गंभीर नहीं है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि असमर्थ किसानों का समूह कर्ज माफ किया जाए, कर्ज करके खुदकुशियां करने वाले किसानों-मजदूरों के पीड़ित परिवारों को पांच लाख मुआवजा दिलाया जाए और परिवार के कम से कम एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
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धरने को हरदियाल सिंह, अजीत सिंह, बलविंदर सिंह, मुखविंदर सिंह, अजीत सिंह, कर्म सिंह, डा. अशोक भारती, तरलोक सिंह, दलबीर सिंह, भजन सिंह, पलविंदर सिंह, सुखदेव सिंह मौजूद थे।