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रद्द किए जाएंगे बिजली समझौते और खेती कानून - नवजोत सिद्धू

Thu, 12 Aug 2021 11:10 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Thu, 12 Aug 2021 11:10 PM IST
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Power agreements and farming laws will be canceled - Navjot Sidhu
पंजाब कांग्रेस कमेटी के प्रधान और विधायक नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में दोबारा सरकार बनी तो सूबे में बिजली समझौतों और खेती कानूनों को रद्द करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि पंजाब के हितों के लिए उन्होंने कभी कोई समझौता नहीं किया। जबकि बादलों ने 7 रुपये की बिजली 17 रुपये में खरीदी और आठ हजार करोड़ तो बिना बिजली खरीदे ही चुका दिए।
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वीरवार शाम ईस्ट विधानसभा हलके में विकास कामों की शुरुआत करने के बाद आयोजित समारोह में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें याद है वह दिन, जब दो स्लीवलेस कमीजों और एक छोटी से संदूकड़ी लेकर वे अमृतसर आए थे। तब वे डरे थे कि छह बार के विजेता सांसद के सामने उन्हें उतरना है। यह भी कहा गया कि लोकसभा के चुनाव पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, जबकि उनके पास इतने पैसे नहीं थे। लेकिन अमृतसर के लोगों ने उन्हें भरपूर प्यार दिया और मात्र 47 लाख रुपये में उन्हें व उनके परिवार को छह बार चुनाव जिता दिया। वे तो क्या उनकी सात पीढ़ियां भी अमृतसर के लोगों का कर्ज नहीं उतार सकतीं।
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नवजोत सिद्धू ने कहा कि पटियाला मेरी जन्मभूमि है और गुरु की नगरी श्री अमृतसर साहिब मेरी कर्मभूमि है। ईस्ट विधानसभा हलके में कांग्रेस के 60 साल के कार्यकाल में उतने पैसे विकास पर खर्च नहीं हुए, जितने उन्होंने अपने और अपनी विधायक पत्नी के दस साल के कार्यकाल में खर्च कर दिए। उन्होंने अब 42 करोड़ रुपये से इलाके का विकास करवाए जाने की शुरुआत की है। इससे इलाके के 360 परिवार पर 1.70 लाख रुपये प्रति परिवार खर्च होंगे। उन्होंने शहर के उपभोक्ताओं को बिजली 12 रुपये प्रति यूनिट मिलने पर कहा कि बादलों ने 7 रुपये प्रति यूनिट वाली बिजली 17 रुपये में खरीदकर पंजाब के सिर 65 हजार करोड़ का कर्ज चढ़ा दिया।
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सिद्धू ने कहा कि बादलों ने तो बिना बिजली खरीदे ही आठ हजार करोड़ रुपये चुका दिए। अब बिजली समझौतों व खेती कानूनों को रद्द करवाना ही उनकी प्राथमिकता रहेगी, क्योंकि यह पूरी तरह से असंवैधानिक हैं। इस अवसर पर उन्होंने रेल हादसे के 270 पीड़ित परिवारों को नौकरी देने और 1984 के दंगा पीड़ित दुकानदारों को एक तिहाई कीमत पर दुकानें दिए जाने की सिफारिश की। उन्होंने साफ कहा कि मैंने पंजाब के हितों के लिए न तो पहले कभी समझौता किया और न ही भविष्य में कभी करूंगा। अब उन्हें हाईकमान ने अपने सपनों का पंजाब बनाने की जिम्मेवारी दी है, जिसे वे बखूबी निभा रहे हैं। इससे पहले उन्होंने मकबूलपुरा और मोहकमपुरा इलाकों का दौरा किया। इस अवसर पर विधायक इंद्रबीर बुलारिया, मेयर कर्मजीत सिंह रिंटू और इलाका पार्षद मौजूद रहे।
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