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पटवारियों ने मांगों को लेकर टैंक चौक में किया रोष प्रदर्शन
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पटवारियों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को एक बार फिर डीसी आफिस के प्रवेश द्वार के सामने टैंक चौक में रोष प्रदर्शन किया। इनकी मुख्य मांग पंजाब में पटवारियों के खाली पड़े पदों को भरना है, ताकि फील्ड में काम कर रहे मौजूदा पटवारियों को राहत मिल सके। द रेवेन्यू पटवार यूनियन के जिला प्रधान कुलवंत सिंह डेयरीवाल के नेतृत्व में पटवारियों, कानूगो और गांवों के नंबरदारों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पंजाब सरकार की ओर से पटवारियों पर डाली जिम्मेवारी के अतिरिक्त बोझ से खफा हैं।
जिला प्रधान कुलवंत सिंह डेयरीवाल और महासचिव हरपाल सिंह समरा ने बताया कि राज्य में पटवारियों के एक तिहाई पद रिक्त पड़े हुए हैं, जिन्हें भरने के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही। पंजाब के 12 हजार से अधिक गांवों के काम की जिम्मेवारी करीब 4 हजार पटवारियों के कंधों पर है। एक-एक पटवारी को तीन पटवारियों का काम देखना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि ऐसे हालतों में पटवारी अपनी ड्यूटी वाले गांव के अतिरिक्त दो से तीन गांवों की जमीनों का काम देखता है। इसके चलते पटवारी लगातार बोझ के तले दबे रहते हैं। इसके चलते कुछ एक पटवारी तो मानसिक दवाब में चले गए। उन्होंने कहा कि सरकार नए पटवारियों की भर्ती करें तो उन्हें राहत मिल सकती है।
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पहले पटवारी अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते थे, लेकिन अब कानूगो और गांवों के नंबरदार भी उनके साथ खड़े हो गए हैं और रोष प्रदर्शन का हिस्सा बनने लगे हैं।
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जिला प्रधान कुलवंत सिंह डेयरीवाल और महासचिव हरपाल सिंह समरा ने बताया कि राज्य में पटवारियों के एक तिहाई पद रिक्त पड़े हुए हैं, जिन्हें भरने के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही। पंजाब के 12 हजार से अधिक गांवों के काम की जिम्मेवारी करीब 4 हजार पटवारियों के कंधों पर है। एक-एक पटवारी को तीन पटवारियों का काम देखना पड़ता है।
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उन्होंने बताया कि ऐसे हालतों में पटवारी अपनी ड्यूटी वाले गांव के अतिरिक्त दो से तीन गांवों की जमीनों का काम देखता है। इसके चलते पटवारी लगातार बोझ के तले दबे रहते हैं। इसके चलते कुछ एक पटवारी तो मानसिक दवाब में चले गए। उन्होंने कहा कि सरकार नए पटवारियों की भर्ती करें तो उन्हें राहत मिल सकती है।
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पहले पटवारी अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते थे, लेकिन अब कानूगो और गांवों के नंबरदार भी उनके साथ खड़े हो गए हैं और रोष प्रदर्शन का हिस्सा बनने लगे हैं।