{"_id":"b3714df84174ba09d471e30a5cc19eff","slug":"patna-sahib-dispute-solve-meeting-amritsar","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं निकला तख्त पटना साहिब विवाद का हल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं निकला तख्त पटना साहिब विवाद का हल
अमर उजाला, अमृतसर
Updated Mon, 27 Jan 2014 09:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्री अकाल तख्त साहिब पर हुई पांच सिंह साहिबान की बैठक में तख्त पटना साहिब के मामले में कोई भी सार्थक फैसला नहीं हो पाया।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बैठक के बाद मीडिया के साथ बातचीत में बताया कि तख्त पटना साहिब के मुद्दे पर बैठक में अधिक चर्चा नहीं की गई है। सारी घटना की तह तक जाने के लिए घटना की सीडी मंगवाई गई है।
मामले की जांच के लिए श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से भी एसजीपीसी की एक कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी की भी रिपोर्ट उनके पास पहुंच गई है, लेकिन सीडी देखनी बहुत जरूरी है। घटना वाले दिन श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह और अरदासिया कुलविंदर सिंह भी वहां मौजूद थे। इस लिए उनसे भी जानकारी हासिल करनी है।
श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से पहले ही फैसला लिया गया था कि जो भी मामले पुलिस और अदालतों में हैं, उन पर श्री अकाल तख्त साहिब के ओर से कोई आदेश जारी नहीं किया जाएगा। यह मामला पुलिस के पास है इसलिए इस पर कोई भी विचार करना ठीक नही होगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जब अकाल तख्त साहिब की ओर से कमेटी बनाई गई थी मामले की जांच के लिए तो फिर संत समाज की किसी रिपोर्ट की कोई जरूरत ही नहीं रह जाती।
ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि राजस्थान के बुढा जोहड़ में चल रहे जोहड़ ट्रस्ट के पदाधिकारियों को श्री अकाल तख्त साहिब के ओर से ट्रस्ट भंग करके नया ट्रस्ट बना कर काम करने के लिए कहा गया था लेकिन ट्रस्ट के सदस्यों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसलिए ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों को बैठक में तनखैय्या करार दे दिया गया है। अगर अगली बैठक तक ट्रस्ट के सदस्यों ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों पर ध्यान न दिया तो फिर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विदेशों से सूचनाएं मिल रही हैं कि विदेशों में सिख लड़कियों का धर्म परिवर्तन किया जा रहा है और धक्के से उनकी शादी की जा रही है। इस सारे मामले की तह तक जाने और रिपोर्ट भेजने के लिए सिख काउंसिल यूके को आदेश जारी किए गए हैं।
सिख काउंसिल यूके के ही पांच सिंह साहिबानों के साथ सलाह करके समस्याओं को हल निकालेगी और अंतिम फैसले श्री अकाल तख्त साहिब से ही जारी होंगे। उन्होंने कहा कि विदेशों में कुछ गुरुद्वारों में अंदर कुछ संगतों के आने-जाने पर रोक लगाई है। लेकिन सिख धर्म के अनुसार किसी के भी गुरुद्वारे में आने पर रोक नहीं लगाई जा सकती। सभी को गुरुद्वारे में आने की छूट है।
इस बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह, तख्त केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी मल सिंह, दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी बलवंत सिंह नंदगढ़, श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी जगतार सिंह और दरबार साहिब के ग्रंथी ज्ञानी सुखजिंदर सिंह शामिल थे।
विज्ञापन
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बैठक के बाद मीडिया के साथ बातचीत में बताया कि तख्त पटना साहिब के मुद्दे पर बैठक में अधिक चर्चा नहीं की गई है। सारी घटना की तह तक जाने के लिए घटना की सीडी मंगवाई गई है।
मामले की जांच के लिए श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से भी एसजीपीसी की एक कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी की भी रिपोर्ट उनके पास पहुंच गई है, लेकिन सीडी देखनी बहुत जरूरी है। घटना वाले दिन श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह और अरदासिया कुलविंदर सिंह भी वहां मौजूद थे। इस लिए उनसे भी जानकारी हासिल करनी है।
विज्ञापन
श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से पहले ही फैसला लिया गया था कि जो भी मामले पुलिस और अदालतों में हैं, उन पर श्री अकाल तख्त साहिब के ओर से कोई आदेश जारी नहीं किया जाएगा। यह मामला पुलिस के पास है इसलिए इस पर कोई भी विचार करना ठीक नही होगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जब अकाल तख्त साहिब की ओर से कमेटी बनाई गई थी मामले की जांच के लिए तो फिर संत समाज की किसी रिपोर्ट की कोई जरूरत ही नहीं रह जाती।
ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि राजस्थान के बुढा जोहड़ में चल रहे जोहड़ ट्रस्ट के पदाधिकारियों को श्री अकाल तख्त साहिब के ओर से ट्रस्ट भंग करके नया ट्रस्ट बना कर काम करने के लिए कहा गया था लेकिन ट्रस्ट के सदस्यों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसलिए ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों को बैठक में तनखैय्या करार दे दिया गया है। अगर अगली बैठक तक ट्रस्ट के सदस्यों ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों पर ध्यान न दिया तो फिर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विदेशों से सूचनाएं मिल रही हैं कि विदेशों में सिख लड़कियों का धर्म परिवर्तन किया जा रहा है और धक्के से उनकी शादी की जा रही है। इस सारे मामले की तह तक जाने और रिपोर्ट भेजने के लिए सिख काउंसिल यूके को आदेश जारी किए गए हैं।
सिख काउंसिल यूके के ही पांच सिंह साहिबानों के साथ सलाह करके समस्याओं को हल निकालेगी और अंतिम फैसले श्री अकाल तख्त साहिब से ही जारी होंगे। उन्होंने कहा कि विदेशों में कुछ गुरुद्वारों में अंदर कुछ संगतों के आने-जाने पर रोक लगाई है। लेकिन सिख धर्म के अनुसार किसी के भी गुरुद्वारे में आने पर रोक नहीं लगाई जा सकती। सभी को गुरुद्वारे में आने की छूट है।
इस बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह, तख्त केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी मल सिंह, दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी बलवंत सिंह नंदगढ़, श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी जगतार सिंह और दरबार साहिब के ग्रंथी ज्ञानी सुखजिंदर सिंह शामिल थे।