फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   Non-bailable warrant against ASI in the case of headless body found 12 years ago

Amritsar News: 12 साल पहले सिर कटा शव मिलने के मामले में एएसआई के खिलाफ गैर जमानती वारंट

Mon, 26 Aug 2024 12:56 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 26 Aug 2024 12:56 PM IST
विज्ञापन
Non-bailable warrant against ASI in the case of headless body found 12 years ago
-राम सिंह और कुंवर विजय प्रताप सिंह सहित कई अन्य अधिकारियों को फिर से जारी किए गए समन
विज्ञापन

-पीड़ित को अवैध हिरासत में रखने, प्रताड़ित करने और दस्तावेजों से छेड़छाड़ करने का आरोप

---
गुरदासपुर। 12 साल पहले इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की सात नंबर स्कीम में एक सिर कटा शव मिलने वाले मामले में जिला अदालत ने एएसआई यादविंदर सिंह के गैरजमानती वारंट जारी किए हैं। मामले में शामिल कुछ अन्य अधिकारियों को जमानत देने के बाद कुछ को अदालत में पेश होने के लिए फिर से समन जारी किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि एक महिला की हत्या के आरोप में उसके पति व उसके पारिवारिक सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया था। बाद में अपने दामाद को फंसाने के लिए ससुर ने किसी अन्य महिला की हत्या करके उसे अपनी बेटी के कपड़े पहना दिए थे। शिकायतकर्ता मनोज कुमार की शादी गोल्डी पुत्री बुआ मसीह निवासी गांव मान चौपड़ा के साथ हुई थी। शिकायतकर्ता का ससुर उसकी बेटी की शादी किसी अन्य लड़के से करवाना चाहता था। इसलिए वह शिकायतकर्ता को किसी झूठे आपराधिक मामले में फंसाने का इरादा रखता था।
विज्ञापन


बेटी की हत्या दिखाने के लिए किसी और महिला का कर दिया था मर्डर
शिकायतकर्ता मनोज कुमार के ससुर बुआ मसीह ने मनोज कुमार की पत्नी और उसके अन्य परिजनों के साथ मिलीभगत करके 11 दिसंबर, 2011 की रात को दर्शना उर्फ गोगन नामक एक और महिला की हत्या कर दी और उसका सिर अलग कर दिया। शव से कपड़े उतार कर शिकायतकर्ता की पत्नी के कपड़े दर्शना उर्फ गोगन के शव पर डाल दिए। शिकायतकर्ता के ससुराल वालों का राजनीतिक प्रभाव था। उन्होंने पुलिस में झूठी शिकायत कर दी कि शिकायतकर्ता मनोज कुमार और उसके परिजनों ने उसकी बेटी गोल्डी की हत्या कर दी है। पुलिस ने 12 दिसंबर, 2011 को हत्या का मामला दर्ज कर लिया। उसी दिन दोपहर दो बजे एएसआई जोगिंदर सिंह, एसएचओ जोगा सिंह, इंस्पेक्टर यादविंदर सिंह, डीएसपी गरीब दास और डीएसपी अजिंदर सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने उसके क्वार्टर में छापा मारा और शिकायकर्ता मनोज और उसके परिजनों को भी हिरासत में लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस पार्टी के अधिकारियों ने शिकायतकर्ता और उसके परिजनों को अलग-अलग थानों में 10 दिनों तक अवैध हिरासत में रखा। शिकायतकर्ता और उनके परिजनों को महिला की हत्या कबूलने के लिए प्रताड़ित किया गया। पूछताछ के दौरान भी पुलिस पार्टी ने शिकायतकर्ता को अंदरूनी चोटें पहुंचाईं। शिकायतकर्ता के खिलाफ झूठी साजिश करने और एक महिला की हत्या के आरोप में शिकायतकर्ता की पत्नी, उसके ससुर, साले और अन्य साथियों सहित करीब आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिन्हें अदालत ने 9 मार्च, 2017 को उम्रकैद की सजा भी दी जा चुकी है।


हाईकोर्ट ने किया हस्तक्षेप
तरफ हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जिले की एक अदालत ने तत्कालीन पुलिस अधिकारियों राम सिंह, आईपीएस तत्कालीन डीआईजी अमृतसर कुंवर विजय प्रताप, आईपीएस जसकीरत सिंह चाहल, एसपी गुरचरण सिंह गोराया, डीएसपी अजिंदर सिंह, डीएसपी गरीब दास, डीएसपी यादविंदर सिंह, एसएचओ जोगा सिंह और एएसआई जगदेव सिंह के खिलाफ शिकायकर्ता मनोज कुमार और उसके परिजनों को अवैध हिरासत में रखने, प्रताड़ित करने और दस्तावेजों से छेड़छाड़ करने के आरोपों में मामले की सुनवाई शुरू कर दी है। जिला अदालत की ओर से नियमों के तहत पुलिस अधिकारियों को पहले पेश होने के लिए समन जारी किए गए थे। इनमें से एएसआई जगदेव सिंह को जमानत मिल चुकी है, जबकि तत्कालीन डीएसपी गरीब दास की ओर से वकील के माध्यम से आत्मसमर्पण और जमानत के लिए याचिका दायर की थी। इसकी सुनवाई के बाद उसे भी जमानत दे दी गई है। राम सिंह, कुंवर विजय प्रताप सिंह, गुरचरण सिंह, अजिंदर सिंह, इंस्पेक्टर जोगा सिंह, जसकीरत सिंह चाहल को 7 सितंबर को फिर से पेश होने के लिए सम्मन जारी किए गए है। एक और कथित आरोपी एएसआई यादविंदर सिंह की गिरफ्तारी के वारंट अदालत जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed