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शहर के अन्नगढ़ इलाके में भी चलता है नशे से मौत का खेल
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अमृतसर। अमृतसर के अन्नगढ़ इलाके में नशे का खेल चल रहा है। नशे से होने वाली मौत थमने का नाम नहीं ले रहीं। पुलिस नशे पर लगाम लगाने के लिए छोटे मोटे तस्करों को गिरफ्तार तो करती है पर नशेड़ियों को गिरफ्तार करने से डरती है। ऐसे लोग नशे के बिना रह नहीं पाते। उन्हें नशा देना संभव नहीं। अमर उजाला की टीम ने अन्नगढ़ में ऐसे दो परिवारों को ढूंढ निकाला, जिसमें एक परिवार बेटे की नशे से मौत के बाद उजड़ गया और दूसरा परिवार अपने बेटे की नशे की आदत से तंग है। हालात यह हैं कि पुलिस ने उसकी मां पर केस दर्ज कर लिया।
अन्नगढ़ की मनजीत कौर ने बताया कि पिछले साल उनके 35 वर्षीय जवान बेटे की नशे से मौत हो गई। बेटे की मौत के कुछ माह बाद ही उसकी बहू की मौत हो गई। बेटे के दो बच्चों, बेटी चार साल और बेटा डेढ़ साल की जिम्मेदारी उन पर है। पति गुलजार सिंह बुजुर्ग हैं, कभी-कभार मजदूरी के लिए घर से निकल पाते हैं। मजबूरी में अपने पोते को पालन पोषण के लिए बड़ी बेटी के पास भेज दिया है और खुद मेहनत- मजदूरी करके पोती की परवरिश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि नशे पर काबू पाना सरकार के लिए संभव नहीं। शहर के कुछ इलाकों में चिट्टा सरेआम बिकता है। पुलिस छोटे मोटे तस्करों को काबू करके शाबाशी ले लेती है पर नशे के बड़े सौदागरों तक नहीं पहुंच पाती। मनजीत कौर ने बताया कि सरकार को नशे से पीड़ित परिवारों के पुनर्वास का प्रोग्राम चलाना चाहिए।
इसी इलाके में रहने वाले सनी ने बताया कि उनके पिता की मौत हो चुकी है। वह एक दुकान में सेल्समैन है। उसकी मां लोगों के घरों में बर्तन साफ करने का काम करती है। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले वह बुरी संगती में पड़ कर नशा करने लगा था। फिर इसका आदी हो गया। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले घर में रखे अपनी मां के पर्स में नशे की दो पुड़िया रखी थी। मां को इसकी जानकारी नहीं थी, वह बाजार से सामान खरीदने के लिए उसी पर्स को लेकर बाहर चली गई। इस दौरान पुलिस ने उसकी मां को नशे की पुड़िया के साथ काबू कर लिया। इसका पता चलने पर उसने पुलिस से कहा कि इस नशे का उसकी मां के साथ कोई संबंध नहीं। यह पुड़िया उसने मां के पर्स में रखी थी। ऐसे में केस उसके खिलाफ होना चाहिए। लेकिन पुलिस ने उसकी मां के खिलाफ ही केस दर्ज कर लिया।
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सरकार को करनी चाहिए सख्त कार्रवाई
आम आदमी पार्टी के ब्लाक प्रधान सन्नी सहोता कहते हैं कि सरकार को नशे पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्नगढ़ और इसके आस-पास के इलाके में पिछले सालों के दौरान कई लोग नशे से अपनी जान खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि नशे की गर्त में डूब चुके लोगों का पुणर्वास करने के लिए कोई ठोस पालिसी बनाई जानी चाहिए। पुलिस को इसमें ईमानदारी से काम करते हुए सिर्फ गलत लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। कई बार बेकसूर लोगों के इस तरह के मामलों में फंसने के चलते उनका परिवार उजड़ जाता है। बहुत जल्द वे अन्नगढ़ और इसके आस-पास के इलाकों में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान शुरू करके लोगों को इसके बुरे प्रभावों के खिलाफ जागरूक करेंगे।
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अन्नगढ़ की मनजीत कौर ने बताया कि पिछले साल उनके 35 वर्षीय जवान बेटे की नशे से मौत हो गई। बेटे की मौत के कुछ माह बाद ही उसकी बहू की मौत हो गई। बेटे के दो बच्चों, बेटी चार साल और बेटा डेढ़ साल की जिम्मेदारी उन पर है। पति गुलजार सिंह बुजुर्ग हैं, कभी-कभार मजदूरी के लिए घर से निकल पाते हैं। मजबूरी में अपने पोते को पालन पोषण के लिए बड़ी बेटी के पास भेज दिया है और खुद मेहनत- मजदूरी करके पोती की परवरिश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि नशे पर काबू पाना सरकार के लिए संभव नहीं। शहर के कुछ इलाकों में चिट्टा सरेआम बिकता है। पुलिस छोटे मोटे तस्करों को काबू करके शाबाशी ले लेती है पर नशे के बड़े सौदागरों तक नहीं पहुंच पाती। मनजीत कौर ने बताया कि सरकार को नशे से पीड़ित परिवारों के पुनर्वास का प्रोग्राम चलाना चाहिए।
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इसी इलाके में रहने वाले सनी ने बताया कि उनके पिता की मौत हो चुकी है। वह एक दुकान में सेल्समैन है। उसकी मां लोगों के घरों में बर्तन साफ करने का काम करती है। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले वह बुरी संगती में पड़ कर नशा करने लगा था। फिर इसका आदी हो गया। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले घर में रखे अपनी मां के पर्स में नशे की दो पुड़िया रखी थी। मां को इसकी जानकारी नहीं थी, वह बाजार से सामान खरीदने के लिए उसी पर्स को लेकर बाहर चली गई। इस दौरान पुलिस ने उसकी मां को नशे की पुड़िया के साथ काबू कर लिया। इसका पता चलने पर उसने पुलिस से कहा कि इस नशे का उसकी मां के साथ कोई संबंध नहीं। यह पुड़िया उसने मां के पर्स में रखी थी। ऐसे में केस उसके खिलाफ होना चाहिए। लेकिन पुलिस ने उसकी मां के खिलाफ ही केस दर्ज कर लिया।
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सरकार को करनी चाहिए सख्त कार्रवाई
आम आदमी पार्टी के ब्लाक प्रधान सन्नी सहोता कहते हैं कि सरकार को नशे पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्नगढ़ और इसके आस-पास के इलाके में पिछले सालों के दौरान कई लोग नशे से अपनी जान खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि नशे की गर्त में डूब चुके लोगों का पुणर्वास करने के लिए कोई ठोस पालिसी बनाई जानी चाहिए। पुलिस को इसमें ईमानदारी से काम करते हुए सिर्फ गलत लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। कई बार बेकसूर लोगों के इस तरह के मामलों में फंसने के चलते उनका परिवार उजड़ जाता है। बहुत जल्द वे अन्नगढ़ और इसके आस-पास के इलाकों में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान शुरू करके लोगों को इसके बुरे प्रभावों के खिलाफ जागरूक करेंगे।