शहादत को सलाम: सिर पर सेहरा देखने की थी ख्वाहिश, तिरंगे में लिपट कर आया लाल, सदमे में मां, पूछा- मेरा जस्सा कित्थे चला गेया
पंजाब के तरनतारन जिले के गांव वेईपुई निवासी लांस नायक जसवीर सिंह ने आतंकियों से लोहा लेते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। शुक्रवार को पैतृक गांव में उन्हें अंतिम विदाई दी गई। पिता की बेटे के सिर पर सेहरा देखने की ख्वाहिश थी। लेकिन बेटा तिरंगे में लिपट घर आया तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया।
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दक्षिण कश्मीर के नौगांव (वेरीनाग) क्षेत्र में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए 19 राष्ट्रीय राइफल्स के लांस नायक जसवीर सिंह को शुक्रवार को उनके पैतृक गांव वेईपुई में अंतिम विदाई दी गई। तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर को जब श्मशानघाट लाया गया तो गांव के लोगों ने भारत माता की जय व पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाकर शहीद लांस नायक को श्रद्धांजलि दी। गांव वेईपुई निवासी छोटे किसान परिवार के जसवीर सिंह 28 दिसंबर, 2014 को सेना में भर्ती हुए थे।
गुरुवार को सुबह छह बजे पहले परिवार को खबर आई कि आतंकियों से मुकाबले के दौरान जसवीर सिंह घायल हुए हैं। दो घंटे बाद खबर मिली कि वह वीरगति को प्राप्त हो चुके हैं। लांस नायक जसवीर सिंह के पिता गुरभेज सिंह, मां सुखविंदर कौर और भाई रणजीत सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है।

लांस नायक जसवीर सिंह की मां सुखविंदर कौर बेहोश हो रही थीं। वह हर किसी से पूछ रही थीं कि मेरा जस्सा कित्थे चला गेया.. यह सुनते ही गुरभेज सिंह ने कहा, तूहीं तां केहा सी कि सेना दी नौकरी करके देश दी सेवा करनी ऐ। पर ऐह नईं सी पता कि जस्सा बहादुरी नाल आतंकवादियां नाल लोहा लैंदेयां शहीद हो जावेगा।
लांस नायक जसवीर सिंह के पिता गुरभेज सिंह को दिलासा देने वाले ग्रामीण भी आंसू नहीं रोक पाए। ढाई एकड़ जमीन के मालिक गुरभेज सिंह का छोटा बेटा रणजीत पिता को दिलासा दे रहा था कि फर्ज का पालन करना हर सिपाही का धर्म होता है लेकिन वह भी आंसू नहीं रोक पा रहे थे।

लांस नायक जसबीर सिंह को अंतिम विदाई देते लोग।
गांव के सरपंच सतनाम सिंह, कांग्रेस नेता बलराम सिंह, पंच भूपिंदर सिंह ने बताया कि जसवीर सिंह की बड़ी बहन राजविंदर कौर गांव छज्जलवड्डी (बाबा बकाला) में ब्याही है। खडूर साहिब के सांसद जसबीर सिंह गिल, विधायक रमनजीत सिंह सिक्की, डॉ. धर्मबीर अग्निहोत्री, डीसी कुलवंत सिंह, एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने लांस नायक जसवीर सिंह की शहादत पर दुख प्रकट किया।
बेटे की शहादत से मां सदमे में
विधानसभा हलका खडूर साहिब के गांव वेईपुई निवासी किसान गुरभेज सिंह के बड़े बेटे जसवीर सिंह का 25 फरवरी 1995 को जन्म हुआ था। 28 दिसंबर, 2014 को सेना में भर्ती होने वाले जसवीर सिंह डेढ़ माह पहले दो सप्ताह की छुट्टी पर घर आए थे। बेटे की शहादत की खबर सुनकर मां सुखविंदर कौर सदमे में हैं। पिता गुरभेज सिंह भी सुधबुध खो बैठे हैं। वे लाडले के सिर सेहरा देखना चाहते थे लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था।
शहीद लांस नायक के परिवार को 50 लाख और सरकारी नौकरी का एलान
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने शुक्रवार को लांस नायक जसबीर सिंह, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के अनंतनाग इलाके में आतंकवादियों के विरुद्ध बहादुरी से लड़ते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी, के परिवार को 50 लाख रुपये एक्सग्रेशिया और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया है।
बहादुर सिपाही के शोक संतप्त परिवार के साथ हमदर्दी प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपनी जान दांव पर लगाते हुए शहीद द्वारा दिखाई गई समर्पित भावना, उनके साथियों और अन्यों को भी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ अपनी ड्यूटी निभाने के लिए प्रेरित करेगी।