करतारपुर कॉरिडोर: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी रखेगी भारतीय श्रद्धालुओं का हिसाब, सौंपी गई जिम्मेदारी
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पाकिस्तान सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के बायोमीट्रिक पंजीकरण की जिम्मेदारी खुफिया फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) को सौंपी है। इस एजेंसी के अधिकारियों ने पाकिस्तान साइड में बने मुख्य टर्मिनल में अपने काउंटर स्थापित कर दिए हैं।
करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते पाकिस्तान सीमा में प्रवेश करने वाले यात्रियों को बसों से टर्मिनल में ले जाया जाएगा। गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होने से पहले दस्तावेजों की जांच के बाद यात्री 20 डॉलर की फीस भरेंगे, जिसके बाद उन्हें वहां तैनात अधिकारी दो कूपन जारी करेंगे। इन कूपन को लेकर यात्री एफआईए के काउंटर पर जाएंगे, जहां उनके बायोमीट्रिक प्रणाली से हाथों और आंखों के निशान देने होंगे।
वापसी में भी यात्रियों को बायोमीट्रिक सिस्टम से गुजरना होगा। भारत से आने वाले 5,000 सिख तीर्थयात्रियों को केवल एक दिवसीय पास जारी किया जाएगा। यह जानकारी पाकिस्तान की फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गेनाइजेशन (एफडब्ल्यूओ) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आतिफ मजीद ने एक बैठक के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए दुनिया के विभिन्न हिस्सों से 10 हजार से अधिक सिख यात्रियों को समायोजित करने के लिए करतारपुर कॉरिडोर कॉम्प्लेक्स में एक टेंट विलेज की स्थापना की गई है। यह सभी सुविधाओं से लैस है। इसके अलावा, परिसर के अंदर स्थापित लंगर भवन में लगभग 2,500 तीर्थयात्रियों को एक साथ लंगर छकाने की क्षमता है।
भारत से आने वाले 5,000 सिख तीर्थयात्रियों को एक दिवसीय पास जारी किया जाएगा, जिन्हें अपनी यात्रा के लिए प्रवेश के रूप में प्रति श्रद्धालु 20 डालर का भुगतान करने के बाद दो कूपन मिलेंगे। गुरुद्वारा परिसर में संग्रहालय परिसर भी स्थापित किया गया है जहां सिख समुदाय के धर्मगुरुओं के चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे।
गुरुद्वारा परिसर की सफाई का काम युद्ध स्तर पर
पाकिस्तान सरकार ने 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के लिए अंतिम तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी है। गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के मुख्य भवन परिसर में साढ़े तीन लाख वर्ग फुट संगमरमर की धुलाई का काम शुरू कर दिया गया है। गुरुद्वारा परिसर से कुछ दूरी पर एक बड़ा बैलून लगाया गया है, जिस पर वेलकम लिखा है।