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सरबत द भला ट्रस्ट के प्रयास से दुबई में पड़ा जगतार का शव भारत पहुंचा, फिल्लौर के गांव कतपालों के व्यक्ति ने वीजा खत्म होने पर की थी आत्महत्या
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अमृतसर श्री गुरु रामदास एयरपोर्ट पर पहुंचे युवक के शव को परिवार को सौंपते सरबत दा भला ट्रस्ट के प?
- फोटो : AMRITSAR
अमृतसर। जालंधर जिला की तहसील फिल्लौर के गांव कतपालों के 40 वर्षीय जगतार सिंह के शव को शुक्रवार को दुबई से भारत लाया गया। एजेंट ने उसे कंपनी में काम दिलाने के नाम पर टूरिस्ट वीजा देकर दुबई भेज दिया। वहां काम न मिलने और टूरिस्ट वीजा खत्म होने पर परेशान होकर करीब डेढ़ माह पहले उसने अपनी जीवनलीला खत्म कर ली। सरबत द भला ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. एसपीएस ओबराय के प्रयासों के बाद दुबई में लावारिस हालत में पड़े जगतार के शव को शुक्रवार को श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (भारत) लाया जा सका। ट्रस्ट की लोकल टीम ने शव मृतक के परिजनों को सौंप दिया।
डॉ. एसपी सिंह ओबराय ने बताया कि कई अन्य युवकों की तरह जालंधर जिला की तहसील फिल्लौर के गांव कतपालों का 40 वर्षीय जगतार सिंह पुत्र मोहन सिंह भी
लालची एजेंटों के हत्थे चढ़ गया था। एजेंटों के जरिये वह रोजगार के लिए दुबई गया था। एजेंट ने उसे ढाई माह पहले कंपनी में काम दिलवाने का वीजा कह कर टूरिस्ट वीजा लगवा दुबई भेज दिया। वहां पहुंच कोई कामकाज नहीं मिला, भूखा ही वह सड़क पर रातें बिताता रहा। इस दौरान ही उसका वीजा खत्म हो गया, जिससे वह मानसिक दबाव में चला गया। उसने 5 मार्च को अपनी जीवनलीला खत्म कर ली और तभी से उसका शव लावारिस हालत में दुबई में रखा था।
डॉ. ओबराय ने बताया कि दुबई पुलिस ने भारतीय दूतावास के जरिये उनके साथ संपर्क कर उक्त युवक के पिछले डेढ़ माह से लावारिस पड़े पार्थिव शव के परिजनों बाबत जानकारी निकालने को कहा। इसके बाद इसकी सारी जानकारी लेकर उन्होंने ट्रस्ट की दोआबा टीम इंचार्ज अमरजोत सिंह ने पीड़ित परिवार को इसकी जानकारी दी। परिवार के साथ संबंध होने पर उन्होंने भारतीय दूतावास के सहयोग और अपने निजी सचिव बलदीप सिंह चाहल की देखरेख में इस संबंधी सभी डाक्यूमेंट्री मुकम्मल करवाई और शुक्रवार को जगतार सिंह का पार्थिव शव भारत भेजा। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की ओर से जगतार के परिवार को तीन हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। अमृतसर टीम ने जगतार का शव एयरपोर्ट पर प्राप्त करने के बाद मृतक के भाई परविंदर सिंह, धरमिंदर सिंह और गुरमेज सिंह तथा सोढ़ी सिंह को सौंपा।
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डॉ. एसपी सिंह ओबराय ने बताया कि कई अन्य युवकों की तरह जालंधर जिला की तहसील फिल्लौर के गांव कतपालों का 40 वर्षीय जगतार सिंह पुत्र मोहन सिंह भी
लालची एजेंटों के हत्थे चढ़ गया था। एजेंटों के जरिये वह रोजगार के लिए दुबई गया था। एजेंट ने उसे ढाई माह पहले कंपनी में काम दिलवाने का वीजा कह कर टूरिस्ट वीजा लगवा दुबई भेज दिया। वहां पहुंच कोई कामकाज नहीं मिला, भूखा ही वह सड़क पर रातें बिताता रहा। इस दौरान ही उसका वीजा खत्म हो गया, जिससे वह मानसिक दबाव में चला गया। उसने 5 मार्च को अपनी जीवनलीला खत्म कर ली और तभी से उसका शव लावारिस हालत में दुबई में रखा था।
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डॉ. ओबराय ने बताया कि दुबई पुलिस ने भारतीय दूतावास के जरिये उनके साथ संपर्क कर उक्त युवक के पिछले डेढ़ माह से लावारिस पड़े पार्थिव शव के परिजनों बाबत जानकारी निकालने को कहा। इसके बाद इसकी सारी जानकारी लेकर उन्होंने ट्रस्ट की दोआबा टीम इंचार्ज अमरजोत सिंह ने पीड़ित परिवार को इसकी जानकारी दी। परिवार के साथ संबंध होने पर उन्होंने भारतीय दूतावास के सहयोग और अपने निजी सचिव बलदीप सिंह चाहल की देखरेख में इस संबंधी सभी डाक्यूमेंट्री मुकम्मल करवाई और शुक्रवार को जगतार सिंह का पार्थिव शव भारत भेजा। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की ओर से जगतार के परिवार को तीन हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। अमृतसर टीम ने जगतार का शव एयरपोर्ट पर प्राप्त करने के बाद मृतक के भाई परविंदर सिंह, धरमिंदर सिंह और गुरमेज सिंह तथा सोढ़ी सिंह को सौंपा।
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