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Amritsar News: जाली दस्तावेजों पर रजिस्ट्री करवाने की जांच शुरू, मांगा रिकाॅर्ड
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-आईएफएस अधिकारी बनकर लाखों की जमीन की करवाई थी रजिस्ट्री
-छह आरोपयों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस जगह-जगह मार रही छापे
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। इंडियन फाॅरेन सर्विसेज (आईएफएस) अधिकारी बन लाखों की जमीन बेचने के मामले में सब रजिस्ट्रार की फाइनेंशियल जांच शुरू हो गई है। मामला सामने आने के बाद जहां डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने छह लोगों पर एफआईआर दर्ज करवाई थी, वहीं डीसी ने इसमें फाइनेंशियल कमिश्नर रेवेन्यू को पत्र लिख कर रजिस्ट्री करने वाले सब-रजिस्ट्रार की शमूलियत संबंधी जांच करवाने को कहा था। पता चला है कि मामले में एफसीआर ने सब रजिस्ट्रार (तहसीलदार) से रिकाॅर्ड तलब कर लिया है। डीसी घनश्याम थोरी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया था कि अगर सब रजिस्ट्रार के खिलाफ कोई सबूत मिला तो उनका नाम भी एफआइआर में शामिल किया जाए।
सिविल लाइन थाने की पुलिस धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज तैयार करवाकर लाखों रुपये की जमीन बेचने के मामले में अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। कमिश्नरेट पुलिस ने 25 जनवरी 2024 को जमीन की खरीद करने वाले शेर सिंह निवासी अजनाला, जमीन बेचने वाली महिला, वसीका नवीस अश्वनी कुमार, नंबरदार रुपिंदर कौर, जेम्स हंस ( दोनों गवाह), कारिंदा नारायण सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। जाली आईआएफएस अधिकारी बनकर लाखों की जमीन बेचने के बाद गायब होने वाली महिला की अभी तक पहचान नहीं हो सकी।
गौर हो कि रकिता भंडारी बर्लिन में भारत सरकार की ओर से बतौर आईएफएस के पद पर तैनात है। कुछ दिन पहले एक महिला ने खुद को रकिता भंडारी बताकर हेर गांव में स्थित उनकी लाखों की जमीन को शेर सिंह नामक व्यक्ति को बेच दिया। जब यह जानकारी डीसी के पास पहुंची, तो हड़कंप मच गया। डीसी घनश्याम थोरी ने एसडीएम निकास कुमार से जांच करवाए जाने के बाद पुलिस कमिश्नर को इसमें एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र लिखा था। इसके साथ ही थोरी ने पंजाब फाइनेंशियल कमिश्नर को पत्र लिख कर संबंधित सब-रजिस्ट्रार की भी जांच करवाने को कहा था।
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-छह आरोपयों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस जगह-जगह मार रही छापे
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। इंडियन फाॅरेन सर्विसेज (आईएफएस) अधिकारी बन लाखों की जमीन बेचने के मामले में सब रजिस्ट्रार की फाइनेंशियल जांच शुरू हो गई है। मामला सामने आने के बाद जहां डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने छह लोगों पर एफआईआर दर्ज करवाई थी, वहीं डीसी ने इसमें फाइनेंशियल कमिश्नर रेवेन्यू को पत्र लिख कर रजिस्ट्री करने वाले सब-रजिस्ट्रार की शमूलियत संबंधी जांच करवाने को कहा था। पता चला है कि मामले में एफसीआर ने सब रजिस्ट्रार (तहसीलदार) से रिकाॅर्ड तलब कर लिया है। डीसी घनश्याम थोरी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया था कि अगर सब रजिस्ट्रार के खिलाफ कोई सबूत मिला तो उनका नाम भी एफआइआर में शामिल किया जाए।
सिविल लाइन थाने की पुलिस धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज तैयार करवाकर लाखों रुपये की जमीन बेचने के मामले में अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। कमिश्नरेट पुलिस ने 25 जनवरी 2024 को जमीन की खरीद करने वाले शेर सिंह निवासी अजनाला, जमीन बेचने वाली महिला, वसीका नवीस अश्वनी कुमार, नंबरदार रुपिंदर कौर, जेम्स हंस ( दोनों गवाह), कारिंदा नारायण सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। जाली आईआएफएस अधिकारी बनकर लाखों की जमीन बेचने के बाद गायब होने वाली महिला की अभी तक पहचान नहीं हो सकी।
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गौर हो कि रकिता भंडारी बर्लिन में भारत सरकार की ओर से बतौर आईएफएस के पद पर तैनात है। कुछ दिन पहले एक महिला ने खुद को रकिता भंडारी बताकर हेर गांव में स्थित उनकी लाखों की जमीन को शेर सिंह नामक व्यक्ति को बेच दिया। जब यह जानकारी डीसी के पास पहुंची, तो हड़कंप मच गया। डीसी घनश्याम थोरी ने एसडीएम निकास कुमार से जांच करवाए जाने के बाद पुलिस कमिश्नर को इसमें एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र लिखा था। इसके साथ ही थोरी ने पंजाब फाइनेंशियल कमिश्नर को पत्र लिख कर संबंधित सब-रजिस्ट्रार की भी जांच करवाने को कहा था।
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