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अटारी बॉर्डर पर जलीं मोमबत्तियां: भारत-पाक बंटवारे में मारे गए दस लाख पंजाबियों को दी श्रद्धांजलि

Mon, 15 Aug 2022 11:54 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 15 Aug 2022 11:54 AM IST
सार

1947 में आजादी के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच शांति का संदेश देने के लिए हर साल वाघा सीमा पर अमन-दोस्ती यात्रा निकली जाती है। इस दौरान कैंडल मार्च निकाला जाता है और बंटवारे में मारे गए 10 लाख लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

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Indo-Pak Dosti Manch paid tribute by lighting candles to Punjabis killed during partition at Attari border
अटारी बॉर्डर पर इंडो पाक दोस्ती मंच ने जलाईं मोमबत्तियां। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

भारत पाक दोस्ती मंच की ओर से रविवार रात को भारत-पाक सीमा क्षेत्र अटारी में देश के बंटवारे के दौरान मारे गए दस लाख पंजाबियों को मोमबत्तियां जला कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस से पहले देर शाम संगठन की ओर से दोनों देशों के सांझा सभ्याचार व आपसी भाईचारा को मजबूत करने का संदेश देने के लिए स्थानीय पंजाब नाटशाला में एक सेमिनार का भी आयोजन किया गया।

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संगठन के कार्यकर्ताओं ने भारत-पाकिस्तान सीमा स्थित अटारी बॉर्डर पर रविवार रात 12 बजे अमन दोस्ती मार्च निकाला। इसमें देश के अलग अलग स्थानों से बुद्धिजीवी व सामाजिक कार्यकर्ता पहुंचे हुए थे। सभी ने दोनों देशों की सरकारों को उज्जवल भविष्य के लिए एक होने का संदेश दिया।
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1947 में आजादी के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच शांति का संदेश देने के लिए हर साल वाघा सीमा पर अमन-दोस्ती यात्रा निकली जाती है। इस दौरान कैंडल मार्च निकाला जाता है और बंटवारे में मारे गए 10 लाख लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है। पूरे देश के विभिन्न शहरों से पहुंचे लोगों ने हिंदू-पाक भाईचारा जिंदाबाद के नारे लगाए। इस दौरान अटारी बॉर्डर पर बना स्वर्ण द्वार तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया।
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दोनों देशों के लोगों को शांति, भाईचारा व प्रेम का संदेश देने पहुंचे प्रतिनिधियों का कहना था कि बंटवारे में पंजाब और बंगाल दो राज्यों ने सबसे अधिक दुख और संताप सहन किया है। 10 लाख लोग मारे गए थे। आजादी के इस अवसर पर इन शहीदों को भी याद करना चाहिए और उनकी आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।


इस दौरान किसान नेता डॉ दर्शन पाल ने कहा कि  दोनों देशों की सरकारों को अपने भविष्य के लिए एक होना चाहिए। सीमा को खत्म कर  देना चाहिए। दोनों देशों को अटारी बॉर्डर आम जनता व व्यापार के लिए खोलना चाहिए।  विश्व के अन्य देशों की तरह भारत पाक को भी दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए एक हो जाना चाहिए। मुम्बई से आयी कुसुम बिश्वाई ने कहा कि दोनों देशों की सरकारों को बैठ आपसी विवादों का हल निकालना चाहिए। भारत पाक के लोगों को बांटना अंग्रेज सरकार की एब बड़ी राजनीतिक साजिश थी।

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