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Amritsar News: मेजर कुलबीर राणा के 54वें बलिदान दिवस पर सैकड़ों ने किया सलाम
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पठानकोट। 1971 के भारत-पाक युद्ध के वीर मेजर कुलबीर सिंह राणा की शहादत की 54वीं वर्षगांठ शहीद के नाम स्थापित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, तंगोशाह में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल राजिंदर सिंह ने की, जबकि कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारुचक्क मुख्य अतिथि रहे। शहीद की पत्नी संतोष राणा, बीएसएफ 109 बटालियन के कमांडेंट सुरेश सिंह, शहीद परिवार सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष कर्नल सागर सिंह सलारिया, डीईओ कमलदीप कौर और कई शहीद परिवार उपस्थित रहे।
शौर्य और देशभक्ति का संदेश
कर्नल सागर सिंह सलारिया ने कहा कि सैनिकों के लिए राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि होती है। मेजर राणा जैसे जांबाजों ने देश का झंडा बुलंद रखा। कमांडेंट सुरेश सिंह ने कहा कि उनके बलिदान को देश और सेना सदैव याद रखेगी और युवा पीढ़ी प्रेरित होती रहेगी।
शहादत की मशाल आज भी प्रज्वलित
कुंवर रविंद्र विक्की ने बताया कि मेजर राणा के बलिदान की 54 वर्षों बाद भी देशभक्ति की मशाल प्रज्वलित है। उन्होंने शहीद की पत्नी संतोष राणा के त्याग की सराहना करते हुए कहा कि केवल एक महीना पति के साथ बिताने के बाद उन्होंने देश की भव्य बलिवेदी पर अपना जीवन समर्पित किया।
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सम्मान और श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने शहीद परिवारों को शाल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। बीएसएफ के जवानों ने शस्त्र उल्टा कर बिगुल की धुन पर शहीद को सलामी दी।
1971 के युद्ध में दी थी शहादत
मेजर कुलबीर राणा ने 1971 के युद्ध में शहादत दी थी। शहीद की पत्नी संतोष राणा के त्याग व अदम्य साहस को भी सलाम किया गया। कार्यक्रम में शहीद परिवारों और बीएसएफ के जवानों की भागीदारी रही।
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शौर्य और देशभक्ति का संदेश
कर्नल सागर सिंह सलारिया ने कहा कि सैनिकों के लिए राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि होती है। मेजर राणा जैसे जांबाजों ने देश का झंडा बुलंद रखा। कमांडेंट सुरेश सिंह ने कहा कि उनके बलिदान को देश और सेना सदैव याद रखेगी और युवा पीढ़ी प्रेरित होती रहेगी।
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शहादत की मशाल आज भी प्रज्वलित
कुंवर रविंद्र विक्की ने बताया कि मेजर राणा के बलिदान की 54 वर्षों बाद भी देशभक्ति की मशाल प्रज्वलित है। उन्होंने शहीद की पत्नी संतोष राणा के त्याग की सराहना करते हुए कहा कि केवल एक महीना पति के साथ बिताने के बाद उन्होंने देश की भव्य बलिवेदी पर अपना जीवन समर्पित किया।
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सम्मान और श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने शहीद परिवारों को शाल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। बीएसएफ के जवानों ने शस्त्र उल्टा कर बिगुल की धुन पर शहीद को सलामी दी।
1971 के युद्ध में दी थी शहादत
मेजर कुलबीर राणा ने 1971 के युद्ध में शहादत दी थी। शहीद की पत्नी संतोष राणा के त्याग व अदम्य साहस को भी सलाम किया गया। कार्यक्रम में शहीद परिवारों और बीएसएफ के जवानों की भागीदारी रही।