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भारत व पाक में अल्पसंख्यकों पर हमलों को रोकें सरकारें : जनाब हुसैन नकी
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जनाब हुसैन नकी को सम्मानित करते रमेश यादव
- फोटो : AMRITSAR
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अमृतसर। लाहौर से भारत यात्रा पर आए मानवीय अधिकार कार्यकर्ता व प़त्रकार जनाब हुसैन नकी ने कहा कि पाकिस्तान और भारत में रह रहे अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले हो रहे हैं। इनको रोकने के लिए आवाज दोनों ओर के लोगों द्वारा बुलंद करनी चाहिए। सरकारें इसको गंभीरता से लें। दोनों देशों को वीजा प्रणाली आसान बनानी चाहिए ताकि एक दूसरे देश में रह रहे अपने परिजनों को लोग आसानी से मिल सकें और अपनी अपनी जन्म भूमि पर लोग नतमस्तक हो सकें।
नकी ने कहा कि दोनों देशों भारत पाक के मध्य व्यापार को बढ़ावा देना चाहिए इस के लिए सड़क सीमा के रास्ते खुलने चाहिए। इससे यहां कारोबार बढ़ेगा वहीं दोनों देशों के लोगों को रोजगार मिलेगा और बेरोजगारी खत्म होगी।
नकी भारत पाक बंटवारे के बाद परिवार के साथ पाकिस्तान चले गए थे। उनका बड़ा भाई और परिवार भारत लखनऊ में रह रहा है। वह उसे मिलने भारत आए हैं। जनाब हुसैन नकी के भारत पहुंचने पर फोकलोर रिसर्स अकादमी ओर से स्वागत गिया। नकी कराची स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष रहे। बलौचिस्तान के स्कूलों व कालेजों में पढ़ने वाले छात्रों के हकों के लिए व आवाज उठाते रहे है। पाकिस्तान के उस वक्त के प्रधानमंत्री जुलफीकार अली भुट्टो ने उनको जेल भेज दिया था। नकी वहां के द न्यूज के संपादक रहे। इस के बाद वह व्यू प्वाइंट के संपादक, सजन अखबार शाहमुखी के संपादक , पंजाब पंच के संपादक के रूप में भी सेवाएं देते रहे हैं। नकी इस वक्त ह्यूमन राईट्स सारक के वित्त सचिव के पद की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर मोमबत्तियां जलाने की जो प्रथा शुरू हुई है उसकी रोशनी दोनों देशों के लोगों के मनों को रोशन कर एक दिन दोनों देशों में बंटवारे की सीमा को सदा के लिए खत्म कर देगी।
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नकी ने कहा कि दोनों देशों भारत पाक के मध्य व्यापार को बढ़ावा देना चाहिए इस के लिए सड़क सीमा के रास्ते खुलने चाहिए। इससे यहां कारोबार बढ़ेगा वहीं दोनों देशों के लोगों को रोजगार मिलेगा और बेरोजगारी खत्म होगी।
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नकी भारत पाक बंटवारे के बाद परिवार के साथ पाकिस्तान चले गए थे। उनका बड़ा भाई और परिवार भारत लखनऊ में रह रहा है। वह उसे मिलने भारत आए हैं। जनाब हुसैन नकी के भारत पहुंचने पर फोकलोर रिसर्स अकादमी ओर से स्वागत गिया। नकी कराची स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष रहे। बलौचिस्तान के स्कूलों व कालेजों में पढ़ने वाले छात्रों के हकों के लिए व आवाज उठाते रहे है। पाकिस्तान के उस वक्त के प्रधानमंत्री जुलफीकार अली भुट्टो ने उनको जेल भेज दिया था। नकी वहां के द न्यूज के संपादक रहे। इस के बाद वह व्यू प्वाइंट के संपादक, सजन अखबार शाहमुखी के संपादक , पंजाब पंच के संपादक के रूप में भी सेवाएं देते रहे हैं। नकी इस वक्त ह्यूमन राईट्स सारक के वित्त सचिव के पद की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर मोमबत्तियां जलाने की जो प्रथा शुरू हुई है उसकी रोशनी दोनों देशों के लोगों के मनों को रोशन कर एक दिन दोनों देशों में बंटवारे की सीमा को सदा के लिए खत्म कर देगी।
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