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अमृतसर : श्री हरमंदिर साहिब में सोने की धुलाई की सेवा शुरू, एसजीपीसी प्रधान बोले- बारिश और प्रदूषण से कम हो जाती है चमक
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सोनी की सफाई की सेवा शुरू करवाते धामी।
- फोटो : AMRITSAR
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अमृतसर। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में सोने की धुलाई और साफ-सफाई की सेवा सोमवार को अरदास के बाद शुरू की गई। एसजीपीसी की तरफ से यह सेवा गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था बर्मिंघम के भाई महिंदर सिंह को दी गई है। इस अवसर पर सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अतिरिक्त हेड ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह, एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी, निष्काम सेवक जत्थे की ओर से भाई इंद्रजीत सिंह सहित कई प्रमुख शख्सीयतें मौजूद रहीं।
एसजीपीसी के प्रधान धामी ने कहा कि श्री गुरु रामदास जी के पावन स्थान सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में लगे सोने की साफ-सफाई और देखभाल की तरफ विशेष ध्यान दिया जाता है। समय-समय पर इसकी धुलाई का काम भाई महिंदर सिंह बर्मिंघम वालों की तरफ से संगत के सहयोग से किया जाता है। उन्होंने कहा कि बारिश और प्रदूषण से सोने की चमक कम हो जाती है, जिसकी साफ-सफाई जरूरी हो जाती है। इस बार कोरोना के चलते यह सेवा करीब 2 साल के बाद हुई है। उन्होंने बताया कि गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था यह सेवा निष्काम रूप से करता है। उन्होंने जत्थे के सेवादारों का धन्यवाद करते हुए उम्मीद जताई कि इसी तरह गुरु घर की सेवाएं निभाते रहेंगे।
जत्थे के सेवादार भाई इंद्रजीत सिंह ने बताया कि जत्थे की ओर से 1995 से 1999 तक पत्रों की सेवा पहली बार करवाई गई थी। इसके बाद सोने की धुलाई का काम लगातार करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा करीब 10-12 दिन जारी रहेगी। जिसके तहत पावन स्थान के बाहरी हिस्से पर लगे सोने की धुलाई कुदरती ढंग से की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए रीठे को उबालकर उसका पानी और नीबू के रस का इस्तेमाल किया जाता है।
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बताने योग्य है कि इससे पहले इस जत्थे ने विगत दिनों सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अंदरूनी हिस्से में लगे गोल्डन पत्रों और मीनाकारी की जरूरत के मुताबिक मरम्मत का काम भी शुरू किया गया। इस अवसर पर श्री दरबार साहिब के ग्रंथी ज्ञानी गुरमिंदर सिंह, एसजीपीसी के सचिव महिंदर सिंह आहली, अतिरिक्त सचिव प्रताप सिंह, पूर्व सचिव सुखदेव सिंह भूराकोहना, श्री दरबार साहिब के मैनेजर सुलखन सिंह भंगाली और अतिरिक्त मैनेजर इकबाल सिंह मुखी भी मौजूद थे।
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एसजीपीसी के प्रधान धामी ने कहा कि श्री गुरु रामदास जी के पावन स्थान सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में लगे सोने की साफ-सफाई और देखभाल की तरफ विशेष ध्यान दिया जाता है। समय-समय पर इसकी धुलाई का काम भाई महिंदर सिंह बर्मिंघम वालों की तरफ से संगत के सहयोग से किया जाता है। उन्होंने कहा कि बारिश और प्रदूषण से सोने की चमक कम हो जाती है, जिसकी साफ-सफाई जरूरी हो जाती है। इस बार कोरोना के चलते यह सेवा करीब 2 साल के बाद हुई है। उन्होंने बताया कि गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था यह सेवा निष्काम रूप से करता है। उन्होंने जत्थे के सेवादारों का धन्यवाद करते हुए उम्मीद जताई कि इसी तरह गुरु घर की सेवाएं निभाते रहेंगे।
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जत्थे के सेवादार भाई इंद्रजीत सिंह ने बताया कि जत्थे की ओर से 1995 से 1999 तक पत्रों की सेवा पहली बार करवाई गई थी। इसके बाद सोने की धुलाई का काम लगातार करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा करीब 10-12 दिन जारी रहेगी। जिसके तहत पावन स्थान के बाहरी हिस्से पर लगे सोने की धुलाई कुदरती ढंग से की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए रीठे को उबालकर उसका पानी और नीबू के रस का इस्तेमाल किया जाता है।
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बताने योग्य है कि इससे पहले इस जत्थे ने विगत दिनों सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अंदरूनी हिस्से में लगे गोल्डन पत्रों और मीनाकारी की जरूरत के मुताबिक मरम्मत का काम भी शुरू किया गया। इस अवसर पर श्री दरबार साहिब के ग्रंथी ज्ञानी गुरमिंदर सिंह, एसजीपीसी के सचिव महिंदर सिंह आहली, अतिरिक्त सचिव प्रताप सिंह, पूर्व सचिव सुखदेव सिंह भूराकोहना, श्री दरबार साहिब के मैनेजर सुलखन सिंह भंगाली और अतिरिक्त मैनेजर इकबाल सिंह मुखी भी मौजूद थे।