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जीएनडीयू ने हॉस्टल फीस में की 35 फीसदी की कटौती
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अमृतसर। गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) ने विद्यार्थियों को राहत देते हुए हॉस्टल की फीस में 35 फीसदी तक कटौती करने का एलान किया है। कोरोना वायरस के कारण हुए आर्थिक नुकसान को देखते हुए जीएनडीयू ने शुक्रवार को सिडीकेट की बैठक आयोजित की। इसमें सर्वसमिति से यह फैसला लिया गया। इसे 2020-21 के शिक्षा सत्र में लागू किया जाएगा।
इसी के तहत जीएनडीयू ने पूर्व विद्यार्थियों की लाइफ टाइम सदस्यता फीस भी कम कर दी है। भारत में रह रहे विद्यार्थियों को अब दस हजार की जगह पांच हजार रुपये और विदेश में रह रहे विद्यार्थियों दो सौ अमरीकी डॉलर देना होगा। इसके अलावा नावलकार नानक सिंह गैलरी बनाने पर भी चर्चा की गई।
वीसी डॉ.जसपाल सिंह संधू ने बताया कि विद्यार्थियों की मांग को देखते हुए पहले ही तीन कैंटीन और मैसों के किराये को कम कर दिया था। वहीं अब समय की नजाकत को देखते हुए होस्टल की फीस में कटौती की जा रही है। इससे पहले रजिस्ट्रार केएस काहलों ने बैठक कर एजेंडा पेश किया था। इसी के तहत नौ पीएचडी थिसिस और लोगो प्रतियोगिता करवाने और ब्रैड नेम प्रतियोगिता करवाने की मंजूरी दी गई। प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर डीन प्रो. सरबजोत सिंह बहल, प्रो. वेद प्रकाशन, प्रो.महमूद मीयां, डॉ. सुखदेव सिंह, डॉ. परमिदर सिंह और डॉ. सरबजिदर सिंह मौजूद रहे।
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इसी के तहत जीएनडीयू ने पूर्व विद्यार्थियों की लाइफ टाइम सदस्यता फीस भी कम कर दी है। भारत में रह रहे विद्यार्थियों को अब दस हजार की जगह पांच हजार रुपये और विदेश में रह रहे विद्यार्थियों दो सौ अमरीकी डॉलर देना होगा। इसके अलावा नावलकार नानक सिंह गैलरी बनाने पर भी चर्चा की गई।
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वीसी डॉ.जसपाल सिंह संधू ने बताया कि विद्यार्थियों की मांग को देखते हुए पहले ही तीन कैंटीन और मैसों के किराये को कम कर दिया था। वहीं अब समय की नजाकत को देखते हुए होस्टल की फीस में कटौती की जा रही है। इससे पहले रजिस्ट्रार केएस काहलों ने बैठक कर एजेंडा पेश किया था। इसी के तहत नौ पीएचडी थिसिस और लोगो प्रतियोगिता करवाने और ब्रैड नेम प्रतियोगिता करवाने की मंजूरी दी गई। प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर डीन प्रो. सरबजोत सिंह बहल, प्रो. वेद प्रकाशन, प्रो.महमूद मीयां, डॉ. सुखदेव सिंह, डॉ. परमिदर सिंह और डॉ. सरबजिदर सिंह मौजूद रहे।
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