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पानी का प्रकोप: गांव ससराली काॅलोनी में सेना ने संभाला मोर्चा
सार
लुधियाना के ससराली कॉलोनी गांव में सतलुज दरिया के तेज बहाव से कई एकड़ जमीन नष्ट हो गई है। प्रशासन द्वारा बांध निर्माण की नई योजना का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं, क्योंकि इससे उनकी जमीन खोने का खतरा है।
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विस्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। सतलुज दरिया में पानी का स्तर कम हो चुका है लेकिन पानी का तेज बहाव लगातार नुकसान कर रहा है। गांव ससराली काॅलोनी में पानी का प्रकोप इस कदर है कि पानी का तेज बहाव कई एकड़ जमीन निगल चुका है। प्रशासन ने भी इसके लिए फौज की मदद मांगी थी। वीरवार को फौज की एक टीम गांव ससराली पहुंची और उन्होंने आते ही वहां मोर्चा संभाल लिया। फौज को उपकरण नहीं मिले जिस कारण वह उस स्तर पर काम शुरू नहीं कर पाए जिस स्तर पर फौज करना चाहती थी।
चर्चा यह भी है कि पानी जहां तक आ चुका है। वहीं पर बांध बनाने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि बांध जहां पहले था वहीं बनाया जाए। अगर बांध जहां अब पानी बह रहा है वहां बनाया जाता है तो उनकी जो जमीन पानी बहा कर ले गया है वह सतलुज की हो जाएगी। वह अपनी जमीन भी खो देंगे। इसके लिए ग्रामीणों ने सीएम भगवंत मान को चिट्ठी लिखी है।
गांव ससराली काॅलोनी में प्रशासन की टीम ने पानी को रोकना मुश्किल हो रहा था। प्रशासन ने सेना की मांग थी। वीरवार को सरकार के आदेश पर सेना पहुंच गई। सेना की तरफ से कई तरह के एक्यूपमेंट मांगे गए लेकिन उन्हें प्रोवाइड नहीं करवाया गया। ग्रामीणों की बात की जाए तो पानी का तेज बहाव करीब 300 एकड़ जमीन निगल चुका है। उन्होंने कहा कि अब चर्चा यह है कि जहां पानी बह रहा है वहीं बांध बनाया जाएगा।
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लुधियाना। सतलुज दरिया में पानी का स्तर कम हो चुका है लेकिन पानी का तेज बहाव लगातार नुकसान कर रहा है। गांव ससराली काॅलोनी में पानी का प्रकोप इस कदर है कि पानी का तेज बहाव कई एकड़ जमीन निगल चुका है। प्रशासन ने भी इसके लिए फौज की मदद मांगी थी। वीरवार को फौज की एक टीम गांव ससराली पहुंची और उन्होंने आते ही वहां मोर्चा संभाल लिया। फौज को उपकरण नहीं मिले जिस कारण वह उस स्तर पर काम शुरू नहीं कर पाए जिस स्तर पर फौज करना चाहती थी।
चर्चा यह भी है कि पानी जहां तक आ चुका है। वहीं पर बांध बनाने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि बांध जहां पहले था वहीं बनाया जाए। अगर बांध जहां अब पानी बह रहा है वहां बनाया जाता है तो उनकी जो जमीन पानी बहा कर ले गया है वह सतलुज की हो जाएगी। वह अपनी जमीन भी खो देंगे। इसके लिए ग्रामीणों ने सीएम भगवंत मान को चिट्ठी लिखी है।
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गांव ससराली काॅलोनी में प्रशासन की टीम ने पानी को रोकना मुश्किल हो रहा था। प्रशासन ने सेना की मांग थी। वीरवार को सरकार के आदेश पर सेना पहुंच गई। सेना की तरफ से कई तरह के एक्यूपमेंट मांगे गए लेकिन उन्हें प्रोवाइड नहीं करवाया गया। ग्रामीणों की बात की जाए तो पानी का तेज बहाव करीब 300 एकड़ जमीन निगल चुका है। उन्होंने कहा कि अब चर्चा यह है कि जहां पानी बह रहा है वहीं बांध बनाया जाएगा।
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