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केंद्र की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ किसानों ने की रैली, नारेबाजी
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अमृतसर। संयुक्त किसान मोर्चा भारत के आह्वान पर संयुक्त किसान मोर्चा के सक्रिय किसान संगठनों द्वारा अमृतसर कंपनी बाग में एक विशाल रोष कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। कांफ्रेंस की अध्यक्षता किसान नेता रतन सिंह रंधावा, मंगल सिंह धर्मकोट, सतनाम सिंह झंडेर, बलविंदर सिंह दुधला, पलविंदर सिंह और भूपिंदर सिंह तीर्थ पुरा कर रहे थे।
किसानों को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि देश की मोदी सरकार ने पिछले साल 9 दिसंबर, 2021 को दिल्ली की सीमाओं से मोर्चा हटाकर किसानों के साथ किए वादों के मुताबिक अभी तक कुछ नहीं किया है। इनमें किसानों को एमएसपी, संघर्ष के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा देने, लखीमपुर खीरी कांड के हत्यारों को गद्दी से उतारने का वादा किया था। एमएसपी की गारंटी वाला कानून बनाने, किसानों का सारा कर्ज माफ करने जैसी मांगों को पूरा करने संबंधी वादे किए थे, जिन्हें पूरा नहीं किया गया है।
वक्ताओं ने अग्निपथ विधेयक का भी कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत सत्ता पर काबिज लोग सेना को निजी हाथों में धकेल देंगे। सेना में भर्ती होने वाले युवाओं का भविष्य अधर में लटक जाएगा। इसके साथ ही किसान अपने अधिकारों के लिए लड़ते हुए लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए लोगों को लामबंद करेंगे। वर्तमान में, केंद्र सरकार लोगों को फासीवाद हालातों में धकेल रही है, जो देश को बर्बाद कर देंगे।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई एमएसपी कमेटी का संयुक्त किसान मोर्चा विरोध करता है और किसानों को सरकार की किसान विरोधी नीतियों से बचाने के लिए सभी जत्थेबंदियों को हाथ मिलाने की अपील करता है। हमें किसानों को बचाने के लिए एक होकर संघर्ष करना होगा। इस दौरान किसान नेताओं बलदेव सिंह सैदपुर, अवतार सिंह जस्सर, लखबीर सिंह निजामपुर, तरसेम सिंह नंगल व अवतार सिंह ने भी संबोधन किया।
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किसानों को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि देश की मोदी सरकार ने पिछले साल 9 दिसंबर, 2021 को दिल्ली की सीमाओं से मोर्चा हटाकर किसानों के साथ किए वादों के मुताबिक अभी तक कुछ नहीं किया है। इनमें किसानों को एमएसपी, संघर्ष के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा देने, लखीमपुर खीरी कांड के हत्यारों को गद्दी से उतारने का वादा किया था। एमएसपी की गारंटी वाला कानून बनाने, किसानों का सारा कर्ज माफ करने जैसी मांगों को पूरा करने संबंधी वादे किए थे, जिन्हें पूरा नहीं किया गया है।
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वक्ताओं ने अग्निपथ विधेयक का भी कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत सत्ता पर काबिज लोग सेना को निजी हाथों में धकेल देंगे। सेना में भर्ती होने वाले युवाओं का भविष्य अधर में लटक जाएगा। इसके साथ ही किसान अपने अधिकारों के लिए लड़ते हुए लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए लोगों को लामबंद करेंगे। वर्तमान में, केंद्र सरकार लोगों को फासीवाद हालातों में धकेल रही है, जो देश को बर्बाद कर देंगे।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई एमएसपी कमेटी का संयुक्त किसान मोर्चा विरोध करता है और किसानों को सरकार की किसान विरोधी नीतियों से बचाने के लिए सभी जत्थेबंदियों को हाथ मिलाने की अपील करता है। हमें किसानों को बचाने के लिए एक होकर संघर्ष करना होगा। इस दौरान किसान नेताओं बलदेव सिंह सैदपुर, अवतार सिंह जस्सर, लखबीर सिंह निजामपुर, तरसेम सिंह नंगल व अवतार सिंह ने भी संबोधन किया।