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निजी डायग्नोस्टिक केंद्र पर कार्रवाई मामले में इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने उठाए सवाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। मजीठा रोड स्थित घाला माला चौक पर एक निजी डायग्नोस्टिक केंद्र पर भ्रूण लिंग टेस्ट किए जाने के मामले में अमृतसर इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन राकेश शर्मा और सुमित कुमार ने लुधियाना सिविल सर्जन की टीम की ढीली कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन ने मामले में आरोपी डाक्टर व डायग्नोस्टिक केंद्र के संचालक व एजेंट को गिरफ्तार नहीं किए जाने पर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मामले की जांच अमृतसर के सिविल सर्जन को दिए जाने संबंधी पंजाब सेहत एवं भलाई विभाग को एक पत्र लिखा है।
एसोसिएशन के चेयरमैन राकेश शर्मा व सुमित कुमार ने बताया कि 18 जून 2022 को लुधियाना सिविल सर्जन की टीम ने अमृतसर के घाला माला चौक पर स्थित एक निजी डायग्नोस्टिक केंद्र में डाक्टर को भ्रूण लिंग जांच किए जाने पर रंगे हाथ पकड़ा था। पूरी कार्रवाई के दौरान मजीठा रोड थाने की पुलिस भी मौजूद थी। डायग्नोस्टिक केंद्र पर कार्रवाई करते हुए अल्ट्रा साउंड मशीन को तो सील कर दिया गया, मगर मामले में पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की।
उन्होंने बताया कि इसे लेकर थाना प्रभारी उन्हें गुमराह कर रहा है कि उन्हें जानकारी नहीं कि आरोपियों को किस जुर्म के आधार पर पकड़ा जाए। उन्होंने इसे लेकर पंजाब के सेहत एवं भलाई विभाग के डायरेक्टर को पत्र लिखकर जांच अमृतसर के सिविल सर्जन को देने की मांग की है। ताकि सिविल सर्जन एक कमेटी गठित कर अपनी देखरेख में जांच करवाकर आरोपी डायग्नोस्टिक केंद्र के संचालक, डाक्टर और एजेंट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकें। इस पत्र की एक कापी उन्होंने पंजाब मेडिकल काउंसिल (पीएमसी) के रजिस्ट्रार, पुलिस कमिश्नर अमृतसर और अमृतसर के सिविल सर्जन को भी भेजी है।
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केंद्र में नहीं करवा सकेंगे एमआरआई
सिविल सर्जन डा. चरणजीत सिंह ने बताया कि हमारी सलाहकार कमेटी ने फैसला किया है कि एमआरआई मशीन भी अगले आदेशों तक सस्पेंड कर दी गई है। इस बाबत आदेश जारी कर दिए गए हैं और यह आदेश डीएम डायग्नोस्टिक केंद्र के बाहर भी चस्पा कर दिए गए हैं। साथ ही केंद्र के स्टाफ को बता दिया है कि वे अगले आदेशों तक न तो अल्ट्रासाउंड करेंगे और न ही सिटी स्केन प्रयोग कर एमआरआई करेंगे।
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अमृतसर। मजीठा रोड स्थित घाला माला चौक पर एक निजी डायग्नोस्टिक केंद्र पर भ्रूण लिंग टेस्ट किए जाने के मामले में अमृतसर इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन राकेश शर्मा और सुमित कुमार ने लुधियाना सिविल सर्जन की टीम की ढीली कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन ने मामले में आरोपी डाक्टर व डायग्नोस्टिक केंद्र के संचालक व एजेंट को गिरफ्तार नहीं किए जाने पर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मामले की जांच अमृतसर के सिविल सर्जन को दिए जाने संबंधी पंजाब सेहत एवं भलाई विभाग को एक पत्र लिखा है।
एसोसिएशन के चेयरमैन राकेश शर्मा व सुमित कुमार ने बताया कि 18 जून 2022 को लुधियाना सिविल सर्जन की टीम ने अमृतसर के घाला माला चौक पर स्थित एक निजी डायग्नोस्टिक केंद्र में डाक्टर को भ्रूण लिंग जांच किए जाने पर रंगे हाथ पकड़ा था। पूरी कार्रवाई के दौरान मजीठा रोड थाने की पुलिस भी मौजूद थी। डायग्नोस्टिक केंद्र पर कार्रवाई करते हुए अल्ट्रा साउंड मशीन को तो सील कर दिया गया, मगर मामले में पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की।
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उन्होंने बताया कि इसे लेकर थाना प्रभारी उन्हें गुमराह कर रहा है कि उन्हें जानकारी नहीं कि आरोपियों को किस जुर्म के आधार पर पकड़ा जाए। उन्होंने इसे लेकर पंजाब के सेहत एवं भलाई विभाग के डायरेक्टर को पत्र लिखकर जांच अमृतसर के सिविल सर्जन को देने की मांग की है। ताकि सिविल सर्जन एक कमेटी गठित कर अपनी देखरेख में जांच करवाकर आरोपी डायग्नोस्टिक केंद्र के संचालक, डाक्टर और एजेंट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकें। इस पत्र की एक कापी उन्होंने पंजाब मेडिकल काउंसिल (पीएमसी) के रजिस्ट्रार, पुलिस कमिश्नर अमृतसर और अमृतसर के सिविल सर्जन को भी भेजी है।
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केंद्र में नहीं करवा सकेंगे एमआरआई
सिविल सर्जन डा. चरणजीत सिंह ने बताया कि हमारी सलाहकार कमेटी ने फैसला किया है कि एमआरआई मशीन भी अगले आदेशों तक सस्पेंड कर दी गई है। इस बाबत आदेश जारी कर दिए गए हैं और यह आदेश डीएम डायग्नोस्टिक केंद्र के बाहर भी चस्पा कर दिए गए हैं। साथ ही केंद्र के स्टाफ को बता दिया है कि वे अगले आदेशों तक न तो अल्ट्रासाउंड करेंगे और न ही सिटी स्केन प्रयोग कर एमआरआई करेंगे।