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डीजीपी ने किया घटनास्थल का दौरा, सुरक्षा प्रबंधों का लिया जायजा, बाबा तरना दल और गऊंआ वाला बाबा संगठन की बकाला में हुई बैठक
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अमृतसर। रविवार को ब्यास में डेरा प्रेमियों और निहंगों के बीच हुई भिड़ंत के बाद देर रात डीजीपी गौरव यादव ने घटनास्थल का दौरा कर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। घटना के बाद स्थिति पर रणनीति बनाने के लिए बाबा तरना दल और बाबा गऊंआ वाले संगठन के पदाधिकारियों ने सोमवार को बाबा बकाला में बैठक कर रणनीति बनाई। इस दौरान एडीजीपी कानून-व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने दोनों पक्षों के साथ अलग-अलग बैठक कर उन्हें मामले में जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर आईजी बार्डर रेंज मोहनीष चावला और एसएसपी स्वपनदीप शर्मा भी मौजूद थे।
पंजाब के एडीजीपी शुक्ला ने डेरा प्रेमियों और निहंग सिंह जत्थेबंदियों के साथ बैठक करने के बाद मीडिया से कहा कि पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के साथ हुई बैठक में उन्हें बताया गया कि जांच के बाद इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मौके पर मौजूद एसएसपी (अमृतसर, देहाती) स्वपनदीप शर्मा ने एडीजीपी अर्पित शुक्ला और इससे पहले रविवार देर रात डीजीपी गौरव यादव को पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी दी।
हालांकि पूरे मामले में जहां डेरा समर्थक चुप्पी साधे हुए हैं, वहीं पुलिस भी भिड़ंत में घायल हुए डेरा प्रेमियों को मीडिया से बचाकर सिविल अस्पताल से इलाज करवा गुपचुप तरीके से उन्हें निकाल ले गई। इस दौरान अभी तक किसी के भी खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि एडीजीपी शुक्ला ने नहीं की। दूसरी तरफ अलग-अलग निहंग जत्थेबंदियों की बैठक के बाद निहंग संगठनों ने डेरा समर्थकों की ओर से जमीन पर कब्जे किए जाने के आरोप लगाते हुए इसमें कार्रवाई करने के लिए पंजाब सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है।
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घटनास्थल पर भारी सुरक्षा प्रबंध
डेरा प्रेमियों और निहंगों के बीच जमीन कब्जाने के हुए विवाद के बाद डीजीपी की हिदायतों पर तीन जिलों की पुलिस को घटनास्थल पर तैनात किया गया है। इसमें अमृतसर देहाती पुलिस के अलावा बटाला और गुरदासपुर जिलों की पुलिस को तैनात किया गया है। घटनास्थल से आपपास के इलाकों में भी पुलिस बल को तैनात किया गया है, ताकि दोनों पक्षों के बीच भविष्य में होने वाली संभावित भिड़ंत को रोका जा सके।
24 घंटे में नहीं हुई डेरा समर्थकों पर कार्रवाई तो रोकेंगे डेरे का रास्ता : मुच्छल
डेरा प्रेमियों और निहंगों के बीच हुई खूनी भिंड़त के करीब 20 घंटे बाद भी डेरा समर्थकों की ओर से कोई सामने नहीं आया। जबकि सोमवार को निहंग जत्थेबंदियों की हुई संयुक्त बैठक के बाद गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी के नेता बलबीर सिंह मुच्छल ने मीडिया से कहा कि आज पुलिस के आला अधिकारियों के साथ घटना को लेकर बातचीत हुई, लेकिन अब तक डेरा प्रेमियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। सिख नेता मुच्छल ने पंजाब सरकार को जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अगले 24 घंटों में डेरा प्रेमियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ी संख्या में राधा स्वामी डेरे का रास्ता रोकेंगे।
क्या है मामला
डेरा ब्यास के पास बाबा गऊंआं वाले का भी डेरा है। रविवार को बाबा गऊंआं वाले की कुछ गाएं एक डेरा प्रेमी की खाली जमीन पर चली गई। जिसके बाद डेरा प्रेमियों ने निहंग जत्थेबंदी पर जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगाए तो दोनों पक्षों के बीच झड़प शुरू हो गई। दोनों तरफ से बड़ी मात्रा में एक दूसरे पर ईंट और पत्थरों से हमला किया गया। इस दौरान तलवारों, डंडों का भी जमकर इस्तेमाल किया गया। इस बीच ही जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने के प्रयास किए, तो दोनों पक्षों की ओर से शरारती तत्वों ने फायर कर दिए। पुलिस ने भी स्थिति पर काबू पाने के लिए फायर किए। भिड़ंत में पुलिस कर्मचारी समेत करीब एक दर्जन डेरा समर्थक और निहंग जख्मी हो गए। जिनमें से कुछ को बाबा बकाला के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। कुछ जख्मियों को अमृतसर के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जबकि घटना में जख्मी हुए कुछ-एक को गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
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पंजाब के एडीजीपी शुक्ला ने डेरा प्रेमियों और निहंग सिंह जत्थेबंदियों के साथ बैठक करने के बाद मीडिया से कहा कि पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के साथ हुई बैठक में उन्हें बताया गया कि जांच के बाद इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मौके पर मौजूद एसएसपी (अमृतसर, देहाती) स्वपनदीप शर्मा ने एडीजीपी अर्पित शुक्ला और इससे पहले रविवार देर रात डीजीपी गौरव यादव को पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी दी।
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हालांकि पूरे मामले में जहां डेरा समर्थक चुप्पी साधे हुए हैं, वहीं पुलिस भी भिड़ंत में घायल हुए डेरा प्रेमियों को मीडिया से बचाकर सिविल अस्पताल से इलाज करवा गुपचुप तरीके से उन्हें निकाल ले गई। इस दौरान अभी तक किसी के भी खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि एडीजीपी शुक्ला ने नहीं की। दूसरी तरफ अलग-अलग निहंग जत्थेबंदियों की बैठक के बाद निहंग संगठनों ने डेरा समर्थकों की ओर से जमीन पर कब्जे किए जाने के आरोप लगाते हुए इसमें कार्रवाई करने के लिए पंजाब सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है।
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घटनास्थल पर भारी सुरक्षा प्रबंध
डेरा प्रेमियों और निहंगों के बीच जमीन कब्जाने के हुए विवाद के बाद डीजीपी की हिदायतों पर तीन जिलों की पुलिस को घटनास्थल पर तैनात किया गया है। इसमें अमृतसर देहाती पुलिस के अलावा बटाला और गुरदासपुर जिलों की पुलिस को तैनात किया गया है। घटनास्थल से आपपास के इलाकों में भी पुलिस बल को तैनात किया गया है, ताकि दोनों पक्षों के बीच भविष्य में होने वाली संभावित भिड़ंत को रोका जा सके।
24 घंटे में नहीं हुई डेरा समर्थकों पर कार्रवाई तो रोकेंगे डेरे का रास्ता : मुच्छल
डेरा प्रेमियों और निहंगों के बीच हुई खूनी भिंड़त के करीब 20 घंटे बाद भी डेरा समर्थकों की ओर से कोई सामने नहीं आया। जबकि सोमवार को निहंग जत्थेबंदियों की हुई संयुक्त बैठक के बाद गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी के नेता बलबीर सिंह मुच्छल ने मीडिया से कहा कि आज पुलिस के आला अधिकारियों के साथ घटना को लेकर बातचीत हुई, लेकिन अब तक डेरा प्रेमियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। सिख नेता मुच्छल ने पंजाब सरकार को जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अगले 24 घंटों में डेरा प्रेमियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ी संख्या में राधा स्वामी डेरे का रास्ता रोकेंगे।
क्या है मामला
डेरा ब्यास के पास बाबा गऊंआं वाले का भी डेरा है। रविवार को बाबा गऊंआं वाले की कुछ गाएं एक डेरा प्रेमी की खाली जमीन पर चली गई। जिसके बाद डेरा प्रेमियों ने निहंग जत्थेबंदी पर जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगाए तो दोनों पक्षों के बीच झड़प शुरू हो गई। दोनों तरफ से बड़ी मात्रा में एक दूसरे पर ईंट और पत्थरों से हमला किया गया। इस दौरान तलवारों, डंडों का भी जमकर इस्तेमाल किया गया। इस बीच ही जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने के प्रयास किए, तो दोनों पक्षों की ओर से शरारती तत्वों ने फायर कर दिए। पुलिस ने भी स्थिति पर काबू पाने के लिए फायर किए। भिड़ंत में पुलिस कर्मचारी समेत करीब एक दर्जन डेरा समर्थक और निहंग जख्मी हो गए। जिनमें से कुछ को बाबा बकाला के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। कुछ जख्मियों को अमृतसर के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जबकि घटना में जख्मी हुए कुछ-एक को गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल करवाया गया।