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श्रद्धालु बोले- भारत-पाक की सरकारें पासपोर्ट की शर्त खत्म करें
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डेरा बाबा नानक में हैदराबाद से पहुंचा परिवार दर्शन न होने से अपनी मायूसी प्रगट करते हुए।
- फोटो : GURDASPUR
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गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने में श्रद्धालुओं को स्पष्ट जानकारी के अभाव की वजह से कई दिक्कतें आ रही हैं। बहुत से श्रद्धालुओं को डेरा बाबा नानक पहुंच कर गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने की कागजी प्रक्रिया का पता चला रहा है कि गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करने के लिए पासपोर्ट, आधार कार्ड और ऑनलाइन रजिस्ट्रशेन कराना अनिवार्य है। कुछ लोग डेरा बाबा नानक में महज आधार कार्ड लेकर आए हैं जिसकी वजह से उन्हें बिना दर्शन किए डेरा बाबा नानक से मायूस वापस लौटना पड़ रहा है। वहीं श्रद्धालुओं का कहना है कि भारत-पाक की सरकारें बैठकर पासपोर्ट की शर्त खत्म करें, क्योंकि हर किसी के पास पासपोर्ट हो यह संभव नही है।
बुधवार को हैदराबाद से अपने परिवार के साथ आए सतपाल सिंह ने बताया कि वह गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करने आए थे और उनके पास सिर्फ आधार कार्ड है। उनको किसी ने बताया था कि पासपोर्ट की जरूरत नही है। अब वह बिना पासपोर्ट और रजिस्ट्रेशन के पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा साहिब के दर्शन नही कर पाए और अब उन्हें मायूस होकर वापस बिना दर्शन किए हैदराबाद जाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने लांघा खुलवाकर इतना बड़ा काम किया है अगर पासपोर्ट वाली शर्त न डालते तो बहुत बढ़िया होना था, जिससे हर कोई गुरु साहिब की कर्मभूमि के दर्शन कर सकता था।
इस मौके पर पहुंचे भाई कन्हैया जी वृद्ध आश्रम जिला अमृतसर के मुख्य सेवादार संत बाबा बलविंदर सिंह चाहल ने बताया कि आज वह संगत को साथ में लेकर डेरा बाबा नानक पहुंचे हैं। जहां आकर उन्हें पता चला है कि दर्शनों के लिए पासपोर्ट और रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सिख संगत से जो वादा किया था कि कोई भी शनाख्ती कार्ड दिखाकर गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन कर सकेगा, उस पर इमरान खरे नही उतरे। पासपोर्ट की शर्त अभी भी बरकार है। उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोगों के पास पास्पोर्ट ही नही हैं। उन्होंने कहा कि वह दोनों सरकारों से अपील करते है कि करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए पासपोर्ट की शर्त को खत्म किया जाए ताकि हर वर्ग का श्रद्धालु गुरु साहिब के गुरुद्वारा साहिब के दर्शन कर सके। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सरकार संगत से जो कागजात जरूरी है, उसके बारे में पहले से ही अवगत कराएं, ताकि लोग बिना दर्शन किए मायूस होकर न लौटें। उन्होंने दोनों देशों की सरकारों को अपील की है कि श्रद्धालुओं को जिन दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें तुरंत हल किया जाए।
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बुधवार को हैदराबाद से अपने परिवार के साथ आए सतपाल सिंह ने बताया कि वह गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करने आए थे और उनके पास सिर्फ आधार कार्ड है। उनको किसी ने बताया था कि पासपोर्ट की जरूरत नही है। अब वह बिना पासपोर्ट और रजिस्ट्रेशन के पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा साहिब के दर्शन नही कर पाए और अब उन्हें मायूस होकर वापस बिना दर्शन किए हैदराबाद जाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने लांघा खुलवाकर इतना बड़ा काम किया है अगर पासपोर्ट वाली शर्त न डालते तो बहुत बढ़िया होना था, जिससे हर कोई गुरु साहिब की कर्मभूमि के दर्शन कर सकता था।
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इस मौके पर पहुंचे भाई कन्हैया जी वृद्ध आश्रम जिला अमृतसर के मुख्य सेवादार संत बाबा बलविंदर सिंह चाहल ने बताया कि आज वह संगत को साथ में लेकर डेरा बाबा नानक पहुंचे हैं। जहां आकर उन्हें पता चला है कि दर्शनों के लिए पासपोर्ट और रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सिख संगत से जो वादा किया था कि कोई भी शनाख्ती कार्ड दिखाकर गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन कर सकेगा, उस पर इमरान खरे नही उतरे। पासपोर्ट की शर्त अभी भी बरकार है। उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोगों के पास पास्पोर्ट ही नही हैं। उन्होंने कहा कि वह दोनों सरकारों से अपील करते है कि करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए पासपोर्ट की शर्त को खत्म किया जाए ताकि हर वर्ग का श्रद्धालु गुरु साहिब के गुरुद्वारा साहिब के दर्शन कर सके। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सरकार संगत से जो कागजात जरूरी है, उसके बारे में पहले से ही अवगत कराएं, ताकि लोग बिना दर्शन किए मायूस होकर न लौटें। उन्होंने दोनों देशों की सरकारों को अपील की है कि श्रद्धालुओं को जिन दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें तुरंत हल किया जाए।
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