{"_id":"6169bc045a438d51ab26418a","slug":"decision-to-give-rights-to-bsf-within-50-km-is-commendable-shwet-malik-amritsar-news-pkl430118248","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएसएफ को 50 किलोमीटर के भीतर तक के अधिकार देने का फैसला सराहनीय - श्वेत मलिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएसएफ को 50 किलोमीटर के भीतर तक के अधिकार देने का फैसला सराहनीय - श्वेत मलिक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमृतसर। राजयसभा सदस्य और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सीमा सुरक्षा बल को 50 किलोमीटर के दायरे में सर्च और अरेस्ट का अधिकार देने के फैसले की सराहना की है। उन्होंने विपक्षी पार्टियों द्वारा इसका विरोध करने पर उनकी सख्त आलोचना की।
मलिक ने बताया की सीमा सुरक्षा बल के जवानों के पास अब बांग्लादेश और पाकिस्तान बॉर्डर से लगे राज्य असम, पश्चिम बंगाल और पंजाब में 50 किलोमीटर के दायरे में सर्च और अरेस्ट करने का अधिकार होगा। तीनों राज्यों में बीएसएफ पुलिस की तर्ज पर कार्रवाई कर सकेगी। निर्धारित सीमा की बॉर्डर से 50 किलोमीटर तक है। पहले यह दायरा 15 किलोमीटर तक का था। केंद्र सरकार के इस फैसले पर विरोधियों को करारा जवाब देते हुए मलिक ने कहा कि पहले यह गुजरात और राजस्थान में 50 किलोमीटर तय किया जा चुका है। मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला किया है।
यह बड़े अफसोस की बात है की पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी व उनकी पार्टी इसका विरोध कर रही है। टीएमसी, आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल व अन्य राजनीतिक पार्टियां भी राष्ट्र हित को अलग रख अपने राजनितिक स्वार्थों की पूर्ती कर रहे है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को देश की सुरक्षा को देखते हुए बीएसएफ को राजनीति में नहीं घसीटना चाहिए। क्योंकि देश की सुरक्षा दांव पर नहीं लगाई जा सकती।
विज्ञापन
विज्ञापन
मलिक ने बताया की सीमा सुरक्षा बल के जवानों के पास अब बांग्लादेश और पाकिस्तान बॉर्डर से लगे राज्य असम, पश्चिम बंगाल और पंजाब में 50 किलोमीटर के दायरे में सर्च और अरेस्ट करने का अधिकार होगा। तीनों राज्यों में बीएसएफ पुलिस की तर्ज पर कार्रवाई कर सकेगी। निर्धारित सीमा की बॉर्डर से 50 किलोमीटर तक है। पहले यह दायरा 15 किलोमीटर तक का था। केंद्र सरकार के इस फैसले पर विरोधियों को करारा जवाब देते हुए मलिक ने कहा कि पहले यह गुजरात और राजस्थान में 50 किलोमीटर तय किया जा चुका है। मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला किया है।
विज्ञापन
यह बड़े अफसोस की बात है की पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी व उनकी पार्टी इसका विरोध कर रही है। टीएमसी, आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल व अन्य राजनीतिक पार्टियां भी राष्ट्र हित को अलग रख अपने राजनितिक स्वार्थों की पूर्ती कर रहे है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को देश की सुरक्षा को देखते हुए बीएसएफ को राजनीति में नहीं घसीटना चाहिए। क्योंकि देश की सुरक्षा दांव पर नहीं लगाई जा सकती।
विज्ञापन