Amritsar: इमीग्रेशन कंसल्टेंट से मांगी एक करोड़ की रंगदारी, गैंगस्टर लंडा के नाम पर प्रेमी जोड़े ने किया कॉल
अमृतसर के इमीग्रेशन कंसल्टेंट की बहन बनकर एक महिला फर्जीवाड़ा कर रही थी। उसके खिलाफ गांव में पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत बुलवाने के बाद इमीग्रेशन कंसल्टेंट के पास धमकी भरे फोन आने लगे थे।
विस्तार
गैंगस्टर हरिके लंडा के नाम पर इमीग्रेशन कंसल्टेंट से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। इमिग्रेशन का काम करने वाले एक पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उनका गांव धराड़ में इमीग्रेशन कंसल्टेंट का ऑफिस है। उनका गांव रख शेखफत्ता जिला तरनतारन है।
आरोपी शहनाजप्रीत कौर उसकी बहन बनकर ग्राहकों से धोखाधड़ी कर अपने खाते में पैसे डलवा लेती थी। ये मामला उसने गांव के गणमान्य लोगों व सरपंच मंदीप के संज्ञान में ला दिया था। जिसके बाद सरपंच ने शहनाजप्रीत कौर को पंचायत में आने को कहा था।
पंचायत हुई तो अंजाम बुरा होगा
11 अगस्त की शाम करीब साढ़े आठ बजे वह गांव धराड़ स्थित अपने कार्यालय में थे, तभी उनके मोबाइल नंबर पर फर्जी मैसेज आया। व्हाट्सएप के जरिए फिर एक कॉल आई जिसमें एक अनजान व्यक्ति ने खुद को डैडी टंगरा बताते हुए कहा कि अगर गांव में पंचायत हुई तो अंजाम बुरा होगा। लड़की की इज्जत का सवाल है। इसके बाद फिर एक कॉल आया जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को डैडी टंगरा बताते हुए कहा कि अगर गांव में पंचायत हुई तो अंजाम बुरा होगा।
12 अगस्त को धमकी भरा सुबह फोन आया। फिर उसी दिन दोपहर 12 बजे के बाद बिल्डिंग मैटेरियल का काम करने वाले उनके दोस्त गुरभेज सिंह को धमकी भरा फोन आया। इसके बाद 22 अगस्त को गुरभेज को एक विदेशी नंबर से कॉल आया जिसमें गैंगस्टर हरिके लंडा के नाम पर एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई।
जंडियाला पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना जंडियाला गुरु में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी शहनाजप्रीत कौर उर्फ सोफिया निवासी गांव रख शेखफत्ता और गुरविंदर सिंह निवासी गांव सरली जिला तरनतारन को पकड़ने के लिए पुलिस ने छापामारी शुरू कर दी है। दोनों आरोपी दोस्त हैं।