कोस्टारिका की ग्रेलिन बनीं पठानकोट के नीरज की दुल्हन: सोशल मीडिया पर दोनों की हुई मुलाकात, फिर प्यार का इजहार
पठानकोट के रहने वाले नीरज कोरोना काल के दौरान कोस्टारिका (सेंट्रल अमेरिका) की रहने वाली ग्रेलिन के नजदीक आए। दोनों की फेसबुक पर मुलाकात हुई और फिर प्यार का इजहार हुआ। इसके बाद ग्रेलिन मीलों का फासला तय करते हुए पठानकोट पहुंची। दोनों ने बुधवार को शादी कर ली।
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लॉकडाउन में दुनिया एक दूसरे से दूर हुई। लेकिन, कुछ लोग ऐसे हैं, जो एक दूसरे के करीब आए। इनमें से एक हैं पठानकोट के नीरज। जो सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक के माध्यम से 16 हजार मील से अधिक दूर कोस्टारिका (सेंट्रल अमेरिका) की रहने वाली ग्रेलिन के नजदीक आए। फेसबुक से शुरू हुई दोनों की दोस्ती व्हाट्सएप पर आई और दो साल की बात के बाद दोनों प्यार के बंधन में ऐसे बंधे कि ग्रेलिन भारत आ गई। बुधवार को दोनों ने शादी रचा ली।
कोरोना की बंदिशों के चलते छह माह देरी से हुआ विवाह
नीरज और ग्रेलिन की लगभग 3 वर्ष पूर्व फेसबुक पर जान-पहचान और फिर दोस्ती हुई। भाषा का फर्क गूगल ट्रांसलेटर ने मिटा दिया। डेढ़ वर्ष पूर्व लॉकडाउन में दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और प्यार का इजहार किया। अब दोनों पति-पत्नी बन गए। नीरज का कहना है कि कोरोना काल में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद न होतीं तो शादी 6 माह पहले ही हो जाती। वह शादी के बाद विदेश नहीं जाएंगे। वहीं, ग्रेलिन को पंजाब का कल्चर और सभ्याचार पसंद है। यहां आकर अच्छा महसूस हो रहा है। वह यहीं रहकर पंजाब की संस्कृति और सभ्याचार समझेगीं।
नीरज का कहना है कि अब घर वाले भी स्पेनिश भाषा सीख रहे हैं। ताकि नई बहू की बातों को समझ सकें और उसे अपनी बात समझा सकें। नीरज ने बताया कि उसके काफी स्पेनिश मित्र हैं। इन्हीं में से एक ग्रेलिन थी। उन्होंने कोरोना काल में निजी कंपनी की मार्केटिंग मैनेजर की नौकरी छोड़ दी थी और अपने पारिवारिक व्यवसाय (फर्नीचर एवं इंटीरियर डिजाइनिंग) में शामिल हो गया। अधिक काम न होने से लॉकडाउन में अधिकतर समय फेसबुक पर बीतने लगा। इसी दौरान ग्रेलिन से एक दो बार बात हुई।
गूगल ट्रांसलेटर ने मिटाई भाषा की खाई
ज्यादा बातचीत होने पर दोनों ने एक दूसरे से व्हाट्सएप नंबर शेयर किया और फिर व्हाट्सएप पर बातें होने लगीं। दोनों गूगल ट्रांसलेटर के जरिये एक दूसरे की बात को समझते थे। 2 साल में नीरज ने स्पेनिश के कई शब्द सीखे और ग्रेलिन को हिंदी के कुछ शब्द समझ आने लगे। नीरज ने बताया कि इसी दौरान ग्रेलिन ने उसे शादी के बारे पूछा तो उसने भी हां कर दी। दोनों ने परिवार को बताया तो सभी राजी हो गए। ग्रेलिन 20 मार्च को पठानकोट पहुंची और बुधवार को दोनों ने मिशन रोड स्थित गुरुद्वारा साहिब में सिख रीति रिवाजों से शादी कर ली।
कोस्टारिका से दिल्ली पहुंचने में लगे 5 दिन
नीरज ने बताया कि ग्रेलिन 14 मार्च को कोस्टारिका से उड़ान भरी। रास्ते में कई फ्लाइट बदलनी थी। कई बार फ्लाइट कैंसिल हुई। आखिरकार 2दिन का सफर 5 दिन में पूरा हुआ और ग्रेलिन 19 मार्च को दिल्ली पहुंची। नीरज ने कहा कि आखिरकार मुसीबतों को भी उनके प्यार के आगे झुकना पड़ा।
ग्रेलिन के पिता सेंट्रल अमेरिका में ट्रांस्पोर्टर
नीरज ने बताया कि ग्रेलिन के परिवार में उसकी मां, पिता और बहन हैं। ग्रेलिन के पिता का ट्रांसपोर्ट का कारोबार है। नीरज का कहना है कि वो चाहते हैं कि ग्रेलिन अब उनके साथ पंजाब में रहे और पंजाबी कल्चर सीखे। उन्होंने कहा कि ग्रेलिन इसके लिए मान भी गई है। पर अभी कुछ दिन बाद वो एक बार अमेरिका में सबसे मिलने जाना चाहती है। उसके बाद वहां से लौटकर यहीं रहेगी।