फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   corona positive died in Amritsar, 14 new case

गुरुनगरी में कोरोना संक्रमित की मौत, 14 नए केस मिले

Sat, 04 Jul 2020 08:27 PM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2020 08:27 PM IST
विज्ञापन
corona positive died in Amritsar, 14 new case
जिले में शनिवार को कोरोना संक्रमित युवक की मौत हो गई। यह कोरोना से 47वीं मौत है। युवक गुरुनानक देव अस्पताल में उपचाराधीन था। भगत सिंह कॉलोनी में रहने वाले इस युवक ने शनिवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शनिवार को 14 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज रिपोर्ट हुए हैं। रिपोर्ट हुए मरीजों में आठ ऐसे हैं, जिनका कोई यात्रा इतिहास नहीं है। भराड़ीवाला से एक, बी ब्लॉक रंजीत एवेन्यू से एक, भगत सिंह कॉलोनी से एक, राजासांसी से एक, मजीठा रोड से एक, इंदिरा कॉलोनी से एक, प्रीत नगर से एक व कबीर पार्क से एक केस रिपोर्ट हुआ हैं। वहीं छह पॉजिटिव मरीज कांटेक्ट से हैं। इनमें आनंद एवेन्यू से तीन, शहीद उधम सिंह कॉलोनी से एक, गंडा सिंह कॉलोनी से एक व कबीर पार्क से एक केस रिपोर्ट हुआ है।
विज्ञापन

14 मरीज स्वस्थ, एक्टिव केस 142
राहत भरी खबर यह है कि शनिवार को 14 मरीजों ने कोरोना को मात दी। अमृतसर में अब एक्टिव केस 142 हैं और इनमें से 95 प्रतिशत के रिकवर होने की संभावना है। पंजाबियों की मजबूत इम्यूनिटी के आगे कोरोना वायरस बेबस है। यह जरूर है कि यह वायरस लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है, पर मजबूत इम्यूनिटी की वजह से ज्यादा नुकसान नहीं कर पा रहा।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली कठघरे में
कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर जहां दिन रात मरीजों की सेवा में जुटे हैं, वहीं विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से कोरोना का प्रसार हो रहा है। दरअसल, कोरोना मरीजों के कांटेक्ट ढूंढने में विभागीय अधिकारी असफल साबित हुए हैं। एक कोरोना मरीज मिलने पर उसके कम से कम दस कांटेक्ट तक विभागीय अधिकारियों को पहुंचना लाजमी है, पर अमृतसर में अब तक सिर्फ 25 फीसदी कांटेक्ट की तलाशे जा सके हैं। दुखद पहलू है कि स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारी वातानुकूलित कमरों में बैठकर कोरोना से लड़ने की योजनाएं तैयार करते रहते हैं, पर फील्ड में नहीं उतरते। दूसरी लापरवाही यह है कि सिविल अस्पताल स्थित आईडीएसी लैब में सैंपलों की टेस्टिंग की प्रक्रिया धीमी रही। यहां कई सैंपलों को दस दस दिन दबाए रखा गया, टेस्टिंग के लिए नहीं भेजा गया। आज भी इस लैब में लोग एक सप्ताह पुराने सैंपलों की रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed